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MyGov@6 के मौके पर एक गीत/जिंगल बनाएं, इसे कंपोज करें और रिकॉर्ड कर साझा करें

आरंभ करने की तिथि :
Jul 03, 2020
अंतिम तिथि :
Jul 20, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

MyGov की हर गतिविधि में आपकी सक्रिय भागीदारी के लिए सभी #CitizenMyGov को ...

MyGov की हर गतिविधि में आपकी सक्रिय भागीदारी के लिए सभी #CitizenMyGov को बहुत-बुहत धन्यवाद। हमें आपकी राय, सुझाव और प्रविष्टियों का हमेशा इंतजार रहता है! जैसा कि आप जानते हैं कि MyGov के 6 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर आपको अपनी क्रियेटिविटी दिखाने का एक सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। आप अपना एक गीत/जिंगल बनाएं और इसे रिकॉर्ड कर हमसे साझा करें।

भेजने की प्रक्रिया

एक मूल गीत/जिंगल बनाएं और कंपोज करें (भेजी गई सामाग्री में कोई भी कॉपीराइट गीत/जिंगल नहीं होना चाहिए)

खुद गाएं और इसे रिकॉर्ड करें

यूट्यूब पर अपने गीत/जिंगल अपलोड करें

इस चर्चा के फोरम में अपना YouTube लिंक साझा करें

विषय: 2014 से भारत सरकार की गतिविधियों में जनभागीदारी को बढ़ावा

अंतिम तिथि: 20 जुलाई 2020

प्रोत्साहन/ परितोषण: सर्वश्रेष्ठ 6 प्रविष्टियों को MyGov के सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर साझा किया जाएगा

फिर से कायम कर देना
1131 सबमिशन दिखा रहा है
Anil Kumar Jaswal
Anil Kumar Jaswal 5 साल 11 महीने पहले
सरकार की ऐप, माई गोवमैंट , जोड़ती सबको सरकार के साथ, जो कोई इसके कार्यक्रमों में ले भाग, जीतने पे देती पुरूस्कार। मांगती सबसे सुझाव, अगर हो उचित, तो शामिल हो जाता निश्चित, सबको मिलता उसका लाभ, बन जाती लोगों की भागीदारी की मिसाल।ऐसा हुआ पहली बार, साक्षी भारतीय इतिहास, सरकार की नीतियों का बताती यथार्थ।
Subhash Sadashiv Zingade
Subhash Sadashiv Zingade 5 साल 11 महीने पहले
संगीत मे संप्तरंगो के स्वर और स्वर के आपणे आपको गुण गुणानेका मौका कभी कभार मिलता है जीवन मे संगीत सुननेका मजाही कुछ और है, जय नमो
pankaj sahare
pankaj sahare 5 साल 11 महीने पहले
एक समय ऐसा भी होगा किसने ऐ जाना था ऐसा काल दुनिया पे मंडराएगा ऐसा किसने जाना था इसका इलाज किसी इतिहास पुस्तक में नहीं मिलेगा ऐसा प्रलय एक दिन आना था मनुष्य भूल गया अपनी इंसानियत किसने ऐसा जाना था प्रकृति को भुला इंसान किसने ऐसा जाना था कहर बनके आया कोरोना किसने ऐसा जाना था थम गई ंदुनिया किसने ऐसा जाना था इंसान इंसान से दूर होने लगा किसने ऐसा जाना था वारे कुदरत तेरा खेल इंसान ने भी नही जाना था जिस कोक से जन्मा बेटा जिसको माँ से अपने दूर जाना था एक समय ऐसा भी होगा किसने ऐ जाना था