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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 26 दिसंबर 2021 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 26 दिसंबर 2021 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

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vijay sharma
vijay sharma 4 साल 6 महीने पहले
नमस्कार श्री मान,विगत समय की तरह वर्तमान परिवेश में ट्रक व्यवसाय की पूरी तरह से उपेक्षा की जा रही है। जहां तक हो सके इस व्यवसाय का शोषण किया जा रहा है। कोविड कि समय मे पूरी शिद्दत से ट्रक वालो ने काम किया लेकिन पुलिस ने उसे फिर भी लूटा, कई समय तक भोजन के बिना भी काम किया,लेकिन मजाल है किसी ने भी उनकी सराहना की हो।आज ये उद्योग तंगहाली से गुजर रहा है।महंगे टोल, डीजल,मोटी टैक्स और बीमा की कीमतें,नाजायज चालान,अवैध वसूली,रात में चोरों और दिन में पुलिस की लूट,वसूली का डर।कभी इनकी भी सुध लो साहिब🙏🙏
Madhusmita Hota
Madhusmita Hota 4 साल 6 महीने पहले
Honourable PM sir, I would like to request you to see the sector of senior citizens, health sectors, online frauds, railway sector and law system. All are being expoited in different means. There is no senior citizen concession given yet. All trains are also being not run. Think of them who cant afford to pay suchba hefty amount for railway tickets who run with their pension only. Next, there should be more number of govt hospitals in each states. Population control and environmental protection has been so crucial. And there should be massive reforms in our judicial system. Its way too old now. Everything should change with time. Please think of senior citizens. They r being exploited by railway increased fare and non payment of DA. N go to the ground level to see how farmers are facing troubles. All have to work from ground level. Thank you sir.
Venkateshwarlu Neelam
Venkateshwarlu Neelam 4 साल 6 महीने पहले
Namaste Sir, Please give approvals for Technical Online and Distance Education System for Open Universities. This education system is helpful for working technicians and working engineers to enhance their educational qualifications and to get promotional opportunity at where they are working. This system is also useful for improving educational gross enrolment ratio, GER...
dinesh gaur
dinesh gaur 4 साल 6 महीने पहले
भारत में चालू मुफ्तखोर योजनाओं ने नागरिकों को भ्रष्ट बना दिया है| इसलिए इन को बंद किया जाए और नागरिक एवं परिवारों को स्वावलंबी बनाया जाए| रोजगार उपलब्ध कराया जाए|
dinesh gaur
dinesh gaur 4 साल 6 महीने पहले
भारत में शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में लागू आरक्षण कार्य की गुणवत्ता को कमजोर कर रहा है |इसलिए आरक्षण का विकल्प निकालना बहुत आवश्यक हो गया है|
Arvind Dubey
Arvind Dubey 4 साल 6 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी मेरा आपसे यह अनुरोध है कि शिक्षा और स्वास्थ्य दो चीजों मे भ्रष्टाचार बहुत ज्यादा है सरकारी विद्यालयों में कोई पढ़ाना नही चाहते हैं और उन स्कूल p पे सरकार का पैसा ज्यादा व्यय हो रहा pvt स्कूल वाले इसका फायदा उठा रहे है हर वर्ष किताबे बदल के जरूरत से ज्यादा फीस वसूल के तो आप एक पाठयक्रम बनावे वो सरकारी और प्राइवेट दोनो में लागू हो जिससे सरकारी विद्यालयों में ज्यादा से ज्यादा बच्चे पढ़े 2 प्राईवेट कर्मचारी के वेतन का मानक सही नहीं है सर मिनिमम वेतन आप लोग जितना रखे हैं उससे किसी एक आदमी के खाने का नही हो सकता तो वह परिवार का पालन कैसे कर पाएगा इंजीनियरिंग और ग्रेजुएशन के बाद जब कोई जॉब कर रहा है तो सर उसे 10000 से 15000 रुपए महीने के मिलते है तो सरकार को एक मानक तय करना चाहिए 3 सरकार को नए रोजगार को अवसर की तलाश करनी चाहिए 4 जनसंख्या नियंत्रण बहुत जरूरी है सर उम्मीद करते हैं कि देश की आर्थिक स्थिति को गति मिले और सबको शिक्षा और स्वास्थ्य फ्री हो बाकी किसी चीज को फ्री की जरूरत नहीं पड़ेगी धन्यवाद
dinesh gaur
dinesh gaur 4 साल 6 महीने पहले
राज्य सरकार के स्कूलों में स्वच्छ जल और शौचालयों का अभाव है और कहीं है भी तो अच्छी साफ सफाई नहीं रहती| इसलिए प्रत्येक विद्यालय में शौचालय की स्थापना के लिए सुलभ काम्प्लेक्स एजेन्सी को नियुक्त कर देना चाहिए|
dinesh gaur
dinesh gaur 4 साल 6 महीने पहले
राज्य सरकार के स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा का भौतिक और शैक्षणिक वातावरण अच्छा नहीं है| प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर बच्चे बहुत कमजोर है अतः भावी पीढ़ी के भविष्य के लिए प्राथमिक शिक्षा पर ही विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है |प्राथमिक शिक्षा पर प्रत्येक विषय पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है ,प्रत्येक कक्षा के लिए एक क्लासरूम होना आवश्यक है, बैठने के लिए अच्छे मेज और स्टूल चाहिए ,लिखने के लिए बोर्ड चाहिए| लेकिन स्कूलों में ऐसा कुछ भी नहीं है आज भी बच्चे फटी दरीपट्टी पर खुदे हुए कमरे में बैठकर अध्ययन कर रहे हैं| केंद्र स्तर पर एक एजेंसी का गठन किया जाए जो एक व्यापक योजना बनाएं और स्कूलों का विकास करें |इस कार्य से शिक्षकों को एकदम मुक्त रखा जाए|
Manpreet Singh Brar
Manpreet Singh Brar 4 साल 6 महीने पहले
namste pm sir sir main punjab se ik middle class family se hu meri request hai ke jo bhi govt posts atti hai unme gen ki merrit me other category ko na involve Kiya Jaye hme bhi 24 hour hi milte hai day night k jinme job bhi krni hoti hai study bhi .agr kise job me gen ki 100 vacancy hai unme se 50 to app category vale Dall dete hai or unki categary ki jo vaccancy hai vo to alg se select ho hi jati hai agr kisi ne gen main apply krna hai to gen fees bhar k apply kre plz sir espe kush kijiye
dinesh gaur
dinesh gaur 4 साल 6 महीने पहले
राज्य सरकारों की स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को बूथ लेवल अधिकारी, चुनाव, जनगणना ,राहत कार्य जैसे अनेक गैर शैक्षणिक कार्यों में लगा दिया जाता है |जिससे गरीब बच्चों की शिक्षा बाधित होती है| शिक्षक भी अपने शैक्षणिक कार्य को नहीं कर पाते| अतः शिक्षकों को गरीब बच्चों के हित के लिए गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्त किया जाए|