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आरंभ करने की तिथि :
Mar 16, 2016
अंतिम तिथि :
Mar 28, 2016
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
Next 'Mann ki Baat' is on 27th March, 2016. Prime Minister Narendra Modi looks forward to sharing his thoughts on a number of themes and issues. ...
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टिप्पणियाँ (1)
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Suhas Digambar Kulkarni
10 साल 4 महीने पहले
Respected PM Sir,
Please give suggestion to people for save water.
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kratagya
10 साल 4 महीने पहले
dear sir,
we have soo many holy rivers and seas in india. but why indians have to visit other countries for cruise.please think about it sir we have to establish some important arrangments to make india more beautiful. please sir lets make india the most beautiful place for in all over the world. i have full plan for this if you really give me opprtunity and your help i am glad to work on this. we are operating a travell agency soo we have so many plans to make attraction towards india.
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Partha Pratim Dey
10 साल 4 महीने पहले
Dear Sir, From the bottom of my heart I would like to thank you and your team of ministers for having started the development work on a fast pace in different fields. However with a vast country like ours there will be challenges and I am sure with your guidance and support from like minded people they will not bogged down by the ulmite goal of achievement and keep India shining. Our ultimate goal as of now seems to be tightening the corridors of terriorism & refreshing educational system.
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ANUP KOLGE
10 साल 4 महीने पहले
GOVT OF INDIA MUST NOT GIVE SUBSIDIES TO ALL THE STATE GOVERNMENTS UNLESS STATE GOVERNMENTS HAS REPAYED THEIR EXISTING LOANS, OR DEBT OR DUTIES. IN INDIA MANY OF THE DEBT IS CREATED BY THE POLITICIANS BY TAKING EXCESS LOANS AND APPROVING WRONG TENDERS FROM CENTRAL GOVT FOR THEIR PERSONAL PROFITS. CENTRAL GOVT MUST NOT GIVE ANY GRANTS OR BUDGETARY PROVISION FOR CONSTRUCTING STATUES PARKS MEMORIALS AND OTHER MONUMENTS OF REPUTE BECAUSE CONSTRUCTION OF STATUES LEADS TO ADDITIONAL BURDEN OF 300 CR
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Madhu Mishra
10 साल 4 महीने पहले
आज की अधिकांश बीमारिया सफ़ेद शक्कर और सफ़ेद नमक के कारण है फिर जो केमिकल उर्वरक वाला गेंहू चावल सब्जी खा रहे है उसके कारण है अगर सरकार इन केमिकल पर रोक लगा दे तो अगली पीडी पर जाने वाली बीमारियों पर रोक लगायी जा सकती है कोई भी डॉक्टर आपको सच नहीं बताएगा , आप इलाज़ करते रहो और फीस देते रहो पर सच ये है की उत्पादकता बढाने के नाम पर फसलो में सिर्फ रासायनिक उर्वरक डाल कर हम रसायन ही खा रहे है सफेद चीनी तो हमारा शरीर खोखला कर रही है और ये सफेद नमक तो बंद हो जाना चाहिए
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ANUP KOLGE
10 साल 4 महीने पहले
GOVT OF INDIA MUST KEEP EXCISE DUTY AT SAME RATE FOR CONTROLLING THE PRICES OF ALL THE ESSENTIAL COMMODITIES AND OTHER ITEMS. GOVT MUST INCURR HEAVY TAXES ON ALL THE COMPANIES IN ORDER TO RECOVER LOSSES FROM ALL THE COMPANIES TO HAVE PROPER WATER STORAGE AND WAREHOUSES FACILITIES AND FOOD GRAIN FACILITIES TO GIVE BENEFITS TO FARMERS, POOR PEOPLE, AND MIDDLE CLASS PUBLIC
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Sarvesh Kumar Gupta
10 साल 4 महीने पहले
Kindly thrust upon the people to question to the public representatives as to what has been contributed or what is being made by them in the interest of people and the area of operation. And this could be a regular exercise say QTLY, Half Yearly, annual or so because people normally awake themselves on this account only on the eve of elections while people should not allow Pradhan,Sabhasad,MLA,MLC or MP to remain IDOL or sleepy as you are appraising your efforts as PM to make Bharat great.
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ANUP KOLGE
10 साल 4 महीने पहले
WATER IS SCARCE RESOURCE WHICH IS DEPLETING VERY FAST DUE TO LARGE POPULATION WHICH NEEDS A CONTROL. SECONDLY IN APRIL AND MAY MANY OF RIVERS, LAKES GET EXHAUSTED FOR WHICH MOST OF WATER MUST BE BROUGHT FROM NORTH INDIA LIKE HIMACHAL PRADESH, JAMMU KASHMIR, UTTARAKHAND, NEPAL, THROUGH PIPELINES, RAILWAY TANKERS, HELICOPTERS TO POOR AND MIDDLE CLASS PEOPLE STAYING CHAWLS, HUTS AND RESIDENTIAL HOMES. DAM WATER MUST BE USED ONLY FOR AGRICULTURAL PURPOSES.
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vaibhav deep
10 साल 4 महीने पहले
माननीय प्रधामंत्री जी
मेरा सुझाव आरक्षण को लेकर है। सिर्फ सरकारी विद्यालय से पास हुए छात्रों को ही कॉलेज में आरक्षण मिलना चाहिए एवम सभी सरकारी मुलाज़िमों के बच्चो को भी सरकारी विद्यालय में ही दाखिला लेना होगा, इससे दो लाभ होगे, एक सरकारी विद्यालय में शिक्षा का स्तर को और ऊचा होने में सहयोग प्राप्त होगा तथा केवल अक्षम एवं गरीब परिवारो का स्तर ऊचा करने में सहयोग मिलेगा। परन्तु ये सिर्फ उन्ही छात्रों को लाभ मिलेगा जो शुरू से ही सरकारी विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर रहे हो।
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Arun Kumar
10 साल 4 महीने पहले
सादर नमस्कार। श्रीमान जी मैं आपका ध्यान ठेकेदारी प्रथा के अन्तर्गत कार्यरत युवाओं की ओर ले जाने की अनुमति चाॅहता हूॅ। सरकारी मंत्रालयों⁄विभागों में इस प्रथा के अन्तर्गत लाखों कर्मचारी कार्यरत है‚ परन्तु उन सबके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है जैसे कि समान पद पर समान वेतन नही मिलना‚ प्रतिवर्ष वेतनवृद्धि नही होना‚ मंहगाई भत्ते का लाभ नही मिलना आदि वास्तविक समस्याऐं है। मान्यवर हम सभी को कभी भी नौकरी से हटायें जाने की धमकी दे दी जाती है‚ सर जी पिछले कई वर्षो से से हम सरकार की सेवा कर रहे हैै।
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