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Tune in to 121st Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 27th April 2025

Tune in to 121st Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 27th April 2025

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rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
“मन की बात”, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता को संबोधित करने के कार्यक्रम का नाम है। इस कार्यक्रम का पहला प्रसारण ३ अक्टूबर २०१४ को किया गया था । २०१४ में अपने पद को संभालने के बाद प्रधानमंती नरेन्द्र मोदी ने जनता तक अपनी बात पहुँचाने और उन तक अपने पहुँच बनाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया । इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसी एक विषय पर जनता को संबोधित किया जाता है ।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
मेरे प्यारे साथियो, आप मुझे हमेशा की तरह अपने विचार, अनुभव और जानकारियां साझा करते रहें, हो सकता है, आपके आसपास कुछ ऐसा हो रहा हो जो सामान्य लगे, लेकिन दूसरों के लिए वो विषय बहुत रोचक और नया होगा। अगले महीने हम फिर मिलेंगे और देशवासियों की उन बातों की चर्चा करेंगे जो हमें प्रेरणा से भर देती हैं। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद, नमस्कार।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
मेरे प्यारे साथियो, आप मुझे हमेशा की तरह अपने विचार, अनुभव और जानकारियां साझा करते रहें, हो सकता है, आपके आसपास कुछ ऐसा हो रहा हो जो सामान्य लगे, लेकिन दूसरों के लिए वो विषय बहुत रोचक और नया होगा। अगले महीने हम फिर मिलेंगे और देशवासियों की उन बातों की चर्चा करेंगे जो हमें प्रेरणा से भर देती हैं। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद, नमस्कार।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
साथियो, मैं आपको एक और शानदार फूल के बारे में बताना चाहता हूं और इसका नाम है ‘कृष्ण कमल’। क्या आप गुजरात के एकता नगर में Statue of Unity को देखने गए हैं? Statue of Unity के आसपास आपको ये कृष्ण कमल बड़ी संख्या में दिखेंगें। ये फूल पर्यटकों का मन मोह लेते हैं। ये कृष्ण कमल एकता नगर के आरोग्य वन, एकता नर्सरी, विश्व वन और Miyawaki forest में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। यहां योजनाबद्ध तरीके से लाखों की संख्या में कृष्ण कमल के पौधे लगाए गए हैं। आप भी अपने आसपास देखेंगे तो आपको फूलों की दिलचस्प यात्राएं दिखेंगी। आप अपने क्षेत्र में फूलों की ऐसी अनोखी यात्रा के बारे में मुझे भी लिखिएगा।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
मेरे प्यारे देशवासियो, ‘मन की बात’ में अब एक चटपटा सा, और अटपटा सा सवाल! आपने कभी फूलों की यात्रा के बारे में सोचा है! पेड़ पौधों से निकले कुछ फूलों की यात्रा मंदिरों तक होती है। कुछ फूल घर को सुंदर बनाते हैं, कुछ इत्र में घुलकर हर तरफ खुशबू फैलाते हैं। लेकिन आज मैं आपको फूलों की एक और यात्रा के बारे में बताऊंगा। आपने महुआ के फूलों के बारे में जरूर सुना होगा। हमारे गांवों और खासकर के आदिवासी समुदाय के लोग इसके महत्व के बारे में अच्छी तरह जानते हैं। देश के कई हिस्सों में महुआ के फूलों की यात्रा अब एक नए रास्ते पर निकल पड़ी है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में महुआ के फूल से cookies बनाए जा रहे हैं। राजाखोह गांव की चार बहनों के प्रयास से ये cookies बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। इन महिलाओं का जज्बा देखकर एक बड़ी company ने इन्हें factory में काम करने की training दी। इनसे प्रेरित होकर गांव की कई महिलायें इनके साथ जुड़ गई हैं। इनके बनाए महुआ cookies की मांग तेजी से बढ़ रही है। तेलंगना के आदिलाबाद जिले में भी दो बहनों ने महुआ के फूलों से नया experiment किया है। वो इनसे तरह-तरह के पकवान बनाती हैं, जि
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
