SudhanshiGupta
3 years 1 month ago
हमको उन महान व्यक्तियों से कभी रूबरू नहीं कराया जाता जिन्होंने इस भारत को एक महान देश बनाया। हमने बचपन से आज तक अपनी पुस्तकों में सिर्फ अंग्रेजों या अन्य जिन्होंने भारत को लूटा और बर्बाद किया उनकी कहानियां सुनी है।हम सही पढ़ेंगे तो हम सही निर्णय भी लेने में सक्षम होंगे। अब समय है जब हमको अपनी पुस्तकें पूरी तरह से बदलनी होंगी। हमको अपनी पुस्तकों में हर पृष्ठ पर भारत के महान व्यक्तियों की कहानियां छापनी होंगी। पुस्तकों से हर अंग्रेज का नाम हटाना होगा। आज के साइंटिस्ट हमको वह बताते हैं जो हमारे भारत के ऋषि मुनि हमको हजारों साल पहले हमारे ग्रंथ पुराण उपनिषद संहिताओं में लिख गए। पहले इन ग्रंथ पुराणों को पढ़कर बच्चा कोई भी आजीविका चुन सकता था किंतु आज का बच्चा इतनी सारी पुस्तकों को पढ़कर भी कोई आजीविका नहीं चुन पाता। अगर हमारा मार्ग गलत होगा तो हमारी मंजिल कभी सही नहीं हो सकती।आपसे अनुरोध है की हमारी पुस्तकों को दोबारा से बनाया जाए जिनमें हमारे ग्रंथ पुराणों में लिखी हुई कहानियों को दोहराया जाए जिससे बच्चे को आजीविका में ही नहीं बल्कि उसके साथ उनकी मानसिक,आर्थिक,पारिवारिक समस्यएं भीसुलझ सके
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