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Inviting comments on the Draft Indian Language Standard "Akshar" for Hindi Language

आरंभ करने की तिथि :
Sep 01, 2025
अंतिम तिथि :
Sep 21, 2025
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
C-DAC, under the guidance of The Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY), and valuable support from the Department of Science and Technology (DST), is leading ...
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RamAshokSingh
9 महीने 2 सप्ताह पहले
"हिंदी 'अक्षर' मानक एक स्वागतयोग्य कदम है। हालांकि, मुझे लगता है कि मोबाइल कीबोर्ड के लिए ट्रांसलिटरेशन नियमों को और सरल करना चाहिए, क्योंकि वर्तमान में हिंदी टाइपिंग में नए उपयोगकर्ताओं को कठिनाई होती है। उदाहरण के लिए, 'shri' को 'श्री' में बदलने के लिए एकरूपता की जरूरत है। साथ ही, क्षेत्रीय बोलियों के कुछ खास अक्षरों को भी शामिल किया जाए।"
जय हिंद जय भारत 🇮🇳 🙏 💕💕
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prateek kumar
9 महीने 2 सप्ताह पहले
भाषा के रूप में 'हिंदी' न केवल भारत की पहचान है, अपितु यह हमारे संस्कृति और संस्कारों की संवाहक है।
आइए, आज राजभाषा हिन्दी के साथ भारत की अन्य भाषाओं के संरक्षण व संवर्धन में अपना योगदान देने का संकल्प लें।
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babulalparmar
9 महीने 2 सप्ताह पहले
हिंदी हमारी मातृभाषा है हर भारतवासी को। स्वदेशी मातृभाषा का उपयोग करें विकसित भारत संकल्प अभियान के सपने को समय सीमा के रहते इस लक्ष्य को हासिल करना हर भारतवासी का सपना होना चाहिए। जय हिंद जय भारत। जय जवान जय किसान।
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Dhanush B Harisuthan
9 महीने 2 सप्ताह पहले
I appreciate the initiative by MeitY, C-DAC, and Bhashini to standardize Hindi under the "Akshar" framework. A unified digital language standard is essential for ensuring inclusivity, accessibility, and uniformity in the fast-growing digital ecosystem of India.
My Suggestions & Views:
Unicode & Cross-Platform Consistency: The standard must ensure seamless compatibility across all devices, operating systems, and platforms to avoid rendering issues of Hindi characters.
2. Phonetic Accuracy:
Care should be taken to preserve the phonetic integrity of Hindi, particularly with consonant clusters (संयुक्ताक्षर) and diacritical marks (मात्राएँ), which are often misrepresented in digital platforms.
3. Ease of Use for Common Citizens:
The standard should simplify Hindi typing and input methods (phonetic keyboard, transliteration, predictive text), making itOpen-Source Availability:
4To encourage adoption, the tools, fonts, and resources developed under Akshar should be made open-source,
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Akash bharti
9 महीने 2 सप्ताह पहले
🧡🤍💚 I see progress the india
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KALLOLCHAKRABARTI
9 महीने 2 सप्ताह पहले
Sanskrit Integration in Indian Language Standards Policy Framework
Respected Officials,
Submitting policy brief on integrating Sanskrit into Akshar initiative. Sanskrit serves as foundation for computational linguistics and AI in Indian languages.
KEY RECOMMENDATIONS:
Sanskrit AI Lab with IIT partnerships
Cybersecurity using Sanskrit phonetics
Economic Impact: 50,000+ cultural tech jobs
Global Leadership in language based AI
Ready implementation framework
BENEFITS:
Enhanced language processing
Indigenous cybersecurity solutions
Cultural technology exports
Youth engagement
Author: Kallol Chakrabarti
Email: kallolchitralimagicpen@gmail.com
ORCID: https://orcid.org/0009-0007-4971-8936
Research: https://zenodo.org/records/17111958
Ready for policy implementation.
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Dhananjay Pratap Singh
9 महीने 2 सप्ताह पहले
ड्राफ्ट मानक में हिंदी भाषा के लिए डेटा बैकअप और रिकवरी प्रक्रिया (Backup & Recovery Process) का स्पष्ट प्रावधान किया जाए। सरकारी दस्तावेज, शैक्षणिक रिकॉर्ड, और महत्वपूर्ण डिजिटल सामग्री के लिए यदि मानक में संरचित बैकअप नीति और डेटा रिकवरी के नियम होंगे, तो डेटा लॉस (data loss) की स्थिति में भी सुरक्षित पुनःप्राप्ति संभव होगी। इससे हिंदी डिजिटल डेटा की विश्वसनीयता और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित होगा।
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Dhananjay Pratap Singh
9 महीने 2 सप्ताह पहले
ड्राफ्ट मानक में हिंदी भाषा के लिए डेटा इंटरचेंज फॉर्मेट्स (Data Interchange Formats) जैसे XML, JSON, CSV आदि के लिए विशेष निर्देश शामिल किए जाएँ। इससे विभिन्न सॉफ़्टवेयर सिस्टम्स के बीच हिंदी टेक्स्ट का सही और त्रुटिरहित आदान-प्रदान (data exchange) सुनिश्चित होगा। उदाहरण स्वरूप: Unicode UTF-8 एन्कोडिंग का अनिवार्य उपयोग, विशेष अक्षरों और स्पेसिंग के लिए स्पष्ट नियम आदि।
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Dhananjay Pratap Singh
9 महीने 2 सप्ताह पहले
ड्राफ्ट मानक में हिंदी भाषा के लिए डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लेख किया जाए। विशेष रूप से जब सरकारी या व्यक्तिगत जानकारी हिंदी में डिजिटल फॉर्मेट में स्टोर की जाती है, तो डेटा की सुरक्षा (encryption), प्राइवेसी (privacy policies), और एक्सेस कंट्रोल (access control) के लिए मानक प्रक्रिया निर्धारित होनी चाहिए। इससे उपयोगकर्ता की संवेदनशील जानकारी सुरक्षित बनी रहेगी।
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Dhananjay Pratap Singh
9 महीने 2 सप्ताह पहले
ड्राफ्ट मानक में हिंदी भाषा के लिए विशेषांक (punctuation marks) और विराम चिह्नों (sentence delimiters) का मानकीकरण किया जाए। विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स पर विराम चिह्नों के उपयोग में भिन्नता देखने को मिलती है, जिससे टेक्स्ट का अनुचित प्रदर्शन या गलत व्याकरण बनता है। यदि इनका एक मानकीकृत नियम निर्धारित किया जाएगा तो हिंदी टेक्स्ट का सही ढंग से रेंडरिंग और व्याकरणिक सटीकता सुनिश्चित होगी।
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