Ranjit kumar shaw
7 साल 6 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्रीजी, मैं भारत की पौराणीक संस्कृति को पूरे विष्व के पटल पर जन-जन तक पहुंचाने के लिये कार्यरत संस्था के साथ जूऱा हूं. अत: आपसे विनम्र निवेदन है कि देश के प्रत्येक नागरिक तक यह शंदेश पहुंचाने का कष्ट करें कि जब भगवान बुद्ध को अपना शंदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिये सम्राट अशोक को खऱा करना पऱा था, अत: वर्तमान में हमें भी अपनी संस्कृति को यदि वशुधैव कुटुम्बकम् के सिद्धान्त पर चलते हुए पूरे विश्व में पहुंचाना है तो उसके लिये एक देशनिष्ठ और सशक्त राजनैतिक सरकार की भी आवस्यकता है.
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