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27 मार्च 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

Inviting ideas for Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 27th March 2022
आरंभ करने की तिथि :
Mar 04, 2022
अंतिम तिथि :
Mar 25, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 86 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

27 फरवरी 2022 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें|

फिर से कायम कर देना
3288 सबमिशन दिखा रहा है
VEENA SHENOY
VEENA SHENOY 4 साल 3 महीने पहले
Please appeal to NRI s to encourage /motivate their friends in foreign countries to visit India. This will boost our tourism sector. Ask the NRIs to talk to their friends about Indian handicrafts, savories/sweets so that they will order the same from India thus giving a boost to our handicrafts. The NRIs should be encouraged to buy Indian handicrafts in foreign lands and display the same in their homes so that their friends in foreign lands will get to know about Indian crafts.
NELLUTLA  ANDAL
NELLUTLA ANDAL 4 साल 3 महीने पहले
Respected Prime Minister sir, as a Middle class woman I would like to bring to your notice that, despite the fact that our country is the largest producer of Spices, like ilaichi, lavang , dalchini,pepper etc and fruits especially mangoes from Banganpalli, Pedda rasaal, Nagpur oranges , Kashmir & Simla apples and many dry fruits , those which are on sale in our country are usually found from previous year stock from cold storages etc and many times not of very good quality. The 1st quality items are being exported and what we get in market is of 3rd grade despite paying heavy price. Thus an ordinary middle class people are deprived of getting the best for their family and children. My feeling is why should we compromise ? So I request you to take suitable steps and see that the best quality items are made available for us in our country first at affordable rates and then think of exporting these items. Thank you , namaskar. Smt.N. Andal
ramcharan sahu
ramcharan sahu 4 साल 3 महीने पहले
रसोई गैस की तरह ,यूरिया खाद की सब सीडी सीधा किसानों की खातों में दिया जावे ताकि काला बाजारी पर रोक लग सके ,किसान भाई अभी मजबूरी में 700 रुपए में 1बोरी यूरिया खरीदे है , हमे आशा है कि सरकार इस पर गंभीरता से लेंगे
Brajmohan sharma
Brajmohan sharma 4 साल 3 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी आपके सभी निर्णय देश हित में हो रहे हैं तो फिर जनसंख्या नियंत्रण कानून बना कर एक और देश हित का कार्य कीजिए। मैं प्राइवेट स्कूल में अध्यापन कार्य कराता हूं और दोनों ही जगह वेतन विसंगति है। अतः मेरा आपसे निवेदन है कि इस दिशा में भी कुछ कार्य करने की कृपा करें। धन्यवाद ब्रजमोहन शर्मा धौलपुर
jbXXXXXXfg
jbXXXXXXfg 4 साल 3 महीने पहले
मन की बात - मेरे पिता हर बार PM awas के लिये Form ज़मा करते है लेकिन आज तक लाभ नहीं मिला ,जहां तक मुझे लगता है पंचायतराज मे कुछ ज्यादा सुधार की आवश्यकता है, जब गाडी़ में ईंधन बिना गुणवत्ता का हो, उसकी कार्यक्षमता कम ही रहेगी । आज की दौड़ में गाँव शामिल नहीं हो पा रहे क्योंकि सरपंच ही लापरवाही करते है, शायद वह राजनीतिक लोगों के दबाव के कारण कुछ नहीं कर पा रहा होगा ,या अपने कर्तव्य नहीं जानता हो। मुखिया Graduate होना चाहिये जो Zero Tolerance का मार्ग बनेगा .Govt. Scheme ko Ground implement kre
Hemraj Tank
Hemraj Tank 4 साल 3 महीने पहले
वर्षा जल संग्रहण के लिए देशवासियों से विनम्र अपील माननीय प्रधानमंत्री जी हमारे देश में घटते भूजल स्तर की समस्या बहुत विकराल रूप लेते जा रही है क्यांकि भारत की अधिकांश जनसंख्या भूजल स्त्रोत्र पर निर्भर है हाल ही की मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में 2030 के बाद भयंकर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इससे से बचने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा मात्रा में वर्ष जल को भूजल स्त्रोत्रों तक पहुंचना होगा हालाँकि इसके लिए हमारी सरकार सराहनीय प्रयास कर रही है लेकिन यह प्रयास केवल ग्राम स्तर तक ही है हमें इसके लिए शहरी क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान देना होगा हम शहर के पक्के मकानों की छतों को को भूमिगत जल स्त्रोत्र से जोड़कर ज्यादा से ज्यादा वर्ष जल की मात्रा को नजदीकी भू जल स्त्रोत्रों ( पुराने सूखे कुवें , बावड़ी, टूबवेल आदि क्योंकि यह किसी न किसी न किस भूमिगत जल स्रोत्र से जुड़े हुए है ) को रिचार्ज करने के लिए कर सकते है इससे हमें पेयजल व सीवरलाइन -ओवरफ्लो की समस्या से निजात मिलेगी।