prashant soni
6 साल 6 महीने पहले
कई जगह मैंने सोसल मीडिया में पढ़ा की नोबेल पुरस्कारों में भेदभाव होता है (व्यक्ति गत तौर पर पारदर्शी प्रतीत होता है
क्यों ना भारत द्वारा इस से बड़े पुरस्कार की शुरुआत की जाए। उद्योयोगपति इस को ब्रहत स्वारूप दे सकते हैं
जैसे कि हर देश छोटे रास्ते (पगडंडी) और हाईवे /एयरपोर्ट (अंतरास्ट्रीय स्तर) के बैसे ही एक युनीवरसिटी होनी चाहिए जो सभी स्तर में दुनिया की सबसे बेहतरीन हो इसके लिए मंदिरों के ट्रस्ट से सहयोग के लिए प्रेरित किया जा सकता है
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