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Inviting comments on the Draft Indian Language Standard "Akshar" for Hindi Language

आरंभ करने की तिथि :
Sep 01, 2025
अंतिम तिथि :
Sep 21, 2025
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
C-DAC, under the guidance of The Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY), and valuable support from the Department of Science and Technology (DST), is leading ...
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टिप्पणियाँ (1)
टिप्पणियाँ (1)
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Andaluri Srinivas
9 महीने 3 सप्ताह पहले
First standardize Hindi language
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RANDHIR KUMAR
9 महीने 3 सप्ताह पहले
wonderful 👍
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kunal kishore
9 महीने 3 सप्ताह पहले
AKSHAR is a Swadeshi coding system to adjust hindi according to digital and techno savy world.language is a medium to read, write and speak for doing any kind of activity.first point is to develop hindi key board for smooth typing.second digital hindi dictionary has to be made for collect a bank of word.third all computer application should be available in hindi for their proper use.
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Subhash Chander Verma
9 महीने 3 सप्ताह पहले
Comments has been asked on draft BIS STANDARDS under preparation. The scope is limited to Hindi Devnagri lipi Letter character encoding and composition rules.
I have following comments to offer :
1. Although the draft is not about Word Construction and how quick the key-board shall provide suitable letter and how effective and efficient the correct word suggestion shall be available to the hindi script user, still, it is to be kept in mind at the time of encoding that final word construct and mix should not be conflicting and use more bytes.
2. The draft has one big deficiency that must be corrected. It is at the end there should be a table clearly depicting in a table format the para wise differences that has been brought in this draft when compared to previous BIS.
3. Overall the draft appears to address all issues including the encoding construct of half letters.
4. My other observation are attached .
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Shivam Sharma
9 महीने 3 सप्ताह पहले
yes
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punam baheti
9 महीने 3 सप्ताह पहले
हमें ऐसा कीबोर्ड बनाना चाहिए जो सब लोग आसानी से इस्तमाल कर सके।
हमें ऑटोमैटिक शब्द आना चाहिए।
यह हिंदी कीबोर्ड पे कोई शुल्क नहीं लगाना चाहिए।
हिंदी में लिखने में और समझने में हमें सहजता होती है। हम अपनी बात आसानी से दूसरों को बता ,समझा सकते है।
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Dhananjay Pratap Singh
9 महीने 3 सप्ताह पहले
ड्राफ्ट मानक में हिंदी भाषा के समान रूप से व्यापक अक्षर सेट (comprehensive character set) को शामिल किया जाए। केवल सामान्य उपयोग के अक्षर ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक, तकनीकी, और साहित्यिक विशेष अक्षर भी मानक में शामिल किए जाएँ। इससे विशेष क्षेत्रों में हिंदी का उपयोग भी मानकीकृत तरीके से संभव होगा और कोई अक्षर गायब या गलत रूप से प्रस्तुत नहीं होगा।
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Shivam Ramtekkar
9 महीने 3 सप्ताह पहले
भारत की भाषा हिन्दी के प्रति प्रभावशाली दृष्टिकोण
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BHUPENDRA KUMAR SEN
9 महीने 3 सप्ताह पहले
मान्यवर,
मैं एक सामान्य नागरिक के रूप में "अक्षर डॉक्यूमेंट" पहल का स्वागत करता हूँ। यह काम हमारी भाषाओं को डिजिटल दुनिया में मज़बूत बनाएगा। मेरी कुछ राय इस प्रकार हैं –
1. हिंदी टाइपिंग के लिए ऐसा आसान कीबोर्ड हो जिसे कोई भी जल्दी सीख सके।
2. सामान्य शब्द लिखते समय ऑटो-सुझाव मिले, ताकि लिखना तेज़ और आसान हो।
3. अलग-अलग क्षेत्रों में बोलचाल और वर्तनी में फर्क होता है, मानक में इस विविधता को जगह मिलनी चाहिए।
4. यह काम सिर्फ हिंदी तक सीमित न होकर सभी भारतीय भाषाओं पर लागू हो।
5. इसे ओपन-सोर्स रखा जाए ताकि छात्र, शोधकर्ता और नए डेवलपर भी उपयोग कर सकें।
सादर
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Dr TASHANT ANEJA
9 महीने 3 सप्ताह पहले
TO BE HONEST THIS TOPIC IS BIT DIFFICULT TO UNDERSTAND. BUT THERE IS ONE PROBLEM THAT I THINK MOST OF PEOPLE FACE WITH HINDI OVER DIGITAL PLATFORMS.
USUALLY NOT EVERY SPEAKS PURE HINDI. MOST OF THE PEOPLE USE LOCAL HINDI OR SLANGS. WHICH DOESN'T LOOK FINE DURING OFFICIAL STATEMENTS. AS YOU KNOW I ALWAYS HAVE APP AS SOLUTION.
1)SO A AAP WHICH CAN PROVIDE DIFFERENT OPTION TO USER TO CHOOSE BETWEEN DIFFERENT WAYS OF CONVEYING THE SAME MESSAGE. SAME SENTENCE WITH DIFFERENT LEVEL OF CONVEYING IN TERMS OF PURITY .
2)IF WE REALLY WANT TO PROMOTE HINDI AS LANGUAGE. APP LIKE DICT.CC SHOULD PROVIDE OPTION TO TRANSLATE HINDI TO ENGLISH OR VICE VERSA
3) MAKING HINDI KEYBOARD IN ATTRACTIVE WAY WILL DEFINITELY HELP. BUT HOW TO MAKE IT FUN? IF ONE CAN TRANSLATE WITHIN THE KEYBOARD WILL DEFINITELY BOOST HINDI AS LANGUAGE AMONG YOUNGSTERS. TBH OTHERWISE ITS BORING TO TEXT IN HINDI FOR MOST OF YOUNGSTERS.
4) WHY A FOR APPLE IS MORE POPULAR THAN A FOR AAM. IT STARTS WITH KIDS . SO MAKE IT FUN .
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