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राष्‍ट्र-व्‍यापीआपात कार्रवाई प्रणाली के लिए लोगो बनाएं

Design Logo for Nationwide Emergency Response System
आरंभ करने की तिथि :
Aug 01, 2015
अंतिम तिथि :
Sep 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत में बहुत पहले से हमारे पास पुलिस, अग्निशमन एवं एम्‍बुलेंस ...

भारत में बहुत पहले से हमारे पास पुलिस, अग्निशमन एवं एम्‍बुलेंस सेवाओं के लिए विभिन्‍न फोन नम्‍बर अर्थात् 100, 102, 103 तथा विभिन्‍न प्रकार की आपात स्थितियों के लिए दूसरे नम्‍बर हैं। यह महसूस किया गया कि सभी आपात सेवाओं को एकल आपात कार्रवाई प्रणाली में परिवर्तित कर दिया जाना चाहिए। आपात की स्थिति में पुलिस बलों और नागरिकों के बीच अंतराल को पाटने की जरूरत महसूस की गई।

उपर्युक्‍त के बदले, गृह मंत्रालय ने पूरे देश में एकल आपात नम्‍बर की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ‘‘राष्‍ट्रीय आपात कार्रवाई प्रणाली (एनईआरएस)’’ की रूपरेखा तैयार की। दूरसंचार विभाग ने इस परियोजना के लिए आपात नम्‍बर ‘112’ आबंटित किया है। यह सेन्‍ट्रल क्‍लाउड सर्विसिज पर उपलब्‍ध आई टी अवसंरचना से लैस एक केन्‍द्रीयकृत प्रणाली है। यह प्रणाली राज्‍य स्‍तर पर पब्लिक सेफ्टी आंसरिंग प्‍वाइंट (पीएसएपी) से जुड़ी हुई है। पीएसएपी सुविधा प्रति दिन चौबीसों घंटे चलेगी और आवश्‍यकतानुसार आपात सेवाएं प्रदान करेगी। आपात सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित एजेंट जिम्‍मेदार होंगे।

इस प्रणाली में मोबाईल फोन कॉल्‍स, लैंडलाइन कॉल्‍स, एसएमएस, ई-मेल, चैट मैसेंजर, सार्वजनिक परिवहन में पैनिक बटन, आई पी पर व्‍वाइस, मोबाइल एप्‍लीकेशन और इन्‍टरनेट युक्तियों जैसे विभिन्‍न स्रोतों से इन्पुट लेने की परिकल्‍पना की गई है। एनईआरएस प्रणाली में इन्‍पुट मैसेज प्राप्‍त होते ही इस पर कार्रवाई की जाएगी और जीआईएस/जीपीएस से लैस वाहनों को भेजा जाएगा। यह एक आधुनिक प्रणाली है जो मामलेपर तब तक ट्रैक रखेगी जब‍ तक कि आपात वाहन द्वाराइसको बंद न कर दिया जाए। आपात सेवा में आरंभ में संकट में फंसी महिलाओं द्वारा किए गए कॉल्‍स पर कार्रवाई करने हेतु पुलिस सेवाएं शामिल होंगी और बाद में इसमें चिकित्‍सा, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन तथा ऐसी अन्‍य आपात सेवाओं को शामिल किया जाएगा। एक बार इसके पूरी तरह कार्यान्वित होने पर देश भर में किसी भी आपात सेवा के लिए कॉल करने वाला कोई भी नागरिक 112 से जुड़ेगा और उस पर आपात कार्रवाई करने वाले व्‍यक्तियों द्वारा कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रणाली का उद्देश्य‍ आपात कार्रवाई करने में लगने वाले समय में कमी लाना, एकल आपात नम्‍बर प्रदान करना, संकट में फंसे नागरिक को उत्तम सेवाएं प्रदान करना, नागरिकों को परामर्श प्रदान करना तथा मामले को बंद किए जाने की ट्रैकिंग करना है। इस प्रणाली से देश में सभी नागरिक लाभान्वित होंगे और सुरक्षित माहौल बनेगा।

भारतीय नागरिकों से राष्‍ट्र-व्‍यापीआपात कार्रवाई प्रणाली के लिए लोगो डिजाइन के लिए प्रविष्‍टियां आमंत्रित की जाती हैं।

चयनित/शॅार्टलिस्‍ट की गई प्रविष्टि को 1 लाख रु. का पुरस्‍कार दिया जाएगा।

प्रविष्‍टि प्रस्‍तुत करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2015 है।

नियम एंव शर्ते, तकनीकी प्राचल और मूल्‍यांकन मापदंड के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
737
कुल
565
स्वीकृत
172
समीक्षाधीन
फिर से कायम कर देना
565 सबमिशन दिखा रहा है
Rojalin Sahoo
Rojalin Sahoo 10 साल 10 महीने पहले
Hello, This designed logo mainly focus on type of service it covers and most importantly emergency 24*7 round the clock features of the services. Inner block of the logo contain information for 24*7 facility and NUMBER allocate for this, after that it defines what services it covers.
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Saubhagya Sharma
Saubhagya Sharma 10 साल 10 महीने पहले
I think it should be well fed into everyone's mind that wherever there is an emergency, 1+1=2, 112 is the last resort. It should be simple and represent a communication medium such as phone. Since this service works well over the internet, it should be demarketed on the logo. Colour like warm red will seek attention. Any device further can have this logo as the icon of application through which this service can be availed. #HomeAffairs, #NationwideEmergencyResponseSystem, #NERS, #MyGov #idieq
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