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राज्य सरकार, स्थानीय स्व-शासन और पुलिस भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ कैसे प्रभावी कदम उठा सकती है, इससे संबंधित सुझाव दें

आरंभ करने की तिथि :
Jan 01, 2015
अंतिम तिथि :
Jan 24, 2015
04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
भोले-भाले उपभोक्ता भ्रामक विज्ञापनों के झांसे में आकर विभिन्न ...
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600 सबमिशन दिखा रहा है
kanika gupta
11 साल 5 महीने पहले
More advt from jago grahak jago related to this issue..
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Jayesh Sheth
11 साल 5 महीने पहले
Create special toll free number where people can record the message for any misleading advertisement with specific reasons
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Gopala Krishna Paka
11 साल 5 महीने पहले
i think there should be a special group for education system which should be essential for modern india.
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TANVIR SINGH
11 साल 5 महीने पहले
WHATEVER THE PARTICULAR ADVERTISEMENT IS SHOWING ON TV OR IN NEWSPAPER SHOULD SUBMIT FIRST TO ANY GOVT. ORG. WHICH SHOULD BE SPECIALLY DESIGNED FOR IT. IF IT DO NOT COVER ALL THING OR ANY ONE COMPLAINTS AGAINST IT THEN THE GOVT SHOULD TAKE LEGAL ACTION AGAINST IT SOTHAT ANY OTHER CAN'T REPEAT IT AGAIN.
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Gopala Krishna Paka
11 साल 5 महीने पहले
indianisation of education is essential today.there is a need to the new generation to know about the actual history of our india,patriots.aaryan invasion is totally wrong which is being taught today also.and which was also accepted by romilla thaaper in forien countries even though she accepted&introduced in textbooks herself.
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Prabhat Ponnuri
11 साल 5 महीने पहले
Hi all, I want to give some suggestions regarding providing food at cheaper rates to everybody in the metros and bigger towns. I am not able to find a platform / group to discuss about this on this site. Can someone please guide me.
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Jyoti ranjan kumar
11 साल 5 महीने पहले
कितना अच्छा होता सभी आदर्श गाँव में एक आयुष चिकित्सक होते और सभी अपने पैथी में इलाज करते।
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Kalpajit Banik
11 साल 5 महीने पहले
It should be by a people led crowd sourced department supervised by Govt. Officials. There should be a portal or platform comprising of members of respective fields. Eg. a sub-group of doctor volunteers to check authenticity of claim by health products. Similarly a sub-group of Engineer volunteers to scrutinise related technical products. For submission of complaint one should have to report the ad of the product on the web-portal which should be examined by expert and reported to authority
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R Kamath
11 साल 5 महीने पहले
Sirji,
Propose the following 6 measures :
Part 1/6:MAKE PUBLISHING OF EMAIL ID/CONTACT NO. IN ALL ADVT. MANDATORY
In order to curb ‘Misleading advertisements’, first & fore most, it SHALL BE MADE MANDATORY FOR EVERY ADVERTISER SHALL PUBLISH THEIR EMAIL ID / CONTACT NO. IF ANY, IN THE ADVERTISING (be it in newspaper or on TV or for that matter even hoarding/poster etc.as the case may be), so that, anyone having valid complaint with any advt. can lodge a complaint with firm at d given address!
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R Kamath
11 साल 5 महीने पहले
Part 2 / 6 : PUBLISHER & CUSTOMER COMPLAINT CARE ID SHOULD BE DISPLAYED PROMINENTLY IN ALL ADS – TO BE MADE MANDATORY
Like a statutory warning on the cigarette packet, customer care ID on many consumer products, it should also be made a permanent feature on all advts. Along with email id, contact no. should also be prominently displayed.
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