VIJAY KUMAR VISHWAKARMA
11 साल 5 महीने पहले
भारतीय प्रवासी दिवस की जानकारी अक्सर मीडिया से प्राप्त होती है और कार्यक्रम सम्पन्न भी हो जाता है, शेष भारतीयों को बातें साझा करने का मंच ही नही मिलता सिवाय गिने चुने जनों के, या ये कह लें धनाडयों के सिवाय अाम भारतीय, प्रवासी जनो से मिल ही नही पाता. अतएव एक ऐसा मंच हो जहां सभी अपने विचार साझा कर सकें यह वास्तविक भी हो सकता है और वर्चुअल भी. डिजिटल इंडिया की बात कर रहे हैं तो मेल मिलाप भी डिजिटल हो सकता है.
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