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29 दिसंबर 2024 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात के लिए विचार आमंत्रित

आरंभ करने की तिथि :
Dec 06, 2024
अंतिम तिथि :
Dec 28, 2024
06:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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टिप्पणियाँ (1)
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MilanGhosh
1 year 6 महीने पहले
When will this tax terrorism stop ?
My father served the nation for over 40 years in army ,
His income was taxed , now he is on pension which is again being taxed ,
My mother saved up money from the already taxed income which she deposited in her account which again got taxed ,
There is so much Efficiency in taxing the middle class section then why that efficiency is not seen in other areas which can genuinely help the people
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bhanwarlaljat
1 year 6 महीने पहले
भ्रष्टाचार रोकने के लिए आम आदमी तैयार रहें । नरेगा में घर बैठे राशि स्वीकार ना करें
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Sanjana Yadav
1 year 6 महीने पहले
mananiy Pradhanmantri ji Mera aapse sawal Hai ki Pariksha dete samay prashn Uttar yad nahin aata
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NilakshaMapsekar
1 year 6 महीने पहले
According to the World Health Organization (WHO), drowning causes around 3,00,000 deaths worldwide annually. In this context, Goa, India’s smallest state, stands out for achieving a remarkable feat over the past 16 years - a 99% reduction in drowning - success no other Indian coastal state has matched.
With an average yearly tourist footfall of nearly 8 million, the Goa government’s introduction of Drishti Marine, a private lifesaving agency, in 2008, has resulted in over 8,000 lives saved from drowning since. In the past 16 years, only 97 coastal drownings have been recorded, compared to 200 in 2007 alone.
Drishti Marine’s Goa model, implemented through skilled lifeguards, AI technology, and an expertly trained rescue dog squad, can serve as a template for other coastal states to reduce drowning deaths. This successful initiative deserves a mention in Honourable Prime Minister Narendra Modi’s ‘Mann Ki Baat’ series.
mygov_1735213323153948211.pdf
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Sunil Narayan
1 year 6 महीने पहले
Septic tank cleaners not infrequently are seen to lose their lives while at work due to inhalation of toxic gases. Our engineering institutions must be encouraged to develop affordable robotic technologies and human service fromthis job need to be phased out expeditiously so that no lives are lost in the septic tanks in India.
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bhanwarlaljat
1 year 6 महीने पहले
मन को समझने के उपाय ही मन की बात को समझने में सहायक हो सकते है ।
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Sunil Narayan
1 year 6 महीने पहले
2.Psychology must be taught in school curriculum and also in all PG courses, and at UG level in medical courses. It is part of MBBS curriculum in many foreign universities. Not in India. Medical students are being taught psychiatry (manifestations of psychopathology) without being taught psychology. There is an ovreremphasis on IQ and no education on importance of Emotional Quotients and Social quotients. This may be changed.
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Satish Singh
1 year 6 महीने पहले
My Gob.in
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YuvrajNayak
1 year 6 महीने पहले
Good
Beutiful
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VISHNU KUMAR GUPTA ASSOCIATE PROFESSOR
1 year 6 महीने पहले
सर नमस्कार जी। सर भारत जैसे प्राकृतिक विविधताओं युक्त देश में परीक्षा प्रणाली वातावरण आधारित होनी चाहिए। एक समय में एक स्थान पर ठण्ड है तो दूसरे स्थान पर बरसात और गर्मी। शिक्षा प्रणाली राज्य आधारित होनी चाहिए। साथ ही विद्यार्थियों की रूची एवं आगामी व्यवसाय पर आधारित हो जिससे भविष्य में वह अपने रोजगार के लिए सरकार पर निर्भर न रहे। सर आपका प्रयास अच्छा है। परीक्षा पर छात्रों और अभिवावको से संवाद परीक्षा से भय को दूर करता है। धन्यवाद सर।
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