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Desirability and Feasibility of Changing the Financial Year

आरंभ करने की तिथि :
Aug 24, 2016
अंतिम तिथि :
Oct 01, 2016
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
The Government of India has appointed a Committee chaired by Dr. Shankar Acharya, former chief economic adviser, to examine the desirability and feasibility of having a ‘new ...
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MOTHKURI TULASIDHARAN
9 साल 9 महीने पहले
Yes idea is good but we have to compare its pros and cons with respect to international scenario. As we begin the new year with fresh ideas in the january month every year we can now start our financial accounting year also with fresh energy and thoughts, whereas now new year is just half fresh with accounting month of march ahead.
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Parul Joshi
9 साल 9 महीने पहले
Respected Sir India is now an emerging economical power Any hasty decision may create future economic problems which we cannot afford Actually we should have crop based system: Kharif & Ravi. Can we develop a globally acceptable yet our own system? My wish is to see the cost of 1 Re=1$ & that's going to be a still long way but we can dream isn't it. May the Almighty guide us on the right path to achieve our goal of a Financially Independent India. Amen All the Best Sirs and Thank you Regards
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LALIT BAPNA
9 साल 9 महीने पहले
भारत में केन्द्रिय , राज्ये सरकार, स्थाकनीय निगम परिषद पालिका पंचायत समिति आदि विभागो मे कार्यो के लिये निविदाये निकलती है इनमें चाहे प्रशासक या जन प्रतिनिधी परन्तुग सभी विभागो में आफिस खर्चा लगभग 18 से 22 प्रतिशतलगता है इस कारण कार्य की लागत एवं गुणवता में फर्क पडता है केवल जन प्रतिनिधी के इमानदार हाने से इनको कोई फर्क नही पडता है इस कारण् 100 रूपये के काम में लगभग 40 रूपये का कार्य हो पाता है
सरकार कोई ऐसी व्यकवस्थाा करे जिससे ठेकेदार भी ईमानदारी से कार्य कर अफसरो की भी अवैध वसुली बंद हो
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suraj mayekar
9 साल 9 महीने पहले
sir
i am working in news paper office since 5 year. we r make govt foucus on other problems. but what about us we are not getting any govt specialty even esi pf form our office. so please make rule for news paper if you get govt add first follow labour rule and labour specialty
please note this sir we r here for all. but no one for us
thank you sirji.............
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Bibhuprasad Pattajoshi
9 साल 9 महीने पहले
A great idea indeed, both desirable and feasible too. Desirable because we need to be aligned with the major countries we do business with, who invest in, buy our products... Why to have multiple financial and accounting books to be maintained, why to do more paperwork and spend more for the same work. At times I wonder why there are so many states and UTs, instead we can have only one state called India. Why so much of hierarchy ? Absolutely feasible if we want to implement it. Else not.
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LALIT BAPNA
9 साल 9 महीने पहले
भारत में केन्द्रिय , राज्या सरकार, निगम परिषद पालिका पंचायत समिति आदि विभागो मे कार्यो के लिये निविदाये निकलती है इनमें चाहे प्रशासक या जन प्रतिनिधी परन्तुम सभी विभागो में आफिस खर्चा लगभग 18 से 22 प्रतिशत लगता है इस कारण कार्य की लागत एवं गुणवता में फर्क पडता है
केवल जन प्रतिनिधी के इमानदार हाने से इनको कोई फर्क नही पडता है इस कारण् 100 रूपये के काम में लगभग 55 रूपये का कार्य हो पाता है
सरकार कोई ऐसी व्यंवस्था करे जिससे ठेकेदार ईमानदारी से कार्य करs अफसरो की भी अवैध वसुली बंद हो
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LALIT BAPNA
9 साल 9 महीने पहले
भारत में केन्द्रिय , राज्य सरकार, स्था नीय निगम परिषद पालिका पंचायत समिति आदि विभागो मे कार्यो के लिये समय समय पर विभिन्न् कार्यो के लिये निविदाये निकलती है इनमें चाहे प्रशासक हो या जन प्रतिनिधी परन्तुव सभी विभागो में आफिस खर्चा लगभग 18 से 22 प्रतिशतलगता है इस कारण कार्य की लागत एवं गुणवता में फर्क पडता है केवल जन प्रतिनिधी के इमानदार हाने से कोई फर्क नही पडता है इस कारण् 100 रूपये के काम में लगभग 55 से 60 रूपये का कार्य हो पाता है
सरकार कोई ऐसी व्यकवस्था करे जिससे ठेकेदार भी ईमानदारी
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Dattatray Z
9 साल 9 महीने पहले
I support the idea of changing Financial Year to 01 Jan to 31 Dec.
It is sensible idea, at the very least, it will remove the confusion between Calendar Year and Financial Year. Why these two have to be different I do not know.
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Kathir Uzhavan
9 साल 9 महीने पहले
Very good decision for change of financial year Jan to Dec. at the same time strictly removed two type of year mentioning ex: Financial Year & Assessment year. Very confusion.
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Kathir Uzhavan
9 साल 9 महीने पहले
Very good decision for change of financial year Jan to Dec. at the same time strictly removed two type of year mentioning ex: Financial Year & Assessment year. Very confusion.(sales tax say financial year & assessment year is same. but income tax say it is so different)
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