Dinesh Neerav
4 साल 2 सप्ताह पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, सरकार के खिलाफ आये दिन बहुतेरे प्रदर्शन हो रहे हैं, जो हिंसा व आगजनी में अनायास ही परिवर्तित हो जाते हैं. इसमें कुछ तो लोग पीड़ित होते हैं पर कुछ शरारती तत्वों को भी अपना हाथ सेंकने का मौका मिल जाता है. फिर सरकार झुकती है, फिर लेट जाती है. ... सन्देश जनता में ऐसा क्यों गया है कि बिना तोड़फोड़ व हिंसा के सरकार सुनती नहीं है. जितना बड़ा बवाल, उतनी जल्दी सुनवाई ... यहाँ शब्द सीमा है अतः विस्तार के लिए कृपया संलग्न फाइल देखें।
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