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Tune in to 121st Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 27th April 2025

Tune in to 121st Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 27th April 2025

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rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
साथियो, इस दिशा में कर्नाटका के गडग जिले के लोगों ने भी मिसाल कायम की है। कुछ साल पहले यहाँ के दो गाँव की झीलें पूरी तरह सूख गईं। एक समय ऐसा भी आया जब वहाँ पशुओं के पीने के लिए भी पानी नहीं बचा। धीरे-धीरे झील घास-फूस और झाड़ियों से भर गई। लेकिन गाँव के कुछ लोगों ने झील को पुनर्जीवित करने का फैसला किया और काम में जुट गए। और कहते हैं ना, ‘जहां चाह-वहाँ राह’। गाँव के लोगों के प्रयास देखकर आसपास की सामाजिक संस्थाएं भी उनसे जुड़ गईं। सब लोगों ने मिलकर कचरा और कीचड़ साफ किया और कुछ समय बाद झील वाली जगह बिल्कुल साफ हो गई। अब लोगों को इंतजार है बारिश के मौसम का। वाकई, ये ‘catch the rain’ अभियान का शानदार उदाहरण है। साथियो, आप भी सामुदायिक स्तर पर ऐसे प्रयासों से जुड़ सकते हैं। इस जन-आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए आप अभी से योजना जरूर बनाइये, और आपको एक और बात याद रखनी है – हो सके तो गर्मियों में अपने घर के आगे मटके में ठंडा जल जरूर रखिए। घर की छत पर या बरामदे में भी पक्षियों के लिए पानी रखिए। देखिएगा ये पुण्य कार्य करके आपको कितना अच्छा लगेगा।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
साथियो, भाखड़ा नांगल बांध में जो पानी जमा होता है, उसकी तस्वीरें तो आपने जरूर देखी होगी। ये पानी गोविंद सागर झील का निर्माण करता है। इस झील की लंबाई ही 90 किलोमीटर से ज्यादा है। इस झील में भी 9-10 billion cubic meter से ज्यादा पानी संरक्षित नहीं हो सकता है। सिर्फ 9-10 billion cubic meter! और देशवासियों ने अपने छोटे-छोटे प्रयास से, देश के अलग–अलग हिस्सों में 11 billion cubic meter पानी के संरक्षण का इंतजाम कर दिया है – है ना ये शानदार प्रयास!
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
साथियो, बारिश की बूंदों को संरक्षित करके हम बहुत सारा पानी बर्बाद होने से बचा सकते हैं। पिछले कुछ सालों में इस अभियान के तहत देश के कई हिस्सों में जल संरक्षण के अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। मैं आपको एक दिलचस्प आंकड़ा देता हूँ। पिछले 7-8 साल में नए बने tank, pond और अन्य water recharge structure से 11 billion cubic meter उससे भी ज्यादा पानी का संरक्षण हुआ है। अब आप सोचेंगे कि 11 billion cubic meter पानी कितना पानी होता है?
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
मेरे प्यारे देशवासियो, गर्मी का मौसम शुरू होते ही शहर-शहर, गांव-गांव, पानी बचाने की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं। अनेक राज्यों में water harvesting से जुड़े कामों ने, जल संरक्षण से जुड़े कामों ने नई तेजी पकड़ी है। जलशक्ति मंत्रालय और अलग-अलग स्वयंसेवी संस्थाएं इस दिशा में काम कर रही हैं। देश में हजारों कृत्रिम तालाब, check dam, borewell recharge, community soak pit का निर्माण हो रहा है। हर साल की तरह इस बार भी ‘catch the rain’ अभियान के लिए कमर कस ली गई है। ये अभियान भी सरकार का नहीं बल्कि समाज का है, जनता-जनार्दन का है। जल संरक्षण से ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए जल संचय जन–भागीदारी अभियान भी चलाया जा रहा है। प्रयास यही है कि जो प्राकृतिक संसाधन हमें मिले हैं, उसे हमें अगली पीढ़ी तक सही सलामत पहुंचाना है।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
