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बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए किए गए उपायों को लागू करने के लिए सुझावों का आमंत्रण

आरंभ करने की तिथि :
Feb 20, 2021
अंतिम तिथि :
Mar 31, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग ...

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर),आयुष मंत्रालय एवं फार्मास्यूटिकल्स विभाग के सहयोग से 23 फरवरी 2021 को पूर्वाह्न 10:30 बजे से 1:00 बजे तक ‘ट्रांसफार्मिंग द हेल्थ सेक्टर: यूनियन बजट 2021- स्ट्रेटेजीस फॉर इंप्लींमेंटेशन’ विषय पर एक वेबिनार का आयोजन कर रहा है। यह बेबिनार पिछले कुछ सालों में किए गए सुधारों के स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यान्वयन के लिए व्यापक रणनीतियों के संबंध में बजट के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालेगा। आमंत्रित विशेषज्ञ नीतिगत सुधार और कार्यान्वयन को मजबूत करने के लिए चुनौतियों और अवसरों पर विचार करेंगे। आमंत्रित विशेषज्ञों में अकादमिक क्षेत्र, अनुसंधान संस्थानों, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, उद्योग, राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों, एम्स, पीजीआई, JIPMER, NIMHANS, अन्य केंद्र सरकार के संस्थानों के संस्थानों जिसमें फिक्की, CII, ASOCHAM, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स, हेल्थकेयर फेडरेशन के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित केंद्रीय बजट में प्रमुख घोषणाएं निम्नलिखित हैं और हम जनता और अन्य हितधारकों से विचार और सुझावों को आमंत्रित कर रहे हैं:
1.न्यूमोकोकल कॉन्जगेट वैक्सीन को देशभर में उपलब्ध कराना
2.2021-22 में कोरोना वैक्सीन के लिए ₹35000 करोड़
3.पूरक पोषण कार्यक्रम और पोषण अभियान का विलय और मिशन पोषण 2.0 के रुप में लॉन्च किया जाना
4.6 वर्षों में ₹64180 करोड़ का परिव्यय
5.स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के लिए सहायता
6.एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना
7.क्रिटिकल केयर हास्पिटल ब्लॉकों की स्थापना
8.NCDC को मजबूत बनाना
9.एकीकृत स्वास्थ्य सूचना पोर्टल का विस्तार करना
10.नेशनल हेल्थ कमीशन फॉर एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स बिल
11.द नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में किए गए उपायों पर एक विस्तृत पीपीटी के लिए यहां क्लिक करें।

सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 31st March 2021 है।

फिर से कायम कर देना
1191 सबमिशन दिखा रहा है
Sanjay
Sanjay 5 साल 3 महीने पहले
ऊपरी उपाय करने से स्थाई समाधान नहीं मिलेगा स्थाई समाधान तो योग में है स्थाई समाधान आयुर्वेद में है स्थाई समाधान अपनी जड़ों को मजबूत करने में है कि और तो सरकार का ध्यान बिल्कुल भी नहीं है खराब और अब करोड़ों रुपए हर साल जो आयुष मंत्रालय को दिया जाता है कृषि विभाग और दानी को दिया जाता है उसके बावजूद भी जड़ी बूटी की खेती ट्रेनिंग प्रशिक्षण स्किल क्वालिटी डेवलपमेंट लगभग ना के बराबर नतीजा परिणाम शून्य क्यों है कारण पता लगाई है और निवारण कीजिए बातें करने से काम नहीं चलेगा इंप्लीमेंटेशन होना चाहिए जो नह
Vishal Nimbalkar
Vishal Nimbalkar 5 साल 3 महीने पहले
प्रिय प्रधानमंत्री जी मैं भले ही उम्र में छोटा हूं लेकिन मैं आपको वैक्सीन को हर गांव में पहुंचाने के लिए एक आसान सुझाव देना चाहता हूं। जैसे कि आप जानते हैं कि हर गांव में गोरमेंट की बस जाती है तो हमें गोरमेंट के बस को ही एक हॉस्पिटल के रूप में डिजाइन कर हर एक बस को हर एक गांव में छोड़ना होगा जिससे वैक्सीनेशन में आसानी होगी और कोरोना के मामले भी नहीं बढ़ेंगे क्योंकि यहां पर ज्यादा भीड़ नहीं होगी और वैक्सीन का वेस्टेज भी रोका जाएगा। क्योंकि हर काम व्हीकल के द्वारा ही होगा और यह आसान है
NAVIN CHANDRA PATHAK
NAVIN CHANDRA PATHAK 5 साल 3 महीने पहले
मान्यवर, देश के सभी नागरिकों के लिए जिसका खाता बैंक में हो 2 लाख रूपये का एक स्वास्थ्य वीमा योजना जारी किया जाय जिसका नाम धन्वंतरी स्वास्थ्य वीमा योजना हो | इसके लिए प्रति वर्ष उनके खाते से एक निश्चित राशि ( रूपये 15 - 50) काट लिया जाय | इससे मिलनेवाले राशि से खाताधारियों को बीमार पड़ने की स्थिति में चिकित्सा के लिए सहायता मिल सकेगी |
CHANDA NAGARAJU
CHANDA NAGARAJU 5 साल 3 महीने पहले
Dear Modi ji There r many ways to improve Health Sector, 1. Encouraging innovation and manufacturing (of medical devices) within the country. 2. Spending more on medical research. 3. Improving medical, nursing and technical education as well as upskilling of existing manpower. 4. International collaborations.
NAVIN CHANDRA PATHAK
NAVIN CHANDRA PATHAK 5 साल 3 महीने पहले
प्रारंभ से ही चिकित्सकों का अभाव झेल रहे ग्रामीण क्षेत्रों में जो भी चिकित्सक रहते थे वे बहुत ही तन्मयता से बीमार लोगों का इलाज करते थे, यदि ये कहें कि वे मानव सेवा के प्रति पूर्णत: समर्पित थे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी | लेकिन आजकल चिकित्सकों का एक मात्र लक्ष्य आर्थिक उपार्जन हो गया है और गाँव में भी शहर का ये संक्रामक रोग लग गया है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं |चिकित्सा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की ओर सरकार को ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है |
NAVIN CHANDRA PATHAK
NAVIN CHANDRA PATHAK 5 साल 3 महीने पहले
देश के आम नागरिकों को चिकित्सा सुविधा आसानी से उपलब्ध हो, यह इस सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए कई कदम उठाये भी गये हैं | लेकिन जैसा कि हमलोग कल्पना करते थे इस सरकार के द्वारा इस क्षेत्र में आमूल परिवर्तन किया जायेगा वैसा कुछ भी धरातल पर नहीं दिखाई पड़ रहा है | बिहार स्थित मेरे गाँव में अभी भी लोग एक अदद अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केंद्र के लिए तरस रहें हैं जबकि वहाँ उसी दल की सरकार है जो केंद्र में शासन कर रही है | आशा है बिना कोई बहाना के आम आदमी के सहायतार्थ सरकार इसके लिए आवश्यक कदम उठायेगी |
Sanjay
Sanjay 5 साल 3 महीने पहले
बजट जो है उसका सदुपयोग दूसरी बात यह है योग यूनानी होम्योपैथी के लिए ज्यादा से ज्यादा बजट पारित हो प्रशिक्षण ट्रेनिंग विज्ञापन बहुत कम चाय अधिक होना चाहिए और यह है प्रशिक्षण ट्रेनिंग दिल्ली प्रतिदिन रोज चलना चाहिए सच बात तो यह है कि सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है जांच पड़ताल की आवश्यकता है रतन पारदर्शी बनाया जाए सिस्टम नया अविष्कार नए प्लान नई योजना नहीं हो रहा। न्यू आइडिया न्यू टेक्नोलॉजी हेलो न्यू इन्वेंशन कहां है कुछ ना कियाl योजना क्रियान्वयन 100% नहीं है कैसे होगा बजट का सदुपयोग पूछे बताएं?
NAVIN CHANDRA PATHAK
NAVIN CHANDRA PATHAK 5 साल 3 महीने पहले
मेरा व्यक्तिगत अनुभव दर्शाता है कि किसी बिमारी में जहाँ एलोपैथ उपचार पद्धति से उसका सही तरीके से उपचार संभव नहीं हो पाता है वहाँ अन्य उपचार पद्धति जैसे होमियोपैथ, आयुर्वेद इत्यादि एक प्रमुख भुमिका निभाती है और बिमारी को जड़ से खत्म करने में मदद करती है | इसलिए सरकार द्वारा इन चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाना चाहिए जिससे आम नागरिकों को चिकित्सीय सुविधा आसानी से एवं सस्ते दर मिल सके | इसके लिए सरकार को हरेक गाँव में सभी प्रकार का चिकित्सा केंद्र खोलने की योजना तैयार करना चाहिए
NAVIN CHANDRA PATHAK
NAVIN CHANDRA PATHAK 5 साल 3 महीने पहले
श्रद्धेय प्रधानमंत्री जी, मेरा सुझाव है कि देश के नागरिकों के स्वास्थ्य का आँकड़ा संग्रह करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा संपूर्ण देश में एक स्वास्थ्य जनगणना अभियान चलाया जाय और सभी नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का डाटा बेस तैयार किया जाय | इसके आधार पर सम्पूर्ण देश में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना एवं सभी प्रकार के चिकित्सा की व्यवस्था किया जाय | सभी व्यक्तियों के स्वास्थ्य संबंधी आँकड़ों को आधार से लिंक कर दिया जाय और आर्थिक विपदा की स्थिति में बिना किसी भेदभाव के उनकी सहायता किया जाय |