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27 अक्टूबर 2024 के मन की बात कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने सुझाव भेजें

आरंभ करने की तिथि :
Oct 09, 2024
अंतिम तिथि :
Oct 25, 2024
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन विषयों और समस्याओं पर अपने ...
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Inder juneja
1 year 8 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, नमस्कार,,,,, Sir Ji लगभग 10 वर्षों से भारत की जनता आपके मन की बात प्रोग्राम से जुड़ी है,,, और आपके मन की बात को काफी गंभीरता से सुनती है,,,, और उन बातों पर अमल भी करती है,,,, परन्तु जनता के मन की बात भी आपको जाननी चाहिए,,,,, जनता आपसे क्या उम्मीद करती है,,,2014 में जब आप पहली बार प्रधानमंत्री बनकर आए,,,,, तो पूरे देश ने जश्न मनाया था,,,,, और एक उम्मीद जागी लोगों के मन में की अब कुछ अच्छा होगा,,,,,, परन्तु आपके द्वारा पूरे देश में जीरो टॉर्लेंस पर करप्शन खत्म करने का सपना आज भी सपना
ही है,,,,,, हर इंसान के मन में यहीं है कि कब आजाद होंगे भ्रष्टाचार के गठजोड से,,, कब मुक्ति मिलेगी इस भ्रष्टचार से,,,,,, आप से विन्रम निवेदन है कि विषय को काफी गंभीरता से ले और देश को इस भ्रष्टाचार की बीमारी से निजात दिलाने में कोई सख्त कदम उठाएं,,,,, उम्मीद करता हूं कि इस विषय पर आप 27 oct मन की बात में इस विषय का जिक्र जरूर करेंगे,,,,,,, और देश की जनता को पूर्ण आश्वाशन देंगे कि आने वाले समय में आप इस विषय पर सख्त कदम उठाएंगे,,,,, धन्यवाद होगा आपका
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Arjun Raj
1 year 8 महीने पहले
A thought regarding the fire set in Jharia,coalfield in jharkand. Why not utilize the underground fire by using geothermal power plant technique . This will make sure the natural resource is not wasted and a new innovative technique is developed , environment protected and job opportunity to people because the large scale power plant.
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DrJRawat
1 year 8 महीने पहले
Dear sir
I am very much happy and thankful for your MAN KI BAAT program
I request you to include the safety concerns for doctors and implementation of laws which are meant for safety for doctors,
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sowjanya k
1 year 8 महीने पहले
really great,
freedom life old to young.
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Chandra kishor jha
1 year 8 महीने पहले
सर, देश में जितने भी डिग्री कालेज हैं चाहे वो इंजीनियरिंग हो या अंडरग्रेजुएट उनमें इनरोलमेंट के हिसाब से कालेज और विश्वविद्यालय के लिए एक नीति बनाई जाए कि कम से कम 50% बच्चों को प्लेसमेंट के लिए तैयार किया जाएगा , क्योंकि अधिकांश बच्चे बाद में बेरोजगारी का रोना रोते हैं और ये कठिन भी नहीं है क्योंकि कोर्स के हिसाब से नौकरी देना कोई कठिन नहीं है खासकर प्रारंभिक दौर में।। उसके लिए एक योजना है जिस पर अगर अमल किया जाए तो छात्रों के बीच सकारात्मक माहौल बन जाएगा बस जरूरत है उस नीति की।।
दूसरी बात असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों को लेकर है, असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों को चाहे वो जिस किसी भी संस्थान में कार्यरत हैं उनको साल में 220 दिन की नीति बनाई जाए और ये भी कतई कठिन नहीं हैक्योंकि इसे भी उद्योग जगत के नामी लोगों के साथ बैठकर लागू किया जा सकता है।।
और इस नीति में विरोधाभास नहीं होगा क्योंकि इसके बदले उनके दिहाड़ी में से आंशिक कटौती की जाएगी जिसके बदले उनको 220 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी।।
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Samir Arya
1 year 8 महीने पहले
Respected Sir, Pls see the attachment. Thanking You!
