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सर्व सेवा केंद्र के लिए नाम सुझाने और प्रतीक चिन्ह बनाने के लिए आयोजित की गई प्रतियोगिता

Competition for Name and Logo for CSC Scheme
आरंभ करने की तिथि :
Sep 17, 2014
अंतिम तिथि :
Mar 23, 2016
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) योजना की पृष्ठभूमि ...

सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) योजना की पृष्ठभूमि

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा निर्मित और राष्ट्रीय ई-शासन योजना (एनईजीपी) के अंतर्गत स्थापित सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) आईसीटी संपन्न प्राथमिक सेवा है जो ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोरंजन, एफएमसीजी उत्पाद, बैंकिंग, बीमा, पेंशन, उपयोगिता भुगतान इत्यादि क्षेत्रों में सरकारी, वित्तीय, सामाजिक और निजी क्षेत्रों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएँ उपलब्ध कराती है।

योजना को ग्रामीण उद्यमिता और बाजारों को ध्यान में रखकर सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के ढांचे में लागू किया गया है। सीएससी को सेवा केन्द्र एजेंसी (एससीए) जैसे कार्यान्वयन भागीदारों द्वारा स्थापित किया गया है जिसे राज्य मनोनीत एजेंसियों द्वारा बोली की प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त किया गया है। सीएससी का संचालन और प्रबंधन ग्राम स्तरीय उद्यमी द्वारा किया जाता है जिसे एससीए द्वारा नियुक्त किया गया है। इसके अलावा यह भी प्रस्ताव दिया गया है कि हर पंचायत में एक सीएससी की स्थापना की जाए जिससे नागरिको के लिए सार्वजनिक सेवाएँ आसानी से उपलब्ध कराई जा सके।

सर्व सेवा केंद्र के लिए नया नाम और प्रतीक चिन्ह क्यों?

वर्तमान में सभी राज्य सरकारों के सर्व सेवा केन्द्रों के अलग नाम और प्रतीक चिन्ह है। उदाहरण के लिए- झारखंड के सीएससी का नाम प्रज्ञा केन्द्र और गुजरात का ई-ग्राम है। सीएससी एसपीवी ने सीएससी योजना के लिए नाम सुझाने और प्रतीक चिन्ह बनाने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया है। नाम और प्रतीक चिन्ह सीएससी मिशन और उद्देश्य के मूल भाव को दर्शाने वाला होना चाहिए। उपरोक्त विवरण के अनुसार, ग्रामीण भारत में आईसीटी को बढ़ावा देने के लिए सीएससी के माध्यम से विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जाती है।

सीएससी परियोजना की महत्ता और भारतीय नागरिकों के जीवन पर पड़ रहे इसके प्रभाव को देखते हुए यह आवश्यक है कि परियोजना के विचार का सम्प्रेषण प्रभावी ढंग से किया जाए जो लोगों को प्रेरित करे।

परियोजना ब्रांडिंग द्वारा हम चाहते हैं कि लोग यह जानें की हमारे द्वारा किये जा रहे प्रयास उनके लाभ के लिए हैं। सुझाया गया नाम और प्रतीक चिन्ह ब्रांड के उद्देश्य को पूर्ण रूप से दर्शाने वाले होना चाहिए।

सीएससी-एसपीवी सीएससी योजना के लिए ब्रांड बनाने के लिए जनता के प्रस्ताव आमंत्रित करता है(नाम और प्रतीक चिन्ह)। विजेता प्रविष्टि को रु 50,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। तीन प्रतिभागियों को रु 5,000 का सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।

अधिक जानकरी यहाँ से प्राप्त करें|

कार्य के मॉडरेटर:

राहुल जग्गा,
सीएससीई-गवर्नेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड
ई-मेल: : rahul.jagga@CSC.gov.in

इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
2996
कुल
2731
स्वीकृत
265
समीक्षाधीन
फिर से कायम कर देना
2731 सबमिशन दिखा रहा है
shivam smajsevi
shivam smajsevi 10 साल 4 महीने पहले
बहुत अच्छा विकल्प CSC मै बहुत खुश हूँ यह सर्विस पाकर और अच्छे के लिए राज्य और केंद्र दोनों की सारी ऑनलाइन सर्विश होनी चाहिए तब जाकर इसका फायदा ग्रामिढो तक पहुचेगी और ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ ले पाएंगे इस सर्विश से लोग आसानी से लाभ ले प् रहे है बहुत ही अच्छा है मै माननीय पधानमंत्री जी का अभिवादन करता हूँ की उन्होंने इस सर्विश को लांच किया से काफी लोगो को लाभ हो रहा है मई चाहता हूँ की CSC में राज्य और केंद्र दोनों की सारी ऑनलाइन सर्विश हो तभी इसका लाभ हो पायेगा
shivam smajsevi
shivam smajsevi 10 साल 4 महीने पहले
बहुत अच्छा विकल्प CSC मै बहुत खुश हूँ यह सर्विस पाकर और अच्छे के लिए राज्य और केंद्र दोनों की सारी ऑनलाइन सर्विश होनी चाहिए तब जाकर इसका फायदा ग्रामिढो तक पहुचेगी और ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ ले पाएंगे इस सर्विश से लोग आसानी से लाभ ले प् रहे है बहुत ही अच्छा है
MAHANTESH_11
MAHANTESH_11 10 साल 4 महीने पहले
SIR POST OFFICES ARE WORKING IN RURAL AREAS ALL OVER THE COUNTRY RUNNING IN OLD SYSTEM WITH NO TECHNOLOGY.ALL RURAL PEOPLE BELIEVE IN POSTMAN,INSTEAD OF ESTABLISHING CSC TO PROVIDE ALL GOVT,FINANCIAL,SOCIAL,BANKING SERVICESS IN RURAL AREAS,MAKE ALL RURAL POSTAL OFFICES WITH ICT ENABLED.FROM THIS U HAVE TO PROVIDE ALL UR SERVICES.CSC ARE SUCCESSFUL OR NOT IN FUTURE AND ALSO EXPENSIVE