AJAY
5 साल 7 महीने पहले
कोरोना के प्रति लापरवाही का एक कारण वैक्सीन से अत्याधिक उम्मीद करना भी है कि अब तो सब संकट समाप्त होने वाला ही है। यह सोच घातक सिद्ध हो रही है। स्मरण रहे स्माल पॉक्स इससे भी बड़ी वैश्विक समस्या थी। इसमे मृत्यु दर 30% थी करीब 30 करोड़ लोगों ने जान गवाई। वैक्सीन बनने के करीब 185 वर्ष, दोबारा पढ़ें 185 वर्ष बाद ही विश्व से स्मॉल पॉक्स समाप्त हो सका। शायद जैविक हथियार के रूप में उसका वायरस है।
सरकार व मीडिया को बढ़ा चढ़ा कर वैक्सीन के बारे मे रिपोर्ट करने से बाज आना चाहिए। ताकि फोकस बना रहे।
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