Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

29 दिसंबर 2024 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात के लिए विचार आमंत्रित

Inviting Ideas for Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 29th December 2024
आरंभ करने की तिथि :
Dec 06, 2024
अंतिम तिथि :
Dec 28, 2024
06:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपके लिए महत्वपूर्ण विषयों और ...

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपके लिए महत्वपूर्ण विषयों और मुद्दों पर अपने विचार साझा करने के लिए तत्पर हैं। प्रधानमंत्री आपको मन की बात की 117वीं कड़ी में संबोधित किए जाने वाले विषयों पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित करते हैं।

आगामी मन की बात कार्यक्रम में आप जिन विषयों या मुद्दों पर प्रधानमंत्री से बात करना चाहते हैं, उन पर अपने सुझाव हमें भेजें। इस ओपन फोरम में अपने विचार साझा करें या वैकल्पिक रूप से, आप टोल-फ्री नंबर 1800-11-7800 भी डायल कर सकते हैं और प्रधानमंत्री के लिए अपना संदेश हिंदी या अंग्रेजी में रिकॉर्ड कर सकते हैं। रिकॉर्ड किए गए कुछ संदेश प्रसारण का हिस्सा बन सकते हैं।

आप 1922 पर मिस्ड कॉल भी कर सकते हैं और सीधे प्रधानमंत्री को अपने सुझाव देने के लिए S.M.S. में प्राप्त लिंक का अनुसरण कर सकते हैं।

