Suyash thorat
8 years 3 weeks ago
जब हमारे मन मैं कोई नई कल्पना .कुछ नया खोजने की उन्मीद जागती है .तो घरवाले कहते है हम पैसे देंगे नहीं सफल हुआ तो पैसे भी जायेंगे और वक्त भी अभी तुम्हारी उमर भी क्या है पहले शिक्षा खत्म कर लो फिर ये सोचना . हम कोई नया उपकरण बनाते हैं तो ये सब मत करो पढाई मैं ध्यान लगाओ .कोई खराब चीजों से उपकरण बनाते है तो ये क्या कचरा उठाके लाते हो .
माननीय मोदी जी मेरी आपसे एक विनंती है की ये सब रोकना चाहिये . तभी तो हमरा देश मैं डिजिटल छात्र और युवा तय्यार होंगे .
माननीय पंतप्रधान मोदीजी अगर आपने यह पत्र पढ़ा हो
Like
(2)
Dislike
(0)
Reply
Report Spam