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Inviting comments on the Draft Indian Language Standard "Akshar" for Hindi Language

Inviting comments on the Draft Indian Language Standard "Akshar" for Hindi Language
आरंभ करने की तिथि :
Sep 01, 2025
अंतिम तिथि :
Sep 21, 2025
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

C-DAC, under the guidance of The Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY), and valuable support from the Department of Science and Technology (DST), is leading ...

C-DAC, under the guidance of The Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY), and valuable support from the Department of Science and Technology (DST), is leading the development of digital standards for Indian languages to enable their seamless integration with the internet and emerging technologies.

As part of this effort, the “AKSHAR Document” series has been envisaged to define Coded Character Sets and Composition Rules for scheduled Indian languages. The aforesaid draft standard defines the character repertoire for Hindi, ABNF rules for permissible character combinations, and provides a reference implementation for validation.

This document will form the foundation for ensuring consistency, accuracy, and interoperability in the digital processing of Indian scripts across platforms and applications.

The document has been published by the Bureau of Indian Standards (BIS) for public consultation and is open for comments until 21st September, 2025.

The draft may be accessed at the following link:

Draft Standard Link : https://www.services.bis.gov.in/php/BIS_2.0/dgdashboard/Standrds_review_...

फिर से कायम कर देना
415 सबमिशन दिखा रहा है
Dhananjay Pratap Singh
Dhananjay Pratap Singh 9 महीने 2 सप्ताह पहले
ड्राफ्ट मानक में हिंदी भाषा के लिए डेटा एंट्री और फॉर्म फिलिंग के लिए मानकीकृत फील्ड्स और फॉर्मेट्स निर्धारित किए जाएँ। उदाहरण स्वरूप: नाम, पता, तिथि, संख्या आदि के लिए एकरूप फॉर्मेट्स (जैसे तिथि का स्वरूप: “DD-MM-YYYY”) तय किए जाएँ। इससे विभिन्न डिजिटल फॉर्म्स में हिंदी डेटा की एकरूपता बनी रहेगी और डेटा प्रोसेसिंग आसान होगी।
Dhananjay Pratap Singh
Dhananjay Pratap Singh 9 महीने 2 सप्ताह पहले
ड्राफ्ट मानक में हिंदी भाषा के लिए संक्षिप्त रूपों (abbreviations) और प्रतीकों (symbols) के उपयोग का स्पष्ट नियम शामिल किया जाए। जैसे सरकारी दस्तावेज़ों, तकनीकी लेखों, और डिजिटल फॉर्म्स में अक्सर संक्षिप्त रूप और प्रतीक (जैसे %, ₹, @) उपयोग होते हैं। यदि इनके लिए मानकीकृत नियम होंगे, तो टेक्स्ट की स्पष्टता और समझने में आसानी सुनिश्चित होगी।
Dhananjay Pratap Singh
Dhananjay Pratap Singh 9 महीने 2 सप्ताह पहले
ड्राफ्ट मानक में हिंदी भाषा के लिए उच्चारण (pronunciation) गाइडलाइंस और फोनेटिक एन्कोडिंग का समर्थन शामिल किया जाए। इससे मशीन लर्निंग मॉडल्स, वॉइस रिकग्निशन सिस्टम्स और टेक्स्ट-टू-स्पीच सिस्टम्स में हिंदी शब्दों का सही उच्चारण सुनिश्चित हो सकेगा। उदाहरण के लिए, एक यूनिफॉर्म फोनेटिक स्कीम लागू की जाए जो हर शब्द के सही उच्चारण का मानक रूप प्रदान करे।
Mukta kalra
Mukta kalra 9 महीने 2 सप्ताह पहले
