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CPGRAMS पर सार्वजनिक शिकायतों के बेहतर प्रबंधन के लिए अपने विचार साझा करें

आरंभ करने की तिथि :
Nov 02, 2019
अंतिम तिथि :
Dec 05, 2019
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

केंद्रीयकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) एनआईसी ...

केंद्रीयकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) एनआईसी द्वारा विकसित NICNET पर आधारित एक ऑनलाइन वेब है, जिसे सार्वजनिक शिकायत निदेशालय (डीपीजी) और प्रशासनिक सुधार व लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के सहयोग से तैयार किया गया है।
CPGRAMS वेब प्रौद्योगिकी पर आधारित मंच है जो मुख्य रूप से परेशान नागरिकों को कहीं से भी और कभी भी (24x7) शिकायत दर्ज करने में सक्षम बनाता है। इसी के आधार पर मंत्रालय / विभाग / संगठन / राज्य सरकारें जांच कर कार्रवाई करती हैं और इन शिकायतों का त्वरित व अनुकूल निवारण करती है। यह पोर्टल हर शिकायत का एक यूनिक पंजीकरण संख्या जारी करता है जिससे इन शिकायतों की स्थिति को ट्रैक करने की भी सुविधा मिलती है।

CPGRAMS: मुख्य विशेषता
86 मंत्रालय और भारत सरकार के विभाग के साथ एकीकृत
36 राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश इससे संबद्ध हैं
51000 अधीनस्थ कार्यालय बनाए और जोड़े गए
औसत निपटान समय लगभग 200 दिनों से घट कर 19 दिन हो गया
18 लाख / वर्ष शिकायतें इस व्यवस्था के प्रति नागरिकों के विश्वास को दर्शाती है
90% से अधिक औसत निपटान दर

उद्देश्य
नागरिकों के लिए निपटान प्रक्रिया को और सरल व सुविधाजनक बनाना
जन शिकायतों का त्वरित निपटान
नागरिकों की अत्यधिक संतुष्टि के लिए सार्वजनिक शिकायतों के निपटान की गुणवत्ता में सुधार

शिकायत निवारण विभाग की मौजूदा प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार और सार्वजनिक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) आपको अपने सुझाव व विचार साझा करने के लिए आमंत्रित करता है।

CPGRAMS (Pgportal.gov.in) पोर्टल पर जन शिकायतों के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए अपने विचार / सुझाव दें।

5 दिसंबर 2019 तक आप अपने सुझाव दे सकते हैं।

फिर से कायम कर देना
2749 सबमिशन दिखा रहा है
Kaushik Bhattacharjee
Kaushik Bhattacharjee 6 साल 7 महीने पहले
CPGRAMS is a wonderful system that citizens of India is currently experiencing.Engage DM,SP ,SDO in pursuing the cases physically which are not settled at preliminary level.Engage Retired judges,eminent persons from all works of life who are masters in their field to help settling the case in later stages.Make it a 3 tier settlement process.1st tier-the prevailing system,2nd tier- physical office of govt organisation like DM,SP,SDO etc.3rd tier CPGRAM Office in Delhi with experts.Provide
YourNameMeenal
YourNameMeenal 6 साल 7 महीने पहले
Sir ek platform aisa banai so that you directly interact with the people of India exactly what they want and what will be the solution because we have hopes from you only Sir please Industrialise the areas like Bihar UP Jharkhand west Bengal these States needs lots of development please open the close factories to generate employment sir please create opportunities in these states surely you will win the election thanks
Mdishtiyaquereyaz
Mdishtiyaquereyaz 6 साल 7 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी मेरे पास एक सुझाव था की बहुत सारे कोचिंग सेंटर चल रहा है जो के बच्चों को शिक्षा प्राप्त हो रही है और शिक्षित होना भी चाहिए क्योंकि शिक्षा ही जीवन का पहला उद्देश्य है लेकिन जितना भी छोटे कोचिंग सेंटर चल रहे हैं या बड़े उसमें बच्चों से मोटे मोटे पैसे लिए जाते हैं और हर माह हजारों लाखों रुपए कोचिंग सेंटर वाले कमाते हैं बड़े घर के बच्चे हो या गरीबी घर के बच्चे हों वह पैसा तो Pay करते ही हैं क्योंकि उनको शिक्षा प्राप्त करना है हर कोचिंग सेंटर वाले को लाइसेंस होना चाहिए।
V Jaya Chitra
V Jaya Chitra 6 साल 7 महीने पहले
Respected sir Mostly general public are unaware of that their grievances can be submitted through online portal.So, CPGRAMS has to place digital display or notice board wherever public services are undertaken by people such as Railway stations, General hospitals, Bank sectors etc. , In media also announcements to be made regarding CPGRAMS , which creates awareness among viewers and listeners that there is online platform to lodge complaints and to get quick redress.