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स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय कृमि मुक्त कार्यक्रम के लिए एक नाम का सुझाव दीजिए

Suggest a name for the National Deworming Program of Ministry of Health and Family Welfare
आरंभ करने की तिथि :
Mar 17, 2015
अंतिम तिथि :
Apr 17, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

राष्ट्रीय कृमि मुक्त कार्यक्रम के लिए एक नाम का सुझाव के लिए ...

राष्ट्रीय कृमि मुक्त कार्यक्रम के लिए एक नाम का सुझाव के लिए स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने पहले भी यह प्रतियोगिता 2 हफ्ते तक रखी थी, परन्तु किसी ‘आकर्षक प्रविष्टि’ के अभाव में यह प्रतियोगिता फिर से की जा रही है । स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय कृमि मुक्त कार्यक्रम के लिए एक नवोन्मेषी और आकर्षक नाम के सुझाव के लिए आमंत्रित करता है. (नाम ज़रूरी नही है की सिर्फ़ कृमि (पेट के कीड़े) तक सीमित हो)

राष्ट्रीय कृमि मुक्तकार्यक्रम - संक्षेप

भारत में लाखों बच्चे कृमि (अर्थात पेट के कीड़े) संक्रमण के जोखिम में हैं। कृमि संक्रमण से शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है, एनीमिया हो जाता है, इससे स्कूल में उपस्थिति और काम करने की क्षमता कम हो जाती है। अल्बेंडाज़ोल गोलियों के अलावा स्वच्छता, पानी व साफ सफाई में सुधार के साथ और स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा ही पेट के कीड़ो का संक्रमण का प्रसार रोका जा सकता है।

राष्ट्रीय कृमि मुक्त कार्यक्रम - कार्य

स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफड्ब्ल्यू) ने 10 फ़रवरी, 2015 को राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस मनाया था । राष्ट्रीय कृमि मुक्त कार्यक्रम का उद्देश्य 1-19 वर्ष की आयु के सभी प्री-स्कूल (पूर्व प्राथमिक) और स्कूल जाने की आयु वाले बच्चों (नामित किए हुए और गैर-नामित दोनों) को एक नियत दिन पर सरकारी स्कूलों के प्लेटफॉर्म, सरकार द्वारा सहायता प्राप्त स्कूलों और आँगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से डी-वार्म (कृमि मुक्त) करना है, जिससे उनके समग्र स्वास्थ्य, पोषण की स्थिति, शिक्षा तक उनकी पहुँच और जीवन की गुणवत्ता में सुधार आ सके।

लक्ष्य: 1-19 वर्ष के आयु समूह के सभी बच्चे व किशोर- किशोरियाँ को अल्बेंडाज़ोल की गोली देना
कहाँ: सभी सरकारी, सरकार द्वारा सहायता प्राप्त स्कूल और आँगनवाड़ी केंद्र

राष्ट्रीय कृमि मुक्त स्वच्छता दिवस पर -- गतिविधियाँ:

• स्कूलों में: स्कूल के शिक्षक सभी स्कूल नामित बच्चों को 1 अल्बेंडाज़ोल की एक गोली देंगे।
• आँगनवाड़ी केंद्रों में: आँगनवाड़ी कार्यकर्ता 1-5 वर्ष के सभी बच्चों को और स्कूल से बाहर के बच्चों/किशोरों को अल्बेंडाज़ोल की खुराक़ देंगे।

यह कार्य राष्ट्रीय कृमि मुक्त कार्यक्रम के लिए एक नाम का सुझाव आमंत्रित करता है।

प्रविष्टि प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 16 अप्रैल 2015 है।

जीतने वाली शीर्ष की तीन प्रविष्टियों से प्रत्येक को रू. 10,000/- का एक नकद पुरस्कार दिया जाएगा तथा सबसे ऊपर की प्रविष्टि को रू. 10,000/- का एक अतिरिक्त नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

तकनीकी प्राचल और मूल्‍यांकन मापदंड के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

जिन प्रतियोगियों ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रतियोगीता "राष्ट्रीय स्वच्छ कार्यक्रम के लिए एक नाम का सुझाव" में पहले प्रविष्टिया प्रस्तुत की थी वे इस समय नई प्रविष्टिया प्रस्तुत कर सकते है।

इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
1861
कुल
802
स्वीकृत
1059
समीक्षाधीन
फिर से कायम कर देना
802 सबमिशन दिखा रहा है
Dr Sanjiv Kumar Verma
Dr Sanjiv Kumar Verma 11 साल 2 महीने पहले
after the successful declaration of results of every exams (schools, colleges & jobs), answer sheets must be returned to the students/candidates for transparency and to close the system of store house and record room which cost crores to the gov directly/indirectly as supreme court of our country did recently. please think over it.
Mani Raj
Mani Raj 11 साल 2 महीने पहले
स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत कार्यक्रम (मिल कर कदम बढ़ाये भारत को स्वस्थ बनाये) स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत कार्यक्रम (मिल कर कदम बढ़ाये भारत को रोग मुक्त बनाये)
Dr Sanjiv Kumar Verma
Dr Sanjiv Kumar Verma 11 साल 2 महीने पहले
My Vision To develop Naturopathy as a ‘System of Harmless Medicine’ and as a ‘Way of Life’ To provide and encourage facilities for all kinds of treatment in Naturopathy To make entire world diseases free in quite natural, cheap, effective (without any bad side effect) ways To give healthy citizens to humanity To reduce the expenses of Government of all countries of the world on medicines & other health related Projects because all most all the diseases are easily cured in Naturopathy
Kishore Kumar Sharma
Kishore Kumar Sharma 11 साल 2 महीने पहले
Dear Sir, Forwarding corrected version...It can be named as "Mission Lal Chehra".. with tagline.. "Keedon ka nash ho,Sehat ka vikaas ho"...because worm infestation is one of the major cause of aneameia and development in growing children. With warm regards. Jai Hind. Kishore Kumar Sharma.