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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 30 अक्टूबर 2022 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 30 अक्टूबर 2022 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!
आरंभ करने की तिथि :
Oct 03, 2022
अंतिम तिथि :
Oct 28, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 94वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

30 अक्टूबर 2022 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें|

फिर से कायम कर देना
3259 सबमिशन दिखा रहा है
ROHITKUMARKAUSHAL
ROHITKUMARKAUSHAL 3 साल 8 महीने पहले
आदरणीय देश के यशस्वी एवं भारत निर्माण निर्माता माननीय प्रधानमंत्री जी आपको सादर प्रणाम हम सभी की आयु भी आपको लगे और आप ऐसे ही निरंतर देश को ऊंचाइयों पर ले जाएं l महोदय सादर अवगत कराना है कि हम सभी प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र उत्तर प्रदेश के समस्त जनपद चिकित्सालय तथा उसके अधीनस्थ राजकीय चिकित्सालय में आयुष्मान मित्र के पद पर पूरी ईमानदारी से एवं सुचारु से अपना कार्य कर रहे हैं परंतु महोदय हम सब की नियुक्ति में हुई विसंगति तथा मानदेय विसंगति में उत्पन्न समस्याओं के कारण हम सभी का मानदेय समय पर नहीं मिल पा रहा है तथा साथ-साथ हम में से कई साथियों का मानदेय अभी तो कई वर्षों से नहीं मिला है कुछ जनपद में हम सभी के पद पर की नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई है एवं कुछ जनपदों में विभागीय चयन कमेटी द्वारा संविदा आधारित की गई है जिस कारण समान मानदेय भी मिलने में विसंगत उत्पन्न हो रही है महोदय इसी क्रम में अवगत कराना है कि हम सभी का मानदेय मिलने का जो नियम है वाह हम सभी के भविष्य को अंधेरे में लेकर गर्त की ओर जा रहा है हम सभी के मानदेय हेतु प्रथक बजट करने की कृपा करेंताकि हम सपरिवार चला सके
P MADHUSUDAN RAO
P MADHUSUDAN RAO 3 साल 8 महीने पहले
RESPECTED PM GARU,IS IT CALLED OUR COUNTRY DEMOCRATIC ALTHOUGH NOT AVAILED ANY KIND OF JUSTICE FOR 21 LAKH POOR FAMILIES AND SENIOR CITIZENS SINCE FOUR YEARS .WE ARE NOT CRIMINALS WE ARE SERVICED EMLOYEES, POOR FARMERS,ORDINARY BUSINESS PEOPLE,WIDOWS,UNMARRIED WOMAN,POOR SENIOR CITIZENS,HANDICAPPED PEOPLE,DEPENDANTS.WE ARE NOT RICH,NOT CAPITALISTS,NOT LAND LORDS.WE ARE INDIANS AND FROM ALL OVER INDIA.WE ARE DEPOSITORS OF ADARSH MULTISTATE COOPERATIVE SOCIETY .WE ARE DECEIVED BY FRAUD DIRECTORS,FRAUD CENTRAL GOVT COOPERATIVE DEPT EMPLOYEES.DIRECTORS COLLECTED CRORES OF MONEY BY ATTRACTING IN DIFFERENT METHODS FROM US AND NOW THEY ARE ENJOYING WITH POOR PEOPLE HARD EATNED MONEY.CENTRAL COOPERATIVE DEPT DECEIVED US BY GIVING SUPPORT TO FRAUD SOCIETY BY GIVING GOOD PERFORMANCE CERTIFICATE TO SOCITYSINCE 20 YEARS WITH OUT PROPER AUDIT EVERY YEAR.WE POOR DEPOSITORS ROARING BATHERING ON ROADS BY REPRESENTING YOU OUR BURNING ISSUR IN SO MANY WAYS.BUT YOU ARE NIT RESPONDING .IT IS MISERABLE.
