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26 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

Inviting ideas for Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 26th September 2021
आरंभ करने की तिथि :
Sep 03, 2021
अंतिम तिथि :
Sep 24, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 81 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

26 सितंबर 2021 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें |

फिर से कायम कर देना
4880 सबमिशन दिखा रहा है
SUBASHJAINA
SUBASHJAINA 4 साल 9 महीने पहले
बहु माननीय प्रधान मंत्री जी, नमस्कार, तमिलनाडु में पोषल में एक बहुत बड़ा झील अवैध आक्रमण कार्यों के कारण तीन तरफ से मकानों से भरा पड़ा है । झील के आधे से भी ज्यादा भाग अवैध निर्माण के कारण छोटा बन गया है जो की पूरे चेन्नई को पानी देता था अब सिकुड़ती जा रही है। क्या आप अपनी मन की बात में इस विषय को बताकर उसे बचा सकते हैं। ऐसा हो जावे तो मैं आप का ऋणी रहूंगा। ये ही नहीं कांचीपुरम एक जमाने में झीलों का जिला माना जाता था अब वहां कई सारे झीलों का पता नहीं है। कृपया आप कुछ कीजिए। सधन्यवाद। आपका....
S S Rao
S S Rao 4 साल 9 महीने पहले
Hon'ble P.M.Sir, The condition of most of the Sr Citizens & EPFO Pensioners are very bad. They are living miserable poverty life. The scanty pension of Rs. 1000/- they are getting, it may not be adequate to both husband & wife in these hard days. They are forced to depend on their children.Kindly increase of Pension to Rs. 10,000/- for EPFO Pensioners with Ayushman Bharat Health Card. Please take appropriate action to alleviate EPFO Pensioners suffering as you are the only hope.
BAJRANG LAL TELI
BAJRANG LAL TELI 4 साल 9 महीने पहले
प्रधानमंत्री जी को मेरा सादर प्रणाम l में भवन निर्माण मजदूर हु । मजदूरों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के लिए भारत सरकार व राज्य सरकार का बहुत बहुत धन्यवाद । पर इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए मजदूर वर्ग का शिश्रित व जागरूक होना अति आवश्यक है। जागरूकता के अभाव से इन योजनाओं का लाभ सभी मजदूरो तक नहीं पहुंच पाता है। सरकार से मेरा आग्रह है कि गांव में रहने वाले श्रमिकों का पंजीयन कराने की प्रक्रिया शुरू करने पर विचार करे ताकि उन्हें लाभकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।आपका धन्यवाद।
vipula prabhu
vipula prabhu 4 साल 9 महीने पहले
I along with my matruchaya Karayakarta has been working continuously as Frontline workers helping in vaccination from day one till date but recently when live session was conducted from Goa we should been asked to be part from wherever we were present as it was during Ganesh Chaurthi time and as we are helping society it was the duty of the concerned department to put our work in front of you maybe in form of message with our names too..thank you for giving platform to write in Man ki Baat
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Bhuvaneshwari Mohan
Bhuvaneshwari Mohan 4 साल 9 महीने पहले
माननीय प्रधान मंत्री जी, नमस्कार! आपसे निवेदन करना चाहती हूँ कि कक्षा 9-12 तक का पाठयक्रम संपूर्ण भारत के लिए एक हो ताकि सभी प्रकार की प्रवेश परीक्षाओं के लिए छात्रों को समान अवसर मिल सके I साथ ही NEET, JEE आदि परीक्षाएँ विद्यालय के 12 वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षाओं के समान ही उसी दौरान में CBSE बोर्ड या NTA द्वारा संचालित किया जाए जिससे अनावश्यक धन और श्रम की क्षति कम हो I इस से छात्रों में तनाव और भय का वातावरण बिल्कुल नहीं रहेगा I आशा करती हूँ कि आप इस विषय में ठोस कदम अवश्य उठाएंगे I
Aakash Kumar Pandey
Aakash Kumar Pandey 4 साल 9 महीने पहले
साष्टाङ्गं दन्द्वत्त प्रणम् १८५७ से पहले कोई v पोलिस नही थी तब जो लगु किया गया संविधान RIGHT TO OFFENCE सभी पोलिस का अधिकार है लेकिन् किसी भी भारत के नागरिक को RIGHT TO DEFENCE की अधिकार क्यु नहि है, और जब कोई निर्दोष अपना बाचव भी करे तो उसकी एक भी नहीं सूनि जाती बल्की जो प्रशासन बोलति है उसकी हि बातो को माना जाता है! और निर्दोष पाछ् को संविधान के अनुसार सजा होती है, लेकिन क्या आप अपने १५० से जैदा जनता के बाचाव के हित के लिये कया कोई ऐशी पारामर्ष कर सकते है। ।। भारत माता की जय ।। । धान्वाद।