Dear Modi ji The pathway of the Distt Court Janakpuri is in a very bad shape. It's so difficult to even walk, As you fear of twisting your foot. Even the car banged while getting there. It's quite disgusting to see the pathetic position of such an important institution of a metropolitan city. kindly ask your team to inspect and uplift the area of the District Court. Mukta kalra
Neha Sharma
Neha Sharma 9 महीने 2 सप्ताह पहले
अक्षर यानि जो कभी नष्ट न हो इसी तरह हिन्दी भी एक प्राचीन व प्रभावशाली भाषा है, जो 1000 ई. से चली आ रही है। दुनियाभर के 175 देशों में हिन्दी भाषा व्यापक रूप से सिखाई जा रही है। इसके अतिरिक्त मॉरिशस, फिजी, सूरीनाम आदि देशों में हिन्दी को एक आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता प्राप्त है। भारत में भी हिन्दी को 22 भाषाओं के अन्तर्गत संविधान में मान्यता प्राप्त है तथा भारत का व्यापक रूप हिन्दी बोली जाती है। हिन्दी एक प्रभावशाली भाषा व शिष्टाचार की भाषा है। हिन्दी के महत्व को समझते हुए प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 1977 में संयुक्त राष्ट्र संघ के मंच से हिन्दी में भाषण दिया। हमें हिन्दी के महत्व को समझना चाहिए । हिन्दी सिर्फ संप्रेषण का माध्यम ही नहीं यह आत्मविश्वास में भी वृद्धि करती है। महात्मा गांधी, "राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है।" "हिंदी भाषा वह भाषा है जो प्रत्येक भारतवासी को एक सूत्र में पिरो सकती है।" विनोबा भावे, "हिंदी उस देश की भाषा है, जिस देश में 50 करोड़ से ज़्यादा लोग रहते हैं।" अमिताभ बच्चन, "हिंदी दुनिया की सबसे वैज्ञानिक और सुंदर भाषा है।" जय हिन्द!
ABHAY KUMAR
ABHAY KUMAR 9 महीने 2 सप्ताह पहले
इसमें ठीक ठाक काम हुआ है पर अभी बहुत काम बाकी है, इसके आगे यदि बढ़ कर देखा जाए तो वेद और उपनिषद की लिपि पर काम करना आज का डिमांड है क्योंकि भारत का इतिहास इतना सुदृढ़ था कि उन्ही ग्रंथों का अनुवाद करके बहुत सारे नए आविष्कार हो सके हैं, ये यूरोपीय देश कर रहे हैं पर हम पीछे रह गए हैं, AI का ज़माना है इस पर AI से बहुत सी चीज़ें हल हो सकती हैं
Dhananjay Pratap Singh
Dhananjay Pratap Singh 9 महीने 2 सप्ताह पहले
ड्राफ्ट मानक में हिंदी भाषा के लिए वर्जन कंट्रोल और परिवर्तन इतिहास (version control & change history) का प्रावधान रखा जाए। इससे समय-समय पर मानक में किए गए संशोधनों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। उपयोगकर्ता और डेवलपर्स आसानी से देख सकेंगे कि कौन-से नियम कब और क्यों अपडेट हुए। यह पारदर्शिता मानक के स्थायित्व (stability) और विश्वसनीयता (reliability) के लिए लाभकारी होगी।
Dhananjay Pratap Singh
Dhananjay Pratap Singh 9 महीने 2 सप्ताह पहले
ड्राफ्ट मानक में हिंदी भाषा के लिए मल्टीमीडिया कंटेंट (Multimedia Content) के साथ संगतता को भी सुनिश्चित किया जाए। उदाहरण स्वरूप: टेक्स्ट के साथ ऑडियो, वीडियो, और इमेजेज़ का संयोजन करते समय हिंदी टेक्स्ट का सही रूप से रेंडर होना जरूरी है। इससे डिजिटल शिक्षा, सरकारी पोर्टल्स, और कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म पर हिंदी में प्रभावी और इंटरैक्टिव अनुभव संभव होगा।
Dhananjay Pratap Singh
Dhananjay Pratap Singh 9 महीने 2 सप्ताह पहले
ड्राफ्ट मानक में हिंदी टेक्स्ट के लिए स्पेल चेक और ग्रामर चेकिंग टूल्स का समर्थन शामिल किया जाए। यदि मानक में सही अक्षर संयोजन और नियम परिभाषित होंगे, तो हिंदी स्पेलिंग और ग्रामर चेक सिस्टम्स आसानी से विकसित किए जा सकेंगे। इससे उपयोगकर्ता हिंदी में त्रुटिरहित लेखन कर सकेंगे और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर सामग्री की गुणवत्ता बढ़ेगी।