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व्यापक शिक्षा – नीतिशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, कला और शिल्प, जीवन कौशल

Comprehensive Education – Ethics, Physical Education, Arts & Crafts, Life Skills
आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हमारे छात्रों को समग्र विकास की जरूरत है जिसे केवल सूचना और अनुदेशन ...

हमारे छात्रों को समग्र विकास की जरूरत है जिसे केवल सूचना और अनुदेशन के माध्यम से अर्जित नहीं किया जा सकता। ज्ञान को मूल्यों, नैतिकता, कला का रसास्वादन, शारीरिक शिक्षा, खेल-कूद और जीवन कौशलों के सुग्राहीकरण की आवश्यकता है। यह प्रकरण खेलकूद - एकीकरण, शारीरिक शिक्षा, कला और शिल्प‍, जीविका के लिए कार्यात्मक कौशलों तथा स्कूल पाठ्यचर्या में मूल्यवान शिक्षा के ठोस तरीकों और साधनों के लिए सुझाव आमंत्रित करता है।

फिर से कायम कर देना
948 सबमिशन दिखा रहा है
MACHAPUR NIZAMABAD
MACHAPUR NIZAMABAD 10 साल 8 महीने पहले
నైతిక విద్యనూ బోదించాలి , వారానికి రెండు పీరియడ్స్ కేటాయించాలి , ప్రత్యేక ఉపాధ్యాయని నియమించాలి జనవరి 26 పురస్కరించుకుని ఆటపోటిలు ఏర్పాటు చేసుకున్నాం , ప్రోత్సహకలు ఇస్తున్నాము .
MACHAPUR NIZAMABAD
MACHAPUR NIZAMABAD 10 साल 8 महीने पहले
9. SMC సంఘం చురుకుగా పనిచేస్తుంది. పర్యవేక్షణ విధానం ఉండాలి. అక్షరాస్యత గల యువకులను యస్. యం. సి సబ్యులుగా చేయాలి. మానిటరింగ్ వ్యవస్థ పటిష్టంగా ఉండాలి, పాటశాల, సమాజం రెండు కలిసీ పనిచేయాలి
MACHAPUR NIZAMABAD
MACHAPUR NIZAMABAD 10 साल 8 महीने पहले
9. SMC సంఘం చురుకుగా పనిచేస్తుంది. పర్యవేక్షణ విధానం ఉండాలి. అక్షరాస్యత గల యువకులను యస్. యం. సి సబ్యులుగా చేయాలి. మానిటరింగ్ వ్యవస్థ పటిష్టంగా ఉండాలి, పాటశాల, సమాజం రెండు కలిసీ పనిచేయాలి
Padampur Dewaliya NAINITAL
Padampur Dewaliya NAINITAL 10 साल 8 महीने पहले
रारम्भिक वस्तू है .बालक के आचरण और व्यक्ति गत व्यवहार की छोटी छोटी बात में उठने- बैठने , चलने-फिरने और बेश भूषा में इसकी झलक होनी चाहिए .आंतरिक संस्कृति की झलक बालक की बाणी में ,आथित्य में , पारस्परिक व्यवहार में और गुरुजनों के प्रति व्यवहार में होनी चाहिए , अत: सांस्कृतिक विकास के लिए पाठ्यक्रम में में भी व्यवस्था होनी चाहिये.
JAGGI BANGAR NAINITAL
JAGGI BANGAR NAINITAL 10 साल 8 महीने पहले
पाट्यक्रम मॆ नैतिक शिक्शा पर विशॆष बल दिया जाना चाहिये. पठ्यक्रम मॆ व्यापक यॊग, खॆलकूद व ह्स्त शिल्प व जीवनॊपयॊगी कोशलो को शिखाने की पुणॅ व्यवस्था की जानी चाहिये. इन्हॆ शिखाने हॆतु शिक्शक शिक्शा मॆ भी व्यवस्था की जानी चाहियॆ.
HATHIKHAL NAINITAL
HATHIKHAL NAINITAL 10 साल 8 महीने पहले
प्रारम्भिक वस्तू है .बालक के आचरण और व्यक्ति गत व्यवहार की छोटी छोटी बात में उठने- बैठने , चलने-फिरने और बेश भूषा में इसकी झलक होनी चाहिए .आंतरिक संस्कृति की झलक बालक की बाणी में ,आथित्य में , पारस्परिक व्यवहार में और गुरुजनों के प्रति व्यवहार में होनी चाहिए , अत: सांस्कृतिक विकास के लिए पाठ्यक्रम में में भी व्यवस्था होनी चाहिये.
B Kanaka Chary
B Kanaka Chary 10 साल 8 महीने पहले
Basic needs of Human are Happiness and Physical facilities. Happiness is the need of I while Physical facilities is the need of the body. Need of Happiness is fulfilled by Right understanding and right feelings while the need of Physical facilities is fulfilled by physical things. Human I (Self) Body Need Happiness Physical facilities in Time Continuous Temporary in Quantity Qualitative Quantitative Fulfilled by Right Understanding Right Feelings Physical Things
B Kanaka Chary
B Kanaka Chary 10 साल 8 महीने पहले
At the center of one (Materialism) was Physical Facilities while at the center of other (Spiritualism) was God or gods. Human being was undermined in both; one ended up in declaring Accumulation of Wealth (Suvidha- Sangrah) as the ultimate aim of life while the other as adoration of God (Bhakti-Virakti).