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आरंभ करने की तिथि :
Mar 03, 2022
अंतिम तिथि :
Aug 31, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
भारत में जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़ी प्रथाओं/पद्धतियों और ज्ञान ...
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टिप्पणियाँ (1)
2022 सबमिशन दिखा रहा है
DrKAMALESH NAIR VV
3 साल 9 महीने पहले
Traditional knowledge (TK) is knowledge, know-how, skills and practices that are developed, sustained and passed on from generation to generation within a community, often forming part of its cultural or spiritual identity.
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vennela.nageswara rao
3 साल 9 महीने पहले
Hon'ble prime minister sir, more prime minister kisan beneficiaries died on this crop year. Some circumstances bank accounts also closed the death persons. The land pattadar padd books up
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vennela.nageswara rao
3 साल 9 महीने पहले
Hon'ble prime minister sir, i am my gov follower. I am qualify the digital India quiz. So, My candidature is considering for
attending the digital India conference at Gujarat. I am not attend the conference. So please kindly consider my candidature for further any conference.thank you sir
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vennela.nageswara rao
3 साल 9 महीने पहले
Hon'ble prime minister , your administration is very appreciated.thank you sir
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Amishakumari
3 साल 9 महीने पहले
Amisha kumari
21 battalion
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Anurag Bharadwaj
3 साल 9 महीने पहले
नमस्कार महोदय।
पूर्वोत्तर भारत में जितने भी ट्राइब्स है उनका कल्चर को रक्षा करना हमारा प्रधान काम होना चाहिए। हर ट्राइब का उनका अपना अपना रिचुअल्स होता है। जो हमारा सनातन धर्म ही है, लेकिन ख्रीस्त धर्म का प्रचार और प्रसार,और बांग्लादेशी मुस्लिम प्रब्रजन के कारण सब खतरे में है।
अपर से बहत राज्य इंटरनेशनल सीमा के साथ लगा हुवा है।
ये एक गंभीर बात है।
हर ट्राइब्स का संस्कृति को बचाना हमारा प्रायरिटी होना चाहिए। वहा शिक्षा, स्वास्थ और जीने का मानदंड उन्नत करना होगा।
( Lose of culture lose of identity)
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Madhumita Acharjee
3 साल 9 महीने पहले
Respected Sir,
I personally feel that for years we have been neglecting one major sector of society which has in depth knowledge. However, we are unable to utilise that resource. Yes, I'm mentioning our retired people and senior citizens as a whole. Today we hardly find a joint family and the depth and experience our senior citizens have is immense. Young people or children avoid spending time with them. We may pool these resources in some way so that collectively they are shared and contribute towards spreading traditions and culture to our younger generation.
Secondly, TV plays a major role in our lives. We can have a nationwide contest on Lok sangeet, Folk stories, Folk dances.
Our kids are unaware of our folklore and dances. Schools being more towards international education, kids are hardly given exposure to our traditions and practices. State-wise schools should arrange a festival to celebrate and show our Indian traditions and practices.
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Lakhan Solanki
3 साल 9 महीने पहले
हमे अपने पारंपरिक ज्ञान और पद्धतियों को बचाने के लिए हमारे जो ग्रन्थ है उनका अलग अलग विद्वानों ने अलग अलग भाषा ने अलह अलग मतलब निकाला है तो हमे उन सब के विचारो को मिलना पड़ेगा , जो मुख्य ग्रन्थ है वही लोगों को बताना और समझाना होगा जिससे कि सभी के विचार एक जैसे हो एक प्रवाह में हो । हमारे गर्न्थो और इतिहास के बारे में ज्यादा से ज्यादा लिखना होगा और लोगो को बताना होगा ।
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gyaneshwar narad darode
3 साल 9 महीने पहले
राष्ट्रीय चाय
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VIKASH KUMAR
3 साल 9 महीने पहले
Adivasi culture haves even more exciting, & scientific traditions which needs awareness & support of the govt. to reach mass of people in right sense.
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