Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

भारतीय खाद्य निगम के पुनर्नवीकरण के लिए आम जनता एवं हितधारकों के सुझाव आमंत्रित है

Inviting Suggestions from Public and Stakeholders on Restructuring of FCI
आरंभ करने की तिथि :
Jan 01, 2015
अंतिम तिथि :
Sep 30, 2014
04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत सरकार ने भारतीय खाद्य निगम की परिचालन क्षमता और वित्तीय ...

भारत सरकार ने भारतीय खाद्य निगम की परिचालन क्षमता और वित्तीय प्रबंधन की प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए उसके पुनर्नवीकरण हेतु माननीय संसद सदस्य श्री शांता कुमार की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) का गठन किया है जिसमें कई अनुभवी व्यक्तियों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

भारत सरकार द्वारा उच्च स्तरीय समिति के गठन और उसके कार्यक्षेत्र से संबंधित जानकारी एफसीआई की वेबसाइट www.fciweb.nic.in पर उपलब्ध कराई गई है।

भारतीय खाद्य निगम के पुनर्नवीकरण के लिए आम जनता सहित खाद्य प्रबंधन, कृषि, भंडारण, वेयरहाउसिंग, आपूर्ति श्रृंखला और रसद के क्षेत्र में कार्य कर रहे पेशेवरों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, गैर सरकारी संगठनों / संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी समितियों, किसान निकायों / संघों, चावल / आटा मिल के मालिकों, हैंडलिंग और परिवहन ठेकेदारों, सरकारी निकायों इत्यादि हितधारकों के सुझाव आमंत्रित किये गए हैं।

देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य को बनाए रखने, भंडारण और खाद्यान्न के वितरण एवं खाद्य सुरक्षा प्रणालियों में भारतीय खाद्य निगम की भूमिका में किए जाने वाले परिवर्तन के लिए भी सुझाव आमंत्रित है।

देश में खाद्यान्न की आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण, भंडारण के लिए सबसे कारगर मॉडल और वाहनों की ट्रैकिंग सहित अनाजों के परिचालन के लिए न्यूनतम लागत वाले विकल्पों से संबंधित सुझाव दें।

वैज्ञानिक भंडारण और खाद्यान्न प्रबंधन हेतु प्रौद्योगिकी के उन्नयन के लिए भी उपयुक्त मॉडल सुझाएँ।

फिर से कायम कर देना
862 सबमिशन दिखा रहा है
VINOD KUMAR LOHIA
VINOD KUMAR LOHIA 11 साल 9 महीने पहले
माननीय प्रधान मंत्री जी , तथाकथित अधिकारी (जान सेवक) वर्ग जनता से दुरी बनाना पसंद करते है. खास कर उनलोगों से जो उनसे समरस भाव की अपेक्षा रखते हों. सरकारों की वेब साइट्स पर विभागों के इ-मेल id और मोबाइल नंबर नहीं होते हैं. सरकारी इ-मेल को ऑटो-जनरेटेड acknowledgement जरुरी होना चाहिए. हर सरकारी वेब-साइट पर शिकायत /सुझाव होना चाहिए और उसका उत्तर भी मिलाना चाहिए.
anil kumar
anil kumar 11 साल 9 महीने पहले
ram ram ji sir please improve education system ,only due to reservation system so many itelligent students does not get seats . you help them financialy but not cpmpromise in percentages in study my son is quite intelligent but due to this system he has to go to australia for study
VINOD KUMAR LOHIA
VINOD KUMAR LOHIA 11 साल 9 महीने पहले
माननीय प्रधान मंत्री जी, सरकारी अफसरों को "अधिकारी" की संज्ञा दी जाती है, चाहे वें राज्य सरकार के हों या केंद्र सरकार के. देश के प्रधान मंत्री अपने को "प्रधान सेवक" कहते है. मेरा सुझाव है की इन अफसरों को भी "जन सेवक" कहा एवं लिखा जाना चाहिए. "अधिकारी" शब्द व्यक्तित्व के अहंकार भरता है जबकि "सेवक" शब्द विनय का भाव पैदा करता है. फिर किसी भी व्यक्ति को बिना किसी दायित्व के कोई अधिकार नहीं दिया जाता. इसके लिए कानून, दिशा निर्देश अथवा कुछ और, जहाँ जो वदलाव जरूरी हो किया जाना चाहिए.
kalpak shah
kalpak shah 11 साल 9 महीने पहले
Our country need strict law enforcement and educate them for self discipline. Look at traffic in India in general and Ahmedabad in particular, there is no discipline at all. OUR POLICE SHOULD PLAY ROLE OF ENFORCER OF TRAFFIC LAW RATHER THAN A MANAGER OF IT. INDIAN MOTOR VEHICLE ACT should make DRIVING ON WRONG SIDE AN OFFENSE EQUIVALENT TO CULPABLE HOMICIDE AND SHOULD BE PUNISHABLE TO MAXIMUM EXTENT.
malaya parida
malaya parida 11 साल 9 महीने पहले
Posting couple of ideas here - 1. Identify Tourist places (at least 1 in every constituency) & each MP should take responsibility to develop tourist place in their constituency. 2. Healthy India - Every student should force to opt any single sport during his school/college days. Create a platform for student's to showcase their talent.
Rohit Thapa
Rohit Thapa 11 साल 9 महीने पहले
In our state of Sikkim, as soon as a woman gets married to a person from outside the state, her domicile certificate becomes invalid. But when a man marries a woman ir women from outside the state, they all become domiciled certificates. An woman has to keep producing Unmarried Certificates in offices whereas a man doesnot have to. Please look into it and bring equality in true sense, not just a slogan of Women Empowerment.