SHIRALEE_RUNWAL
4 साल 7 महीने पहले
ग़म नहीं कृषि-कानूनों की
व्याख्या न कर पाए,
प्रसंग-संदर्भ ठीक था...
बस, भाव नहीं भर पाए !
शायरा ~
डॉ. शिराली अरविंद रुनवाल
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