mygov_1729447589160981.pdf
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ramesh abothula
1 year 8 महीने पहले
vikasit bharat by 2047 posible only by sri Narendra Modiji.,he must be bharat prime minister till 2047 .,i have one idea to get 350 + MP seats in 2029 for BJP alone ., increase the pm kisan amount to 20000 rupees.,and i observed one thing that our pm sir giving lot more schemes for poor people but non BJP govt ruled states implement that schemes in their party leader names.,so called non BJP govt ruled states people thinking that Modo gives nothing for poor.,so modiji sir please concentrate on this issues as appointing one IAS officer for every state to implement pm Modi schemes in the name of Modi ka baraosa with Modi ji ka photo
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PRAMOD_249
1 year 8 महीने पहले
आज के दौर में कोई चीज कचड़ा कूड़ा नहीं है l चीजें गलत जगह रखना गलत तरीके से रखना यहीं तो दिक्कत है।
रस्ते बनाते समय modified penetrating macadam ke लिए डामर का इस्तमाल होता है l जो किडामर हमें इंपोर्ट करना पड़ता है। ऐसे में डामर की जगह वेस्ट प्लास्टिक पिघला कर इस्तमाल करने लिए मशीन जिसे bauzar कहते है उसे बनाने केलिए IIT/ HPCL IOCL को पहल करनी चाहिए।जिसके चलते कई तरीके के फायदे हो सकते है ।
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Sanjay Verma
1 year 8 महीने पहले
प्रधानमंत्रीजी,
मेरा सुझाव आपके रेडियो कार्यक्रम- मन की बात के संदर्भ में है। हाल में आपके इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम ने 10 वर्ष पूर्ण किए हैं। इस अवधि में आपने कार्यक्रम के माध्यम से देश की विभिन्न समस्याओं का नोटिस लिया, उल्लेखनीय कार्य करने वालों को एक मंच प्रदान किया और देश के सांस्कृतिक, पर्यावरणीय, नवाचारोन्मुख परिदृश्य में सुधार संबंधी योजनाओं का विवरण देश की जनता और नीति-निर्माताओं के साथ साझा किया है। मेरा सुझाव है कि आपके इस रेडियो कार्यक्रम का शोधपूर्ण लेखा-जोखा देश के नीतिगत विकास की यात्रा के सामने एक रोडमैप सामने रखने के संबंध में किया जाए। मेरा मानना है कि आपके इस कार्यक्रम के माध्यम से व्यवसाय-परक नवाचार, पर्यावरण सुधार, देश के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास आदि जो महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, वे देश की भावी यात्रा के लिए व्यवस्थित और आदर्श खाका पेश करें। यदि इस शोधपूर्ण कार्य को आईसीएसएसआर जैसे संगठनों के माध्यम से संचालित किया जाता है, तो मैं उस शोध यात्रा का सहभागी होने का गौरव पाने के लिए तत्पर हूं।
धन्यवाद-सादर,
डॉ. संजय वर्मा, बेनेट विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा
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PRAMOD_249
1 year 8 महीने पहले
Respected sir,
Sadar pranam!
महाराष्ट्र की भूमि अनेक भागों में काली उपजाऊ है l ऐसे में किसानोंको उनके गांव से खेतों में अपने खाद अन्य साज़ोसमान मवेशी इत्यादि के साथ खेतों तक पहुंचने में अनेक कठिनाइयों से सारा साल भर दिक्कत होती है l बारिश के बाद खरीप की फसल के उपज के लिये थ्रेसर हार्वेस्टर खेतोतक समय से नहीं पहुंच पाते है l मवेशी / किसान/ उनका परिवार घुटनोतक कीचड़ को नापताहूनापतहुआ आएदिन आना जाना करना पड़ता है l
इसलिए खेतोतक या उसके आसपास तक एक पक्की सड़क का होना है जरूरी है l
महाराष्ट्र में इससे रस्तों को पांदन रास्ता / शिव रास्ता कहा जाता है l
कही भागों में गाड़ रास्ता या शिवार रास्ता भी बोला जाता है l ऐसे में इन सारे रस्तों में जगह जगह पर पानी के निकासी के लिए कंक्रीट पाइप का भी प्रावधान करना चाहिए l
यह रस्ते ऐसे बने ताकि इस पर भरी बरसात में ट्रक ट्राली ट्रैक्टर बाइक ठीक से चल सके।
केंद्र सरकार इस विषय पर कोई फंड दे/ योजना बनाए l
धन्यवाद!
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