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29 मई 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

29 मई 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव
आरंभ करने की तिथि :
May 04, 2022
अंतिम तिथि :
May 26, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 89 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

29 मई 2022 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें|

फिर से कायम कर देना
4271 सबमिशन दिखा रहा है
SIDDHARTHASWAL
SIDDHARTHASWAL 4 साल 1 महीना पहले
Mission - - Roshani (A light that helps others) अखंड और समृद्ध भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अपने मन की बात देश के नाम संबोधन में नशा मुक्त भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए चिकित्सा प्रकोष्ठ बीकानेर भाजपा ने मिशन रोशनी नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की है
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Sourabh Kumar Rai
Sourabh Kumar Rai 4 साल 1 महीना पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेन्शन बहाल करने की कृपा कीजिएगा, अगर राज्य सरकारें पुरानी पेंशन दे सकती हैं तो केंद्र सरकार क्यूँ नहीं? तीस से पैतीस साल सेवा करने वालो को क्यों एन. पी.एस.लागू किया जाता है?
pushpendra kumar jaiswal
pushpendra kumar jaiswal 4 साल 1 महीना पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी, मैं छत्तीसगढ़ राज्य, कोरबा जिले का निवासी हूँ मैं और हमारे क्षेत्रवासी काफी चिंतित हैं, हमारे क्षेत्र में जीवनदायिनी हसदेव नदी बहती है इस नदी के कारण ही हमारे एवं पड़ोसी जिले जांजगीर-चांपा में किसान खेती कर पाते हैं वँहा 4.5 लाख हेक्टेयर भूमि इसी नदी के जल से सिंचित होता है हमारे जिले के सारे विद्युत घरों सयुक्त रूप से लगभग 8000 मेगा वाट क्षमता को पानी की आपूर्ति, पूरे क्षेत्र के लिए पीने का पानी भी इसी नदी के माध्यम प्राप्त होता है इस नदी के प्राण स्रोत हसदेव अरण्य क्षेत्र (कोरबा एवं सरगुजा जिला) को पूरी तरह से नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है उस क्षेत्र में कोल ब्लॉक के आवंटन के कारण लगभग 4 लाख वृक्षों को काटने का विचार चल रहा है जिससे यह नदी लगभग पूरी तरह से सूख जाएगी इससे उस क्षेत्र में निवासरत आदिवासी तो प्रभावित होंगे ही साथ ही कोरबा एवं जांजगीर जिले के प्रत्यक्ष परोक्ष रूप से 20 लाख लोग प्रभावित होंगे तथा भविष्य में जल संकट का दंश झेलेंगे आपसे निवेदन है कृपया इस विनाश को रोक लें हसदेव अरण्य को नष्ट होने से बचा लें
Pankil Mishra
Pankil Mishra 4 साल 1 महीना पहले
Dear PM, I am a PhD candidate at IIT Bombay. While coming back to campus one day, I met Luvkumar Chaurasiya who drives autorickshaw for his living. He told me that Modiji should build a temple in sitamarhi for Maa Janki in bihar, which would bring employment opportunities for the local and Maa Janki's birthplace will be etched in common people's mind just like ayodhya. He could not believe when I told him that we can convey his message to you for Mann Ki Baat. So I promised him that his message will be conveyed to you and hat's why I have attached his photo with this post. My friend Vivekanandan who is from TamilNadu, is devoted to Ramakrishna Mission. He feels disgruntled when some minister say that you need to know hindi to be called as an Indian. So he suggested a solution that instead of imposing hindi as a compulsory language, we can setup department where people are appointed to translate regional language into other regional/international languages. Stay blessed! - Pankil
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pushpendra kumar jaiswal
pushpendra kumar jaiswal 4 साल 1 महीना पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी , मैं पुष्पेंद्र कुमार जायसवाल छत्तीसगढ़ राज्य कोरबा जिले का निवासी हूँ मैं और हमारे क्षेत्र वासी काफी चिंतित हैं, हमारे क्षेत्र की जीवनदायिनी हसदेव नदी बहती है इस नदी के कारण ही हमारे एवं पड़ोसी जिले जांजगीर-चांपा में किसान खेती कर पाते हैं वँहा 4.5 लाख हेक्टेयर भूमि इसी नदी के जल से सिंचित होता है हमारे जिले के सारे विद्युत घरों सयुक्त रूप से लगभग 8000 मेगा वाट क्षमता को पानी की आपूर्ति, पूरे क्षेत्र के लिए जल की व्यवस्था भी इसी नदी के माध्यम से होती है इस नदी के प्राण स्रोत हसदेव अरण्य क्षेत्र (कोरबा एवं सरगुजा जिला) को पूरी तरह से नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है उस क्षेत्र में ब्लॉक के आवंटन के कारण लगभग 4 लाख वृक्षों को काटने का विचार चल रहा है जिससे नदी लगभग पूरी तरह से सूख जाएगी इसे उस क्षेत्र में निवासरत आदिवासी तो प्रभावित होंगे ही साथ ही कोरबा एवं जांजगीर जिले के प्रत्यक्ष  परोक्ष रूप से 20 लाख लोग प्रभावित होंगे तथा भविष्य में जल संकट का दंश झेलेंगे आपसे निवेदन है कृपया इस विनाश को होने ना दें हसदेव अरण को नष्ट होने से बचा लें
JANKI JETHI
JANKI JETHI 4 साल 1 महीना पहले
My son has recently appeared in 12th Science examination, and he has secured 92 percentile with Gujarati medium. He is at presently preparing for JEE mains exam. My one small request to you as a citizen is that as your Government has taken the steps and introduce native languages in competitive exams like JEE mains and NEET, I sincerely request that the same native languages should be introduce for JEE advance examination. This will really helpful to all students who are capable and studying in their native language.