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Science-Society-Setu for #AatmaNirbharBharat

आरंभ करने की तिथि :
Oct 15, 2020
अंतिम तिथि :
Oct 31, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
For the realization of the Hon PM Shri Narendra Modi’s vision of Aatmanirbhar Bharat, we need to develop Science & Technology (S&T) interventions that identify the problems that ...
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RISHIDEV ARYA
5 साल 8 महीने पहले
Q.4
यदि हम e-waste का समुचित सदुपयोग और उसको recycle करना सीख जायें, तो चीन जैसे देशों पर हमारी निर्भरता कम हो जायेगी।
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RISHIDEV ARYA
5 साल 8 महीने पहले
Q.2
खेतों में पराल जलाने से बहुत अधिक वायु प्रदूषण होता है। यह समूचे उत्तर भारत को प्रभावित करता है।
पिछले साल इसके कारण दिल्ली में पर्यावरणीय आपातकाल लगा दिया गया था।
इस पराल का प्रयोग रस्सी बनाने में किया जा सकता है। इसके 2 लाभ होंगे।
1. अपशिष्ट पराल का सदुपयोग हो सकेगा।
2. वायु प्रदूषण नहीं होगा।
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RISHIDEV ARYA
5 साल 8 महीने पहले
Q.2
Use of traditional methods in Agriculture can augment the latest technology. It will also boost up the economy of Rural areas. Let's see the following example.
If we use the traditional Bullock Cart & Ox method for ploughing of field, then it will have the following benefits.
1. It is Eco friendly because there is no pollution.
2. It will keep the farmer physically fit.
3. The unnecessary medical expenses will be saved.
4.People will keep animals like Ox and male buffalo
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RISHIDEV ARYA
5 साल 8 महीने पहले
जब से Science-Society-Setu for #AatmaNirbharBharat का नाम सुना है, तब से बार-बार रामायणकाल में वानरसेना द्वारा निर्मित रामसेतु की याद आ रही है।
उन्होंने भी Hydraulic Science का प्रयोग करते हुए समुद्र पर राम-Setu बनाया, और लङ्का तक पहुँचने हेतु स्वयं को AatmaNirbhar बनाया।😊
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RISHIDEV ARYA
5 साल 8 महीने पहले
Q.4
Lack of awareness is a big challenge in adopting new technology.
These days, many urban families are using RO for purifying drinking water. In RO, a considerable amount of Water get wasted. This so-called wasted Water can be made in to use, if collected properly, and then harvested for Washing and Cleaning. But people need Awareness for bringing this into practice.
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RISHIDEV ARYA
5 साल 8 महीने पहले
Q.4
The lack of awareness is a bi constraint in adopting new technology.
For a long time, Government is asking people to segregate their household garbage into the Dry Waste and the Wet Waste. But people are not following.
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Saurabh Desale
5 साल 8 महीने पहले
For Atmanirbhar bharat we need to develop rural areas and build some new laws and disciplinery actions
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Saurabh Desale
5 साल 8 महीने पहले
For ar
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DHEERAJ KUMAR PANDEY
5 साल 8 महीने पहले
The use of indigenous knowledge has been seen by many as an alternative way of promoting development in poor rural communities in many parts of the world. By reviewing much of the recent work on indigenous knowledge, the paper suggests that a number of problems and tensions has resulted in indigenous knowledge not being as useful as hoped for or supposed. These include problems emanating from a focus on the factual; binary tensions between western science and indigenous knowledge system.
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DHEERAJ KUMAR PANDEY
5 साल 8 महीने पहले
आत्मनिर्भर भारत के लिए सबसे आवश्यक हैं हम अपने शिक्षा के ढांचे मे परिवर्तन करें। प्राइमरी लेवल के प्श्चात बच्चों की रुचि के अनुसार उनको कोई न कोई हाथ का कार्य सिखाया जाए।अंग्रेजी भाषा का बोझ न लादा जाए आज भी भारत के 90% प्रतिभा को इसी भाषा ने दबा रखा है
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