Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

26 जुलाई, 2020 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

आरंभ करने की तिथि :
Jul 09, 2020
अंतिम तिथि :
Jul 25, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 67 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

26 जुलाई, 2020 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें

फिर से कायम कर देना
6839 सबमिशन दिखा रहा है
Shailja pande
Shailja pande 5 साल 11 महीने पहले
प्रधानसेवकजी नेट्वर्क या मोबाइल सेट की समस्या के चलते छात्रों तक ऑनलाइन शिक्षा नहीं पहुँच पा रही है ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक अप्लाइयन्स डोनेट स्कीम चलाई जाए। इसके अंतर्गत फ़ोन डोनेट ओर लैप्टॉप डोनेट की जाए। नागरिकों से अपील की जाए कि जिसकिसी के पास भी फ़ोन या लैप्टॉप है वो सरकार को दान दे। सरकार इस हों ओर लैप्टॉप से सीम ओर ब्राउज़िंग बैन कर स्कूल का पाठ्यक्रम की विडीओ उनके डाउनलोड कर ग्रामीण इलाक़ों में वो भिजवा दे।जिससे बच्चे अपनी क्लास बिना रुकावट के बिना नेट्वर्क के ले सकेंगे।
MOHIT HOTA
MOHIT HOTA 5 साल 11 महीने पहले
1. Motivate youth to participate in science and research oriented activities in the field of defence and engineering. 2. Make gate exam compulsory for all engineering students to clear b. tech exam. it will help in strengthing candidates skill and knowledge. 3. motivate students for more startups. 4. create common exam for teachers and proffesors for selection into colleges.
Vishal Chaurasia
Vishal Chaurasia 5 साल 11 महीने पहले
अगर भारत में उद्योग और औद्योगिकीकरण बढ़ता है तो भारत का जीडीपी भी बढ़ेगा सरकार की इनकम बढ़ेगी और यह सब तब होगा जब भारत का युवा प्रशिक्षित होगा इसलिए शिक्षा जरूरी है और शिक्षा का ढंग आप को बदलना होगा भारत में डिग्री ज्यादा महत्व रखती है प्रशिक्षण से, जिस व्यक्ति के पास डिग्री है उसके पास प्रशिक्षण नहीं है और जिस व्यक्ति के पास प्रशिक्षण है उसके पास डिग्री नहीं है
Vishal Chaurasia
Vishal Chaurasia 5 साल 11 महीने पहले
एक बात और सर आपका कौशल विकास के प्रोग्राम में सिर्फ कंप्यूटर और उन चीजों का बेसिक नॉलेज दिया जाता है जिस लिहाज से नौकरियां कम है और ऐसे स्किल्स युवा ज्यादा है आप देश की युवा को कौशल विकास प्रोग्राम के तहत एक ऐसे स्किल्स का ज्ञान दीजिए जिससे भारत में नए नए उद्योगों का विकास हो सके जैसे कि मोबाइल के पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग का ज्ञान!
Vishal Chaurasia
Vishal Chaurasia 5 साल 11 महीने पहले
नमस्ते सर मेरा नाम विशाल चौरसिया है सर सर मेरा सवाल यह है कि क्या आत्मनिर्भर भारत का नारा देने से भारत आत्मनिर्भर बन जाएगा एक सुझाव भी है सर ऐसी व्यवस्था बनाइए की नई टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण हर एक युवा के पास हो जिससे देश में नए-नए उद्योग विकसित हो सके
Shweta Singh
Shweta Singh 5 साल 11 महीने पहले
Dear Sir, First of all, I want to thank you for being our PM. You are really a youth icon & every day you inspire us in so many ways, I wish good health for you to continue this journey of making India super power nation in all around. Now coming to sharing ideas on coming Man Ki Baat then if possible request you to speak on exams as this month only result of SSC & HSC declared, so request you to choose this topic to speak & help kids to have better life lessons.
Binay K Jha
Binay K Jha 5 साल 11 महीने पहले
Respected Sir, This the story of children from slum and labour colony schools who are successfully facing the challenge of COVID 19 pandemic, turning adversity into opportunity. Their education continues without break, and goes beyond their books, connecting with life. Undefeated, the children have been teaching their parents and grandparents to read and write, at home, redefining the meaning of education, and the role of teacher and student. This is the " Zindagi Ki Paathshaala"