साथियो, यह हम सबके लिए गर्व करने वाली बात है कि आज हमारे योग और traditional medicine को लेकर पूरी दुनिया में जिज्ञासा बढ़ रही है। बड़ी संख्या में युवा योग और आयुर्वेद को wellness का एक बेहतरीन माध्यम मानकर इसे अपना रहे हैं। अब जैसे South America का देश Chile है। वहां आयुर्वेद तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पिछले साल मैं Brazil की यात्रा के दौरान Chile के राष्ट्रपति से मिला था। आयुर्वेद की इस popularity को लेकर हमारे बीच काफी चर्चा हुई थी। मुझे Somos India नाम की team के बारे में पता चला है। Spanish में इसका अर्थ है – We are India. यह टीम करीब एक दशक से योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने में जुटी है। उनका focus treatment के साथ-साथ educational programmes पर भी है। वे आयुर्वेद और योग से संबंधित जानकारियों को Spanish language में translate भी करवा रहे हैं। सिर्फ पिछले वर्ष की बात करें, तो उनके अलग-अलग events और courses में करीब 9 हजार लोगों ने हिस्सा लिया था। मैं इस team से जुड़े सभी लोगों को उनके इस प्रयास के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
मेरे प्यारे देशवासियो, आज fitness के साथ-साथ count का बड़ा role हो गया है। एक दिन में कितने steps चले इसका count, एक दिन में कितनी calories खायी इसका count, कितनी calories burn की इसका count, इतने सारे counts के बीच, एक और countdown शुरू होने वाला है। International Yoga Day का countdown। योग दिवस में अब 100 दिन से भी कम समय रह गया है। अगर आपने अपने जीवन में अब तक योग को शामिल नहीं किया है तो अब जरूर कर लीजिए अभी देर नहीं हुई है। 10 साल पहले 21 जून 2015 को पहला अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था। अब तो इस दिन ने योग के एक विराट महोत्सव का रूप ले लिया है। मानवता को भारत की ओर से यह एक ऐसा अनमोल उपहार है, जो भविष्य की पीढ़ी के बहुत काम आने वाला है। साल 2025 के योग दिवस की theme रखी गई है, ‘Yoga for One Earth One Health’. यानि हम योग के जरिए पूरे विश्व को स्वस्थ बनाने की कामना करते हैं।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
साथियो, Textile waste से निपटने में कुछ शहर भी अपनी नई पहचान बना रहे हैं। हरियाणा का पानीपत textile recycling के global hub के रूप में उभर रहा है। बेंगलुरू भी Innovative Tech Solutions से अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। यहाँ आधे से ज्यादा Textile waste को जमा किया जाता है, जो हमारे दूसरे शहरों के लिए भी एक मिसाल है। इसी प्रकार तमिलनाडु का Tirupur Waste Water Treatment और renewable energy के माध्यम से textile waste management में जुटा हुआ है।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
साथियो, ‘मन की बात’ में हम देशवासियों की उपलब्धियों के साथ ही अक्सर सामाजिक विषयों को भी उठाते हैं। कई बार चुनौतियों पर भी चर्चा होती है। इस बार ‘मन की बात’ में, मैं, एक ऐसी चुनौती के बारे में बात करना चाहता हूँ, जो सीधे हम सब से जुड़ी हुई है। ये चुनौती है ‘textile waste’ की। आप सोच रहे होंगे, ये textile waste क्या नई बला आ खड़ी हुई है? दरअसल, textile waste पूरी दुनिया के लिए नई चिंता की एक बड़ी वजह बन गया है। आजकल दुनिया-भर में पुराने कपड़ों को जल्द-से-जल्द हटाकर नए कपड़े लेने का चलन बढ़ रहा है। क्या आपने सोचा है कि जो पुराने कपड़े आप पहनना छोड़ देते हैं, उनका क्या होता है? यही textile waste बन जाता है। इस विषय में बहुत सारी global research हो रही है। एक research में यह सामने आया है, सिर्फ एक प्रतिशत से भी कम textile waste को नए कपड़ों में recycle किया जाता है – एक प्रतिशत से भी कम! भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश है, जहां सबसे ज्यादा textile waste निकलता है। यानि चुनौती हमारे सामने भी बहुत बड़ी है। लेकिन मुझे खुशी है कि हमारे देश में इस चुनौती से निपटने के लिए कई सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं।
rakesh kumar meena
rakesh kumar meena 1 year 2 months ago
साथियो, दुनिया में ऐसे कई संगठन भी हैं, जो वर्षों से भारतीय संस्कृति को संरक्षित करने का कार्य कर रहे हैं। ऐसा ही एक संगठन है – ‘Singapore Indian Fine Arts Society’. भारतीय नृत्य, संगीत और संस्कृति को संरक्षित करने में जुटे इस संगठन ने अपने गौरवशाली 75 साल पूरे किए हैं। इस अवसर से जुड़े कार्यक्रम में सिंगापुर के राष्ट्रपति श्रीमान थर्मन शनमुगरत्नम जी Guest of Honour थे। उन्होंने इस organization के प्रयासों की खूब सराहना की। मैं इस टीम को अपनी ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ देता हूँ।