Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

28 जून, 2020 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

आरंभ करने की तिथि :
Jun 10, 2020
अंतिम तिथि :
Jun 27, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 66 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

28 जून, 2020 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें

फिर से कायम कर देना
11459 सबमिशन दिखा रहा है
Jayshree Sanjay Patil
Jayshree Sanjay Patil 6 साल 4 दिन पहले
सादर वंदन.... प्रधानमंत्रीजी आपके लिए "मेरे मन की बात"...... आदरसहित आपको समर्पित एक पुस्तक के रूप में देशवासियों की भावनायें जिसमे लॉक डाउन के दौर का संक्षिप्त और प्रेरणादायी वर्णन है...अपना आशीर्वाद जरूर प्रदान करे.... जयश्री पाटिल  
k.savitha
k.savitha 6 साल 4 दिन पहले
Respected PM,Modiji, All Fssai products like snacks(chips) packets can be recyclable,or paper cartons can be introduced.since these are most consumed by children too. Even soft drinks and water bottles should be made carry your bottles like carry your bags made mandatory.This can reduce carbon imprints to a large extent. Thanks.
Subhash Agrawal
Subhash Agrawal 6 साल 4 दिन पहले
Hello Sir, I am Divya of class 12 CBSE. Sir I want to say that like other schools my school is also demanding fees again and again, but sir we can't afford that. My father is private employee.The owner has not given the full salary to him.So sir my father is saying me that he will not teach me any more. He is not having so much money so that he can let me study.But sir I want to study,in10 Class I got 96.8%.Plsss sir take any action so that private schools don't take fees. Sir please help 🙏..
Anand Sudarshan Konda
Anand Sudarshan Konda 6 साल 4 दिन पहले
प्रधानसेवक श्री. नरेंद्र मोदी जी, प्रणाम. कोरोना रोकने मे आप बहुत कोशिशे की हैं और सफल भी रहे इसलिए धन्यवाद l आपको विनती है की, आप 28/6/20 की *मन की बात* मे सारे देशवासियों को यह विनती करो की, रोज गरम पानी में थोडासा नमक और फिटकरी (तुरटी/Alum) मिलाकर पिने के लिये और इस्तेमाल करने के लिये कहे इससे कोरोना होने का संभवता कम है l मेरा निवेदन है की, आप राज्य के शिक्षणमंत्रियों से यह महत्त्वपूर्ण बात बता दो की, सभी स्कुल और महाविद्यालय ऑनलाईन पढाना शुरुवात करे क्योंकि बच्चे देश के भविष्य है l धन्यवाद.
Abhishek rajput
Abhishek rajput 6 साल 4 दिन पहले
Sir i want you to consider the flooding of so much gov't apps.As Sir ,its not feasible to install all of them in a smartphone.Instead of providing a individual app for every purposes we must be focused on to provide them at a single place as it could possibly lead to surge in reach of people Digitally.
ARUN KUMAR
ARUN KUMAR 6 साल 4 दिन पहले
भारत सरकार से मेरा अनुरोध है मैं एक बिजनेस की शुरुआत करना चाहता हूं जिस बिजनेस को शुरू करने के लिए हमारे पास किसी भी प्रकार की पूंजी नहीं है तो मैं भारत सरकार से अनुरोध करना चाहता हूं कि कृपया करके आप मुझे 1000000 रुपए की मदद करें जिसकी वजह से मैं एक बिजनेस की शुरुआत कर सकूं और अपना और अपने बच्चों का भविष्य बना सकूं कृपया करके आप हमारी मदद जरूर करें धन्यवाद
balbhim dahiphale
balbhim dahiphale 6 साल 4 दिन पहले
कोरोना काल में जो लोग मर रहे हैं उनका आंकड़ा औसत प्रतिदिन होने वाली मृत्यु से भी कम है,ओर ध्यान देने वाली बात है कि सिर्फ वे ही लोग मर रहे हैं जिन्ह उपचार के लिए ले जाया गया है, जैसा प्लेग के समय में हुआ था,इसलिए महामारी एक्ट को हटाया जाए, ओर पैनिक फैलाने वाले मीडिया को पाबंद किया जाय, ये लोग अब विश्वसनीय नही रहे,icmr की जांच होनी चाहिए,क्यों कि जितना लंबा ये सब चलेगा देश उतना ही गर्त में चला जायेगा,व्यापार बर्बाद हो चुका है मध्यमवर्ग गरीब हो चुका है