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स्कूल और प्रौढ़ शिक्षा में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का संवर्धन

आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाने में सूचना और संचार ...

शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाने में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी की सशक्त भूमिका हो सकती है। स्कू्ल शिक्षा में आईसीटी की राष्ट्रीय नीति में स्कू्ल पद्धति में आईसीटी का एक समग्र फ्रेमवर्क तैयार करने की परिकल्पना और प्रावधान किया गया है। यद्यपि ऐसे कई तौर-तरीके हैं जिनके द्वारा स्कूलों में आईसीटी को कार्यान्वित किया जा रहा है, तथापि यह अपेक्षित है कि हम सभी प्रकार की पहल में प्रौद्योगिकी का इष्टतम रूप से उपयोग करें और फायदा उठाएं ताकि गुणवत्ता और दक्षता का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। इस प्रकरण के तहत हमें यह समाधान खोजना होगा कि स्कूल और प्रौढ़ शिक्षा दोनों के लिए किस प्रकार उत्कृष्ट प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया जा सकता है और किसी भी सर्वश्रेष्ठ तौर-तरीके को किस प्रकार साझा किया जा सकता है।

फिर से कायम कर देना
601 सबमिशन दिखा रहा है
Shweta Bhatnagar
Shweta Bhatnagar 11 साल 5 महीने पहले
With the increasing number of internet users, more people are socializing online than personally. This gives an opportunity to hackers to hack systems online and excuse themselves by calling this a new social trend or ethical hacking. This should be checked seriously, otherwise the number of cyber crimes can disrupt not just the social system, but also the commercial setup of the country. Cyber crime or Hacking is addictive and should be punished severely.
Shweta Bhatnagar
Shweta Bhatnagar 11 साल 5 महीने पहले
With the increasing number of internet users, more people are socializing online than personally. This gives an opportunity to hackers to hack systems online and excuse themselves by calling this a new social trend or ethical hacking. This should be checked seriously, otherwise the number of cyber crimes can disrupt not just the social system, but also the commercial setup of the country. Hacking is addictive and should be punished severely.
Anurag Sahu
Anurag Sahu 11 साल 5 महीने पहले
India is suffering internal terrorism because of differences in religion. I am Hindu but I know very little about my religion that tell me to behave nicely to each person of any religion. Problem will start when messenger of my realign will try to manipulate thing about other religion. How will I trust other religion if I don’t know about them? A book can be designed that contains a chapter about each religion for any class 6 -10. I believe basics of each religion are same. We are just confused.
HARSHIT GUPTA
HARSHIT GUPTA 11 साल 5 महीने पहले
हम अपने पाठयक्रम में सिर्फ उन शासकों की कहानी पढाते जिन्होंने हम पर शासन किया,, जैसे मुगल शासक, गुलाम वंश। अब हमें अपने उन शासकों की वीर गाथा पढानी होगी जिन्होंने इन विदेशी शासकों का वीरता पूर्वक सामना किया और बहुत से युद्धों में इनको पराजित किया,, तब यहां का हर बच्चा भारत देश का नागरिक होने में गौरवान्वित महसूस करेगा। और भारत के लिए कुछ करने की ईच्छा रखेगा
manohar chamoli
manohar chamoli 11 साल 5 महीने पहले
मुझे बराक जी की भारत यात्रा से यह चिंता है कि क्या हमारे उन बच्चों के लिए अमेरिका हमारी मदद करेगा जो बच्चे आज भी हर संभव प्रयासों के बाद भी स्कूल का मुंह नहीं देख पाते?
manohar chamoli
manohar chamoli 11 साल 5 महीने पहले
दिल को छूने वाले सवाल आपकी नज़र से थे। लेकिन क्या फायदा हुआ यदि इस जगह भी सवाल वहीं खड़े के खड़े हैं। अच्छा हो कि आप यहां उठाए गए सवालों को जवाब देते। बराक ओबामा का अर्थ क्या है? इससे हमारे भारतीयों को क्या फर्क पड़ता है। दर्शन सरीखी व्याख्या के लिए तो आपके व्याख्यान कहीं भी सुने जा सकते हैं।
ABHISHEK aswal
ABHISHEK aswal 11 साल 5 महीने पहले
देश के प्रत्येक क्षेत्र में एक ऐसे व्यक्ति का चयन किया जाए जो उस क्षेत्र में साक्षरता दर को हासिल कराने हेतु प्रयास करे यदि वह सफल रहे तो उसे सम्मानित किया जाए जिससे दूसरे लोगों को प्रेरणा मिले भगत सिंह ज़िंदाबाद
dharamraj kushwaha
dharamraj kushwaha 11 साल 5 महीने पहले
आप सरकार से r.t.i. ke तहत सुचना मांग कर देख लीजिये। आपको नहीं मिलेगा। साथ ही मै अपने शिक्षा मंत्री जी के ध्यान में भी यह बात लाना चाहता हु की एक ही देश में दो तरह की शिक्षा वयस्था को ख़त्म कीजिये।
dharamraj kushwaha
dharamraj kushwaha 11 साल 5 महीने पहले
संस्था है। इसमें हर साल लाखो बच्चे एडमिशन लेते है। क्या बिना उनको इसमें शामिल किये शिक्षा क्षेत्र में कोई सुधर हो सकता है?इनका official language sirf अंग्रेजी है। यह तो अपने आप में मोदी सरकार पर तमाचा है जो हिंदी की बात करती है।एक illegal sanstha कैसे अपनी नीतियों को सरकार से ऊपर रख सकताहै। आपलोग सभी ग्रुप के सदस्यों से मै निवेदन करता हु की आप सभी 29 अगस्त का हिंदुस्तान पेपर का हेडpage dekhiye और खुद से c.i.s.c.e ka sachhai पता कीजिये। सरकार की नीतियाँ सिर्फ आपको बेवकूफ बना रही है। इन्होने अपने लिए एक समान्तर वयस्था बना लिए है। जो कीunconsitutional v है। और जयादा सुचना क लिए आप 9661763100 par contact kar sakte hai.और आप r.t.i. के
dharamraj kushwaha
dharamraj kushwaha 11 साल 5 महीने पहले
जब तक आप c.i.s.c.e.जो कि एक illegal संस्था है को ख़त्म नहीं करेंगेताब तक आप किसी भी योजना को ठीक से लागु नहीं कर पाएंगे। c.i.s.c.e एक निजी संस्था है जो secondary परीक्षा लेती है और यह सर्कार का निर्देश मानने क लिए बाध्य नहीं है। मैंने इससे सुचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचनाये मांगी थी जो की इन्होने यह कहकर इंकार कर दिया की वह एक निजी संस्था