bajrang lal dhabhai
11 years 6 months ago
हमारी शिक्षा प्रणाली में शरीर और मन को दक्ष बनाने के लिए नाम मात्र की ही व्यवस्था है।आज मंहगी और अच्छी शालाओं में सुविधाओं की भरमार है। इससे हमारे युवा सुविधा भोगी और इसके आदि होते जा र हे हैं। हमें इसके लिए " हार्डलाईफ स्कूलों " की श्रृंखला शुरू करनी चाहिए । नार्वे देश की हार्ड लाईफ स्कूल विश्व में काफी चर्चित रही है जिसमें प्रवेश के लिए युवा लालायित रहते हें।ये स्कूलें ' माॅडल केन्द्र ' बनें।आज हमारा युवा सिर्फ बोध्दिक रूप से ही सक्षम बनने में रूचि रखता है। इस मानसिक भावना को बदलने की आवश्यकता है ।
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