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28 फरवरी 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

आरंभ करने की तिथि :
Feb 05, 2021
अंतिम तिथि :
Feb 26, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 74 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

28 फरवरी 2021 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें

फिर से कायम कर देना
4929 सबमिशन दिखा रहा है
GIRDHARI LAL PRAJAPAT
GIRDHARI LAL PRAJAPAT 5 साल 5 महीने पहले
Good morning sir ji Sir jo center government ki or se jo bajat pass hota hai uska online yani kitna paise lage hai ya nhi uski jankari ke liye asa app ya portal banaye jisase hame pta chale ki central government ki or se jo paise sye hai unka local valo ne kitana kam kiya hai ya ghotala. Jai hind jai bharat
Nagendra kumar sharma
Nagendra kumar sharma 5 साल 5 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी सादर नमस्कार। सर प्लीज आपसे करबद्ध निवेदन है कि प्राइवेट टीचर्स के लिए भी कुछ सोचिए। कोविड में इस वर्ग के लिए किसी ने कुछ नहीं सोचा। देश सभी के बच्चो के एक बोर्ड एक शिक्षा प्रणाली लागू करवाईए आखिर इतना भेदभाव क्यों गरीब अमीर के बच्चों में बच्चे तो आपके ही देश के है।सभी को समान अवसर मिलना ही चाहिए ।धन्यवाद
ayush shukla
ayush shukla 5 साल 5 महीने पहले
WE THE YOUTH OF INDIA, We chose you as our PM because we saw a ray of hope in you. But I would say we are hugely let down. we did not expected this mistreat especially from you who always flaunted the demographic dividend of India.Coming to my point the recruitment process has become so slow ,exhausting and corrupted that the aspirant are left with a sense of despair especially SSC EXAMS And we know that you know everything but letting go has become your second nature. Please look into it....
KAVITA AWASTHI
KAVITA AWASTHI 5 साल 5 महीने पहले
नमस्कार आदरणीय प्रधानमंत्री जी, मैं एक निजी विद्यालय की शिक्षिका हूं। जो वर्तमान परिस्थितियों से प्रभावित है। जैसा कि आप जानते हैं, महामारी के दौरान विद्यालय बंद हो गए। शिक्षकों के वेतन काटे जाने लगे ।सामान्य मध्यम वर्गीय परिवार में वेतन कटौती से क्या स्थितियां बनती है आप से बेहतर कौन जान सकता है। निजी विद्यालयों के शिक्षकों हेतु कुछ ठोस कदम उठाए जाएं। देश का भविष्य जिसके हाथों में है उसी के हाथ खाली ना रह जाए। अब आप से ही उम्मीदें हैं सर। गुरु का जो स्थान भारत में रहा है उसे आप ही वापस दिलाएंगे
Neeraj Goel
Neeraj Goel 5 साल 5 महीने पहले
If only the smokers left the parks alone! The police in Delhi are doing a great job in penalising people smoking near the cigarette shops. Perhaps, they are missing the woods for the trees. Ironically, a few of these parks lie adjacent to the Police establishments! Making someone a passive smoker, forcibly, is no less than a crime - more so in places that are visited for health benefits.
Anil Agrawal
Anil Agrawal 5 साल 5 महीने पहले
कृपया निजीकरण क्यों जरूरी है और सरकार का काम व्यापार करना नहीं- इस पर जनता के संशय को दूर करना जरूरी है ताकि हम सभी सरकार के साथ इस मुद्दे पर खड़े हो सके और किस तरह निजी क्षेत्र आम जनता को नहीं लूटेगा, इसका उपाय बताऐ...