मेरे युवा साथियो, मैं आज आपसे MY–Bharat के उस खास calendar की भी चर्चा करना चाहूंगा, जिसे इस summer vacation के लिए तैयार किया गया है। इस calendar की एक copy अभी मेरे सामने रखी हुई है। मैं इस calendar से कुछ अनूठे प्रयासों को साझा करना चाहता हूं। जैसे MY–Bharat के study tour में आप ये जान सकते हैं कि हमारे ‘जन औषधि केंद्र’ कैसे काम करते हैं। आप vibrant village अभियान का हिस्सा बनकर सीमावर्ती गाँवों में एक अनोखा अनुभव ले सकते हैं। इसके साथ ही वहाँ culture और sports activities का हिस्सा जरूर बन सकते हैं। वहीं अंबेडकर जयंती पर पदयात्रा में भागीदारी कर आप संविधान के मूल्यों को लेकर जागरूकता भी फैला सकते हैं। बच्चों और उनके माता-पिता से भी मेरा विशेष आग्रह है कि वे छुट्टियों के अनुभवों को #HolidayMemories के साथ जरूर साझा करें। मैं आपके अनुभवों को आगे आने वाली ‘मन की बात’ में शामिल करने का प्रयास करूंगा।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
साथियो, जब परीक्षाएं आती हैं, तो युवा साथियों के साथ मैं ‘परीक्षा पे चर्चा’ करता हूं। अब परीक्षाएं हो चुकी हैं। बहुत सारे स्कूलों में तो दोबारा class शुरू होने की तैयारी हो रही है। इसके बाद गर्मी की छुट्टियों का समय भी आने वाला है। साल के इस समय का बच्चों को बहुत इंतजार रहता है। मुझे तो अपने बचपन के दिन याद आ गए जब मैं और मेरे दोस्त दिनभर कुछ-ना-कुछ उत्पात मचाते रहते थे। लेकिन साथ ही हम कुछ constructive भी करते थे, सीखते भी थे। गर्मियों के दिन बड़े होते हैं, इसमें बच्चों के पास करने को बहुत कुछ होता है। यह समय किसी नई hobby को अपनाने के साथ ही अपने हुनर को और तराशने का भी है। आज बच्चों के लिए ऐसे platform की कमी नहीं, जहां वे काफी कुछ सीख सकते हैं। जैसे कोई संस्था technology camp चला रही हो, तो बच्चे वहाँ App बनाने के साथ ही open-source software के बारे में जान सकते हैं। अगर कहीं पर्यावरण की बात हो, theatre की बात हो, या leadership की बात हो, ऐसे भिन्न-भिन्न विषय के course होते रहते हैं, तो, उससे भी जुड़ सकते हैं। ऐसे कई स्कूल हैं जो speech या तो drama सिखाते हैं ये बच्चों को बहुत काम आत
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
साथियो, आज कर्नाटका में, आंध्र प्रदेश, तेलंगना में उगादि का पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज ही महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा मनाया जा रहा है। विविधता भरे हमारे देश में, अलग-अलग राज्यों में अगले कुछ दिन में असम में ‘रोंगाली बिहू’, बंगाल में ‘पोइला बोइशाख’, कश्मीर में ‘नवरेह’ का उत्सव मनाया जाएगा। इसी तरह, 13 से 15 अप्रैल के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में त्योहारों की जबरदस्त धूम दिखेगी। इसे लेकर भी उत्साह का माहौल है और ईद का त्योहार तो आ ही रहा है। यानी ये पूरा महीना त्योहारों का है, पर्वों का है। मैं देश के लोगों को इन त्योहारों की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। हमारे ये त्योहार भले ही अलग-अलग क्षेत्रों में हो लेकिन ये दिखाते हैं कि भारत की विविधता में भी कैसे एकता पिरोई हुई है। इस एकता की भावना को हमें निरंतर मजबूत करते चलना है।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
साथियो, आप ये तो समझ गए होंगे कि अगल-अलग भाषाओं में भेजे गए संदेश हैं। लेकिन क्या आप इसकी वजह जानते हैं? यही तो वो खास बात है, जो आज मुझे आपसे साझा करनी है। हमारे देश के अलग-अलग राज्यों में आज और अगले कुछ दिनों में नववर्ष शुरू हो रहे हैं। और ये सभी संदेश नववर्ष और विभिन्न पर्वों की बधाइयों के हैं। इसीलिए मुझे अलग-अलग भाषाओं में लोगों ने शुभकामनाएं भेजी हैं।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार। आज बहुत पावन दिन पर मुझे आपसे ‘मन की बात’ करने का अवसर मिला है। आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। आज से भारतीय नववर्ष का भी आरंभ हो रहा है। इस बार विक्रम संवत 2082 (दो हजार बयासी) शुरू हो रहा है। इस समय मेरे सामने आपकी ढ़ेर सारी चिट्ठियाँ रखी हुई हैं। कोई बिहार से हैं, कोई बंगाल से, कोई तमिलनाडु से हैं, कोई गुजरात से हैं। इनमें बड़े रोचक तरीके से लोगों ने अपने मन की बातें लिखकर भेजी हैं। कई सारी चिट्ठियों में शुभकामनाएं भी हैं, बधाई संदेश भी हैं। लेकिन आज मेरा मन करता है, कुछ संदेशों को आपको सुनाऊं –