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Avinash kumar
7 साल 8 महीने पहले
सर जी नमस्कार।देश मे वितीय गड़बड़ी को कम करने की बात की जाय तो इसमे सबसे कारगर उपाय यह हो सकता है कि एक देश एक बैंक की अवधारणा पर कार्य किया जाय इसमे सभी बैंको को एक साथ मर्ज कर सिर्फ एक बैंक भारत बैंक किया जाय जिससे एक व्यक्ति को एक ही खाता संख्या मिलेगा और उसकी निगरानी आसान होगी लोन के मामले मे भी यह काफी कारगर सिद्ध होगा एक ही व्यक्ति या कम्पनी अलग अलग बैंको से अबैध ढंग से कर्ज नही ले पाएंगे।बैंकिंग व्यवस्था मे भी एक बैंक रहने से सिर्फ एक प्रबन्धन की आवश्यकता होगी जो देश हित मे होगा।
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NEPAL SINGH BHATI
7 साल 8 महीने पहले
सर जी नमस्कार जमीनी स्तर पर कोई भी काम नहीं किया है कागजों में सभी काम कर दिया गया है ।
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Subrato Roy
7 साल 8 महीने पहले
The stories of the god, narrated in Rammayan and Mahabharata in epic format because our science was not so developed to be explained practically. The election said to become bigger and smaller like Hanuman. Like lord Krishna it can stay in two different places in same time (as it can pass through two holes or slit). This are package, quanta of energy or Shakti. There are two types of Hindu, sakta and baisa. Similar to gravity and magnetism.
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Raj Km
7 साल 8 महीने पहले
Respected sir,
Save Sabarimala....I am a strong devotee of Ayyappa and continues 30 times went to the holy temple.Now after become this govt,Communist government given in the affidavit in the court that they have no problem to allow women's entry in the temple.But the truth is in between the age of 10 to 50 only restricted because of Ayyappa in Dhaishtika brahmacha.Even Pandalam Raja not going in front of Ayyappa because of he believes to be father.thats what is Sabarimala unique.
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Manjula Prithviraj
7 साल 8 महीने पहले
Sir, please save Sabarimala from the hands of atheists. Temples are for believers not for activists
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Subrato Roy
7 साल 8 महीने पहले
My horoscope and Indian government horoscope tallys alot. India achieved Independence in 1947, month of August. September is first month, may be mine also. Father of Nation and my father were born in the same month. Seuz canal was closed and opened 100 yrs. back of sewage incident. India got Independence a decade before my birth. But we are twins, in failure records. Failed completely. But government came as elder brother and gave me a roof over my head. I am grateful to MSJE and govt. of India.
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UMA SINGH
7 साल 8 महीने पहले
परम आदरणीय महोदय,आप द्वारा अब तक किए गए कार्यों की हम सराहना करते हैं।अब सुधार के फलस्वरूप औसत आयु ७० से ऊपर हो गयी है/हो जाएगी।U.P. के अग़ल बग़ल कुछ प्रदेशों में सरकारी कर्मचारियों की अधिवर्शता आयु ६२ कर दी गयी है लेकिन केंद्र सरकार में अभी भी ६० ही है।अभी भी केंद्र सरकार में नौकरियों की कमी नहीं है।दो साल के लिए लगभग पर्याप्त नौकरियाँ है,यदि कर्मियों की retirement आयु ६२ कर दी जाए
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tejas patil
7 साल 8 महीने पहले
Almost every year our country affected by flood. Some parts of Assam that are hazardous as a flood-prone area (Cachar, Karimganj, and Hailakandi ) and mumbai has similar problems. We can deal with this problem like Japan, they have build ‘Metropolitan Area Outer Underground Discharge Channel’. Now if we think about cost then every year we spend money on flood relief which can be used to stop flood.
https://en.wikipedia.org/wiki/Metropolitan_Area_Outer_Underground_Discharge_Channel
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Deepak Kumar
7 साल 8 महीने पहले
हमारे प्रधानमंत्री जी को नमस्कार। मोदी जी ऐसा क्यों होता है की एक 40 साल सरकारी नोकरी करने वालो की पेंशन बन्द कर दी और 5 साल विधायक, सांसद रहने वालों की पेंशन चला रखी है । क्या सरकारी कर्मचारी ही देश के ऊपर बोझ है ।
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Ashisk kumar
7 साल 8 महीने पहले
सर्वजन प्रिय श्री नरेन्द्र मोदी जी, सादर प्रणाम। श्रीमान आपसे निवेदन है की आप इस बार ROOM RENT BROKERS पे कुछ बातें बताएं। मैं सिविल सर्विसेज की तैयारी करता हूं। फिलहाल स्थिति ये है कि किसी भी साधारण परिवार से आये हुए लड़का/लड़कियों को किसी भी शहर में किराए पर कमरा लेना मुश्किल हो गया है। ब्रोकर अपनी मनमानी करते हैं, ३-६ महीने का किराया पहले ही जमा करने को कहते हैं। अतः इस विषय पर कुछ विचार किया जाएं। ! जय हिन्द !
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