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28 अक्टूबर, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के लिए अपने विचार साझा करें

आरंभ करने की तिथि :
Oct 11, 2018
अंतिम तिथि :
Oct 27, 2018
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण ...

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार आपके साथ साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 49 वें संस्करण के संबंध में प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके अनोखे विचार को शामिल किया जा सके।

आप अपने पसंदीदा विषयों, जिन पर आप चाहते हैं कि प्रधानमंत्री बात करें, उसके बारे में अपने सुझाव व विचार भेज सकते हैं।

आप अपने विचार इस खुले मंच पर साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। आपके संदेशों में से कुछ संदेशों के चुनिंदा हिस्से को मन की बात में प्रसारित भी किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल देकर और एसएमएस में दिए लिंक पर जाकर सीधे प्रधानमंत्री को भी अपने सुझाव व विचार भेज सकते हैं।

28 अक्टूबर 2018 को प्रातः 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना ना भूलें।

फिर से कायम कर देना
2699 सबमिशन दिखा रहा है
Om prakash
Om prakash 7 साल 8 महीने पहले
पर्यावरण प्रदुषण एक गम्भीर चुनौती हैं जिसका असर भारतीय जनता पर प्रत्यक्ष रूप से पङता हैं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जम्भेश्वर भगवान की विचारधारा का गहरा सम्बन्ध हैं। दुनिया के जिन जिन देशो में जम्भेश्वर भगवान की विचारधारा जा रही हैं वहां के लोग सह्रदयता से इस विधारधारा को अपना रहे हैं।
Rajat Misra
Rajat Misra 7 साल 8 महीने पहले
Sir your government is taking initiative to restore lost glory of our country. In doings so we are also changing names of cities which were named by Mughals or by the British. Starting point should be by changing the name of our country which was christened by the British as India. It still reminds of the East India companies rule and gives a feel of being under colonialism. We must change the name of India to Bharat or Hindustan as referred as earlier.
Subrato Roy
Subrato Roy 7 साल 8 महीने पहले
Failuareepillar of success. We have completely failed. We have no plan or project. We have no obligation or responsibility. The country as well as the state has rejected us. Only time has not rejected us. So we are writing. Hindu is he ii due. The government have to follow four division caste system. To cast the Senior Citizen Home. We take the privilege and pleasure to day that I am in mate of a Senior Citizen Home. At last government has extended a helping hand to us. God isn't in darkness.
Ratan shanker sharma
Ratan shanker sharma 7 साल 8 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री महोदय भारत सरकार महोदय मैं जिला बरेली उत्तर प्रदेश का निवासी हूं हमारे यहां लकड़ी बहुतायत होती है हम लोग छोटे से व्यापारी हैं लकड़ी का कार्य करते हैं लेकिन जब आपके द्वारा जीएसटी टैक्स लागू हो गया है तो मंडी शुल्क क्यों ताकि मंडी शुल्क के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार से हमें निजात मिल सके और हम स्वतंत्र रूप से ईमानदारी के साथ काम कर सकें कृपया मंडी शुल्क समाप्त कर जीएसटी में समाहित करने क कृपया मंडी शुल्क के नाम पर हो रही वसूली को खत्म कर इसे भी जीएसटी में समाहित करने की कृपा करें
Yash
Yash 7 साल 8 महीने पहले
I am a proud Quora User. You have a large fanfollowing on Quora. I would appreciate if you take time and ask your social media team check Quora. Here On Quora People form all over the world are discussing over the problems and thier possible solutions. Such is an answer like this https://www.quora.com/Why-has-China-developed-so-much-faster-than-India/answer/Janus-Zhou-2?ch=10&share=2e57da60&srid=34k9Z Please Check It Once #MannKiBaat #MyGov #AIR
Pankaj Kumar
Pankaj Kumar 7 साल 8 महीने पहले
में गुजरात मे रहा हूँ , तब आप वहां के मुख्यमंत्री हुआ करते थे . तब वहाँ रहने मे सुकून था कि अपने घर से दूर घर में हूँ . पर आज आहत हूँ कि दो लाख से अधिक आदमी को वहाँ से मार कर भगा दिया गया है और अब ये सिलसिला शुरू हो गया , मुंबई जैसा हाल हो गया हमारे गुजरात का ,हम भैया लोग हो गये . आखिर हम किस-किस से लरै ? अंग्रेज से, ओरंगजेब से, जाति से, मजहब से,क्षेत्र से, या फिर भाषा से ? ऐसे में अखण्डभारत का क्या होगा ? आम के बगीचे में कोई आधी रात में चोरी से आम तोरता है दिन में कोई जबरदस्ती करता ह
MANOJ KUMAR SAHOO_6
MANOJ KUMAR SAHOO_6 7 साल 8 महीने पहले
RESPECTED SIR. NAMASKAR NOW IN INDIA BIGGEST PROBLEM IS OIL PRICE HIKING. SO LET US WE ALL THOUGHT AND INNOVATE SOMETHING TO ERADICATE THIS PROBLEM. SO I THOUGHT THAT IF LI ION BATTERIES WILL AVAILABLE IN CHEAPEST RATES THEN WE CAN USE IT IN OUR VEHICLES. SIR OUR ROAD TRANSPORT MINISTER GADKARI SIR ALSO TOLD THAT WE HAVE TO GO ALTERNATE WAY TO REDUCE CONSUMPTIONS OF OIL.HENCE SIR PLEASE TAKE SOME STEPS FOR PRODUCTION OF POWERFULL CHEAP BATTERY FOR OUR VEHICLES. THANKING YOU.MANOJ KUMAR SAHOO
Dhirender singh_1
Dhirender singh_1 7 साल 8 महीने पहले
हरियाणा में बसों का निजीकरण होना जनता के लिए परेशानियों का सबब है। लोग निजी बसों की लापरवाही और समय बर्बादी से पहले ही परेशान थे परन्तु आज निजीकरण के फैसले से इनका हौसला और बुलंद हो गया है। कर्मचारी वर्ग समय पर अपने कार्यालय नहीं पहुंच पाता। एक एक बस के चलने लिए घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इस समस्या के कारण जनता और सरकार के मध्य एक मतभेद का उत्पन्न होना स्वाभाविक है।
JOGINDER PAL GAJREE
JOGINDER PAL GAJREE 7 साल 8 महीने पहले
DEAR PRIME MINISTER THERE IS A URGENT NEED TO CREATE NATIONAL CONSENSUS ON SECURITY ,DEFENCE AND DELIVERY OF SERVICES TO THE CITIZENS.DELIVERY OF SERVICES TO THE CITIZENS NEEDS A STRUCTURE WHERE EVERY DENIAL OF SERVICE IS RECORDED AND FOLLOWED UP. IT IS AN UPHILL TASK TO CHANGE THE MINDSET OF THE CIVIL SERVICE BOSSES AND WORKERS TO ACCEPT AND IMPLEMENT POLICIES OF THE GOVT.IMPLEMENTATION IS THE CRUX OF GOVERNANCE.