Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

राज्य सरकार, स्थानीय स्व-शासन और पुलिस भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ कैसे प्रभावी कदम उठा सकती है, इससे संबंधित सुझाव दें

Suggestions on how the State Govt., local self-government and Police can take effective measures against Misleading Advertisements
आरंभ करने की तिथि :
Jan 01, 2015
अंतिम तिथि :
Jan 24, 2015
04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भोले-भाले उपभोक्ता भ्रामक विज्ञापनों के झांसे में आकर विभिन्न ...

भोले-भाले उपभोक्ता भ्रामक विज्ञापनों के झांसे में आकर विभिन्न गोलियां/अनुपूरक आहार, गोरा करने वाली क्रीम इत्यादि उत्पाद खरीद लेते हैं जो अक्सर घटिया और स्वास्थ के लिए हानिकारक होते हैं। नई दिल्ली में स्थित भारत सरकार का उपभोक्ता मामले विभाग राज्य सरकार, स्थानीय स्व-शासन और राज्य के पुलिस विभाग की सक्रिय भागीदारी के बिना भ्रामक विज्ञापन के दुष्प्रभावों को कम नहीं कर सकता है। इन प्राधिकारियों से अपेक्षित है कि वह इन भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के लिए कुछ ठोस कदम उठायें एवं भ्रामक विज्ञापनदाता अपने आप या फिर स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों द्वारा सतर्क किए जाने पर इसे हटायें।

राज्य सरकार, स्थानीय स्व-शासन और पुलिस भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ कैसे प्रभावी कदम उठा सकती है, इससे संबंधित सुझाव दें।

आप अपनी टिप्पणियां 23 जनवरी 2015 तक भेज सकते हैं।

भ्रामक विज्ञापनों के बारे में अधिक जानकारी यहाँ से प्राप्त करें-http://cdn.mygov.nic.in/bundles/frontendgeneral/pdf/brief-on-misleading-...

फिर से कायम कर देना
600 सबमिशन दिखा रहा है
mani jana
mani jana 11 साल 6 महीने पहले
THERE HAS TO BE A RADICAL SHIFT IN AGRICULTURAL P9OLICY. IF I AM THE PRIME MINISTER I WILL BAN SUGARCANE PRODUCTION (WHICH IS A VERY EVIL PRODUCT USED FOR ALCOHOL AND SUGAR IS ALSO EQUALLY BAD FOR HEALTH) AND CUT ALL SUBSIDIES TO AGRICULTURE AND GIVE VERY GOOD INCENTIVES AND SUPPORT FROM BANKS 3% AND TOTAL CROP PRODUCTION OF INDIA SHOULD BE INSURED BY GOVERNMENT