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अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना

किसी भी राष्ट्र की प्रगति विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान में हुई निरंतर वृद्धि पर निर्भर करती है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए हमारा अनुसंधान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरुप होना चाहिए। भारतीय शिक्षा और अनुसंधान की प्रमुख कमजोरी भारतीय अनुसंधान में विश्वविद्यालयों द्वारा हिस्सेदारी का अपेक्षाकृत बहुत कम होना है। सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए जा सकते है। इसके अलावा अंतःविषय अनुसंधान सहित लिबरल कला और सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान को बढ़ावा देना भी महत्वपूर्ण है। सरकार को अनुसंधान और विकास की गतिविधियों के लिए अपने आवंटन को बढ़ाने तथा संस्थागत स्तर पर, शिक्षण के साथ अनुसंधान को भी जोड़ने की जरूरत है। सरकार द्वारा संकाय विकास में निवेश और अनुसंधान के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने तथा अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थाओं के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ावा देने की भी जरूरत है।

• छात्रों एंव संकाय सदस्यों में अनुसंधान और नवाचार की योग्यता के विकास के लिए क्या किया जाना चाहिए?
• शिक्षकों और छात्रों में अनुसंधान क्षमताओं को विकसित करने के लिए क्या किए जाने की जरूरत है?
• अनुसंधान के एजेंडे को उच्च शिक्षा स्तर पर इनकी प्राथमिकता के आधार पर किस प्रकार लागू किया जाना चाहिए?
• निजी एजेंसियों को विश्वविद्यालयों में अनुसंधान और नवाचार गतिविधियों में धन निवेश करने के लिए कैसे प्रेरित एंव प्रोत्साहित किया जा सकता है?
• अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित में से किस सुझाव को लागू किये जाने जरूरत है?

आउटकम आधारित अनुसंधान वित्तपोषण।
सामाजिक विज्ञान और बुनियादी विज्ञान दोनों के लिए लिबरल अनुसंधान अनुदान।
नवीन अनुसंधान करने के लिए सीड मनी के साथ ऊष्मायन केन्द्रों की स्थापना।
बौद्धिक संपदा के सृजन के लिए अग्रणी अनुसंधान।
केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में रिसर्च पार्क की स्थापना।
शिक्षकों की संयुक्त नियुक्तियाँ - शोधकर्ताओं को पढ़ाने और शिक्षकों को अनुसंधान में सक्रिय करने के लिए।
अंतर-अनुशासनात्मक अनुसंधान - संस्थानों को मौजूदा विषयों पर नए ज्ञान के निर्माण के लिए एक जुट होना चाहिए।

• हम भारत को अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं के लिए एक इष्ट गंतव्य कैसे बना सकते हैं। हम विदेशों से अनुसंधान और विकास के लिए अनुदान कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

मॉडरेटर का नामः प्रो. पार्थ पी. चक्रवर्ती, निदेशक, आईआईटी खड़गपुर।
दिन, तिथि एंव समयः बृहस्पतिवार, 18 जून, 2015 शाम 4 बजे।

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