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Inviting Ideas for Non-Institutionalised Rehabilitation of Divyaang Children

आरंभ करने की तिथि :
Oct 01, 2025
अंतिम तिथि :
Nov 30, 2025
17:30 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
In 2025, the Central Adoption Resource Authority (CARA) is placing special focus on promoting family-based care for children with special needs (Divyaang children). In ...
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subodh bansal
7 महीने 3 सप्ताह पहले
दिव्यांग अनाथ बच्चों के लिए मेरी लिखीं और produced की गयी यह माता-पिता की प्रार्थना तो दी जा सकती है जिससे वह थोड़ी सी सांत्वना प्राप्त करेंगे। थोड़ा सा हौसला हिम्मत मिलेगी।
Supreme Religion
साक्षात परम् धर्म
माता पिता भक्ति
प्राथर्ना परिकर्मा नत्य
शुद्धि, स्वास्थ, शांति, शक्ति, शिक्षा पर केंद्रित प्राथर्ना
Youtube for prayer female
https://youtu.be/n9e0U1vg2Rc
Youtube for prayer Male Voice
https://youtu.be/XY-tXb4dcjk
पढ़े ब्लॉग पर कि परम् धर्म क्या है ।
www.mysupremereligion.blogspot.com
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subodh bansal
7 महीने 3 सप्ताह पहले
जनता स्वार्थ में जी रहीं है।
जनता में देश की सेवा की भावना नहीं है जब तक विकसित नहीं होगी तब तक कोई भी व्यक्ति अपने परिवार में किसी को दिव्यांग बच्चें को नहीं रखेगा।
I launched one demo song.
Poster video can change to highlight divyaang caring.
Commitment for Country and Motivational.
Song
देश की सेवा करेगे, देश की रक्षा करेगे .....
Several benefits written on blog.
Youtube video
https://youtu.be/CmdsAD0NzSE
ब्लॉग
https://deshkisevakarenge.blogspot.com
I can also write special lyric for divyaang adopting, caring at family.
Please contact me.
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subodh bansal
7 महीने 3 सप्ताह पहले
My post no. 14
अभी मेरे पास एक अखबार में खबर आई थी कि एक व्यक्ति ने जिसके पास संतान नहीं थी एक बच्चा गोद ले लिया और गोद लिए बच्चें ने बुजुर्ग दंपत्ति को घर से निकाल दिया और संपत्ति हड़प ली। इसलिये लोग किसी को परिवार में रखने से डरते हैं।
दिव्यांग व्यक्ति ऐसी हरकत नहीं करेगा ऐसा मेरा अनुमान है।
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subodh bansal
7 महीने 3 सप्ताह पहले
My post no. 13
कुछ लोग अनाथ बच्चों को रख लेते और वह उनके परिवार में जीवन भर रहते हैं। उनका पैसा तक संभालते हैं। और जब वह मर जाता हैं तो परिवार के लोग ही अनाथ का अंतिम संस्कार करते हैं
अमिताभ बच्चन ने भी एक अनाथ अपने परिवार में नौकर रखा हुआ था जो उनके परिवार में सारा देखभाल करता था। और जब वह मर गया तो अमिताभ बच्चन ने खुद उसको कंधा दिया था और उसका अंतिम संस्कार किया था
मेरे भी एक जानकार है डॉक्टर है उनका भी एक नौकर था जो अनाथ था। जिसकी मौत हो जाने पर डॉक्टर साहब ने खुद ही उसका अंतिम संस्कार किया था। और वह डॉक्टर साहब की सारी संपत्ति का हिसाब रखता था। मतलब डॉक्टर साहब तो रुपए गिनते नहीं थे। जो भी समझ लो कैश आता था वह वही गिनता था वही रखता था।
अगर दिव्यांग बच्चा अपना दैनिक कार्य खुद कर लेता है तो ऐसे बच्चों को रखा जा सकता है परिवार में और उनको सारी सुविधाएं दी जाती है
स्लोगन और प्रचार आयडिया के लिए मुझसे संपर्क कर सकते हैं
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subodh bansal
7 महीने 3 सप्ताह पहले
My post no. 12
जो वयस्क या बूढे व्यक्ति दिव्यांग है, वह दिव्यांग बच्चों को गोद ले सकते हैं। जैसे किसी वयस्क दिव्यांग व्यक्ति को आंख से दिखाई नहीं देता तो वह ऐसे दिव्यांग बच्चों को गोद लेगा जिसे आंख से दिखाई देता हो ताकि एक दूसरे की मदद कर दें।
अगर वह कुछ आर्थिक मदद चाहे तो सरकार को दे देनी चाहिए।
य़ह भी मेरा एक और आयडिया है जिससे इस तरह के प्रचार से दिव्यांग बच्चों को परिवार में गोद लेने की संभावना बढ़ सकती है।
स्लोगन और प्रचार आयडिया के लिए मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
दिव्यांग की दो category बना दे कि एक जो अपना रोज का निजी दैनिक कार्य खुद कर लेते हैं। और दूसरे वह जिनको जरूरत है किसी और व्यक्ति की सहायता की अपने निजी दैनिक कार्य करने के लिए।
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J S Landekar
7 महीने 3 सप्ताह पहले
very good
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Charan Teja
7 महीने 3 सप्ताह पहले
Family is not by blood but by heart.
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J S Landekar
7 महीने 3 सप्ताह पहले
hey
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Himanshu Rana
7 महीने 3 सप्ताह पहले
I strongly support CARA’s initiative for non-institutionalised rehabilitation of Divyaang children.
To ensure every child grows in a loving family environment, I suggest:
1️⃣ Promoting family-based foster care and kinship care models.
2️⃣ Providing financial and counselling support to families adopting or fostering Divyaang children.
3️⃣ Training social workers and adoption agencies to handle special needs with sensitivity and expertise.
4️⃣ Building public awareness to reduce stigma around adoption of children with disabilities.
These steps will help create a more inclusive and compassionate adoption ecosystem in India.
Himanshu Rana
Surat, Gujarat
India.
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Praveen Bhandarakavthe
7 महीने 3 सप्ताह पहले
this accessible was handicapped youths
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