Sakshi Jha
Sakshi Jha 3 साल 8 महीने पहले
नमस्कार सर.. कचरे से कंचन आपने कहा और हमने करके दिखाया, मैं साक्षी झा और सरफराज अली दोनों आर्टिस्ट हैं हम दोनों गाजियाबाद में रहते हैं और हमने अपनी आर्ट को इनोवेशन में कन्वर्ट किया और प्लास्टिक वेस्ट से आर्ट बनाना शुरू किया, पिछले 5 साल से प्लास्टिक वेस्ट से अपने शहर, अपने स्टेट और अपने देश के लिए प्लास्टिक वेस्ट से वॉल मुरल, स्कल्पचर और प्लास्टिक वेस्ट से यूटिलिटी प्रोडक्ट बना रहे हैं, हमारे द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट जैसे बच्चों के बैठने के लिए स्कूल बेंच और sitting आंगनवाड़ी स्कूल में काम आ रहे हैं, जिन पर बच्चे बैठकर प्लास्टिक वेस्ट के बारे में ज्ञान प्राप्त करते हैं और प्लास्टिक वेस्ट से होने वाले नुकसान के बारे में अवगत होते हैं, आंगनवाड़ी स्कूल में इस्तेमाल यह प्लास्टिक वेस्ट से बना फर्नीचर कचरे से मुक्ति देने के साथ-साथ सस्ता भी पड़ता है| हाल ही आपके द्वारा मन की बात में मेरठ के कबाड़ से जुगाड़ अभियान की सराहना की गई, यह मेरठ में हमारे द्वारा ही किया गया कार्य था माननीय प्रधानमंत्री जी आपसे अनुरोध है कि हमारे कार्य की पहचान के साथ-साथ हमें भी पहचान मिले| धन्यवाद
Sankar Saha
Sankar Saha 3 साल 8 महीने पहले
To the Hon. Prime Minister of India, New Delhi. Illegally filling of ponds has increased to a great extent in our country. No individual is coming forward to initiate any litigation against the individual violating the norms of protection of ponds for want of money as well as a hazardous long litigation process. It is suggested humbly to the Honourable Prime Minister of India to enact a law so that State Govt. itself can initiate the filing of a case against the individual involved in the illegal filling up of ponds. Enacting laws in this matter is very urgent, as the international arena is concerned about the abnormal accumulation of greenhouse gas in our globe, which causes multiple bad effects on human health, trees, plants, and other creatures in the world. - Sankar Saha, Rishi Bankim Nagar, Kolkata-700144.
deepak gupta
deepak gupta 3 साल 8 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी सादर नमन आपके द्वारा एक वर्ष बाद बहुत ही इतिहासिक और सदियों तक स्मरण होने वाला एक कार्य होगा , हमारे अराध्य श्री प्रभु राम का अपने जन्म स्थान पर वापसी , आदरणीय कृपया इस मौके को और भी यादगार बनाने के लिए पूरे एक साल का उद्घाटन से पहले पूरे विश्व के सनातन को जोड़ने का एक अभिनव अभियान संसार सनातन समागम यात्रा शुरू करे ,जिसमे हम सभी धर्म ,सभी पंथ , सारी दुनिया को राम से जोड़ने का कार्य करे ,पूरे हिंदुस्तान से सभी राज्य में सभी ग्राम में पूरे भारत को राममय करने का प्रयास करे इसमें प्रयास हो ही पूरे 135 करोड़ भारतीय इस पुनीत कार्य में जुड़े अपने धर्म अपने मजहब से ऊपर उठ कर एक पूरी परिकल्पना मैने बनाई है कृपया इस पर जरूर गौर करे इस उत्सव को राष्ट्रीय एकता और सद्भावना का त्योहार का नाम दे सर्व धर्म सर्व पंथ सर्व जन सम्मान का सम भाव से आया उत्सव भारत में अभिमान का श्री राम हमारे आ रहे, है मौका विश्व के निर्माण का भारत का हर भारती सोचे विश्व के कल्याण का
narender kumar
narender kumar 3 साल 8 महीने पहले
Res Sir, In health care sector specially in privately owned hospitals / institutes , what we see in majority of cases that Doctors prescribe unnecessary diagnostic tests and medicines. The rates too are very high beyond the reach of middle class. So please make a appeal to healthcare sector to rationalize the rates and pattern of diagnosis as it is service first than revenue model
Sahil Khan
Sahil Khan 3 साल 8 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी। नमस्कार। मेरा नाम सलीम खान है और मैं भीलवाड़ा का रहने वाला हूं। मैं अपने आसपास देखता हूं कि कहीं महिलाएं बीड़ी बनती हैं और बीड़ी बांधने से उन्हें कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है और वह बीड़ी बनाने में इतनी मेहनत करती हैं उनको इतनी मजदूरी भी नहीं मिलती है आप मन की बात कार्यक्रम में देश की कई समस्याओं को सुनते हैं आपसे निवेदन है कि आप इस बार मन की बात कार्यक्रम में इस समस्या पर भी चर्चा करने का अनुग्रह करें। धन्यवाद