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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 27 नवंबर 2022 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

मन की बात
आरंभ करने की तिथि :
Nov 03, 2022
अंतिम तिथि :
Nov 25, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 95वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

27 नवंबर 2022 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें|

फिर से कायम कर देना
3016 सबमिशन दिखा रहा है
Kiran Kumar Tavva
Kiran Kumar Tavva 3 साल 7 महीने पहले
Respected PM Ji, unauthorized vendors / hawkers doing business irrespective of location in India then how much unofficial amount filling pockets of respective Authorities. For the unauthorized vendors / hawkers has also to be registered with Local Municipalities/ Corporations / Panchayats with Aadhar & Pan. Then can find how much Income they can earn in a FY
abhishek yadav
abhishek yadav 3 साल 7 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी आप हमेसा से ही जन मुद्दों को उठाते आ रहे हैं लेकिन इसी बीच जो हमारे देश को खोखला कर रहा है और हमारे देश का सबसे ज्वलंत मुद्दा है उस पर न तो आप और न ही कोई नेता इस पर बात करना चाह रहा है और मुद्दा है दहेज आज दहेज के कारण न जाने कितने बच्चों का जीवन अंधकार में जा रहा है कितने मां बाप कर्ज को बोझ के तले दब चुके हैं पर इस मुद्दे पर कोई बात क्यूं नहीं करना चाहता और हां इसके लिए सबसे बड़ा कारण है सरकारी नौकरी अगर आप एक ऐसा कानून बना दे कि जो भी सरकारी नौकरी वाला दहेज लेगा उसकी नौकरी तो जायेगी साथ में वो जेल भी जायेगा