और 29 दिसंबर 2024 को सुबह 11:00 बजे मन की बात पर नजर बनाए रखें।

फिर से कायम कर देना
7459 सबमिशन दिखा रहा है
Ankit Dixit
Ankit Dixit 1 year 6 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी आपको मेरा नमस्कार मेरा तो आपसे यही कहना है कि जिस प्रकार आप भारत की सनातन संस्कृति को बढ़ाने में लगे हुए हैं उसी प्रकार भारत के ऋषियों का जो विज्ञान था उसकी ओर भी आपको ध्यान देना होगा। इसके लिए एक बार आप आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक जी से जरूर मिले। आचार्य जी एक वैदिक वैज्ञानिक हैं जिनका लिखा हुआ ग्रंथ वेद विज्ञान आलोक जिसका विमोचन माननीय उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू जी ने किया था और उनका दूसरा ग्रंथ वेदार्थ विज्ञानं जिसका विमोचन माननीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी ने किया है lअमेरिका रसिया और चीन की स्पेस एजेंसी भी उनके इन लिखे हुए ग्रंथों को पड़ रही हैं लेकिन हमारे देश में और हमारे देश के वैज्ञानिकों के द्वारा इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। माननीय प्रधानमंत्री जी आगे चलकर कहीं ऐसा ना हो के अमेरिका रूस और चीन की स्पेस एजेंसी के द्वारा आचार्य जी के लिखे हुए ग्रंथ के द्वारा कोई टेक्नोलॉजी ना बना ली जाए और फिर इस टेक्नोलॉजी को हम रुपए देकर खरीदें इसलिए एक बार आप आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक जी से अवश्य मिले
kunal kishore
kunal kishore 1 year 6 महीने पहले
Pradhanmantri ji pranam Encroachment is a very big concern for our country from a long time.some point has been suggest for it. 1 An national encroachment policy has been framed for short out route cause of problem. 2 A heavy fine will be imposed for those people responsible for it. 3 An encroachment cell has been established in all urban bodies. 4 Responsibility will be fixed for officer in charge for any kind of encroachment. 5 A toll free number has been started to complain about any kind of encroachment . 6.An affidavit has been taken from all shopkeeper and other household construct road side.
Ankit Dixit
Ankit Dixit 1 year 6 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी आपको मेरा नमस्कार मेरा तो आपसे यही कहना है कि जिस प्रकार आप भारत की सनातन संस्कृति को बढ़ाने में लगे हुए हैं उसी प्रकार भारत के ऋषियों का जो विज्ञान था उसकी ओर भी आपको ध्यान देना होगा। इसके लिए एक बार आप आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक जी से जरूर मिले। आचार्य जी एक वैदिक वैज्ञानिक हैं जिनका लिखा हुआ ग्रंथ वेद विज्ञान आलोक जिसका विमोचन माननीय उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू जी ने किया था और उनका दूसरा ग्रंथ वेदार्थ विज्ञानं जिसका विमोचन माननीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी ने किया है lअमेरिका रसिया और चीन की स्पेस एजेंसी भी उनके इन लिखे हुए ग्रंथों को पड़ रही हैं लेकिन हमारे देश में और हमारे देश के वैज्ञानिकों के द्वारा इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। माननीय प्रधानमंत्री जी आगे चलकर कहीं ऐसा ना हो के अमेरिका रूस और चीन की स्पेस एजेंसी के द्वारा आचार्य जी के लिखे हुए ग्रंथ के द्वारा कोई टेक्नोलॉजी ना बना ली जाए और फिर इस टेक्नोलॉजी को हम रुपए देकर खरीदें इसलिए एक बार आप आचार्य अग्निव्रत नैष्ठिक जी से अवश्य मिले
kunal kishore
kunal kishore 1 year 6 महीने पहले
Pradhanmantri ji pranam. Mobile is a necessary instrument for human being.todays negative impact of mobile is a big concern for society as well as country. 1 Mobile awareness programme has been started for their better and positive use 2 Mobile training centre has been established for trained about their proper and best use. 3 It should be included in school syllabus to study about their negative impact for student. 4 A legal framework will be framed for protect children below eighteen year of age. 5 Parent will be aware about negative impact of mobile for their children.
Prateek Trivedi
Prateek Trivedi 1 year 6 महीने पहले
लैंगिक समानता: घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 सबसे अधिक दुरुपयोग किया जाने वाला कानून बन गया है। हम सरकार से अपील करते हैं कि इसे लैंगिक रूप से तटस्थ बनाया जाए क्योंकि पुरुषों और पिताओं को भी महिलाओं से घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ता है। यह आज की सच्चाई है जिसका खुलासा अतुल सुभाष आत्महत्या मामले में हुआ जिसने हाल ही में पूरे देश को हिलाकर रख दिया।
Prateek Trivedi
Prateek Trivedi 1 year 6 महीने पहले
लद्दाख: द हिंदूअखबार ने खबर दी है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने लद्दाख में स्थानीय लोगों के लिए सरकारी नौकरियों में 95% आरक्षण, पहाड़ी परिषदों में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का प्रस्ताव रखा है और भूमि से संबंधित मामलों के बारे में चिंताओं को दूर करने पर सहमति व्यक्त की है। इस तरह का आरक्षण हानिकारक है और देश के सभी राज्यों द्वारा इसकी मांग की जाएगी। यह देश की एकता के खिलाफ है।
Prateek Trivedi
Prateek Trivedi 1 year 6 महीने पहले
रक्षा विभाग: यह गंभीर चिंता का विषय है कि भारतीय वायु सेना (IAF) को अब पहले तेजस मार्क-1A जेट के लिए 2025 के मध्य तक इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका स्थित जनरल इलेक्ट्रिक (GE) ने महत्वपूर्ण इंजन देने में और देरी कर दी है। भारत को विदेशी कंपनियों और विदेशी सरकारों पर निर्भर रहने के बजाय इन महत्वपूर्ण इंजनों को भारत में ही बनाना शुरू कर देना चाहिए।
Dhananjay Thakur
Dhananjay Thakur 1 year 6 महीने पहले
माननिय प्राधानमंत्रीजी...भारत मे अनेको जगह पे विविध कार्यक्रम होते रहते है...संस्कृतिक, पारिवारीक या किसी संस्थाओद्वारा आयोजित किये गये कार्यक्रमोमे भलेही कार्यक्रम शुरू होने का समय दिया जाता ही है लेकीन हमारी ऐसी एक मनसिकता हो गयी है के ईतनी जल्दी कोन आता है ईसी लिये मै भी जल्दी जाके क्या करुंगा. हर एक भारतीय की यही सोच रहती और ईसी कारण हर एक कार्यक्र्म आपने दिये हुए वक्त पर शुरु नही हो पाता. इंडियन टायमिंग ऐसा नाम देके उस बात का समर्थन करने मे भी किसीको कोई कमी नही मेहेसुस होती है...क्या आप मन की बात द्वारा लोगो को कुछ सुझाव या प्रोत्साहित कर सकते है क्या माननिय के इससे लोगो को अपने विचार परिवर्तन करने मे मदत मिले...धन्यवाद...सर