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जेल सुधार

आरंभ करने की तिथि :
Jan 01, 2015
अंतिम तिथि :
Jul 17, 2015
04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
आज कारागार से संबंधित अनेक समस्याएं हैं – ...
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Makarand Joshi
11 साल 4 महीने पहले
पिछले पोस्ट से ..*ऐसा करने से # भविष्य में बढनेवाली गुनेहगारोंकी संख्या कम हो सकने में मदत होगी साथ ही # गुनेहगारोंको संभालने में लगनेवाली लागत को वसूला जा सकता है।* अशिक्षीत/अल्पशिक्षीत कैदियों के कौशल विकास पर भी जोर देना चहिए।* गुनेहगारोंकी गुनाह करनेके पिछे की मानसिकता और सामाजिक कारणों का समजशास्त्री, मानसशास्त्रीयोंद्वारा अध्ययन करके व्यवस्था में सुधार के सतत प्रयत्न करने चाहिए।* जेल परिसर मे* CCTV कॅमेरे बिठाने चाहिए।* जेल कर्मचारियो को भी कैदियों के प्रती बर्ताव के लिए प्रशिक्षीत करना हो
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Makarand Joshi
11 साल 4 महीने पहले
*गुनेहगारोंकी गुनेहगारी पार्श्वभूमी, शिक्षा, व्यवसाय/नौकरी का पुर्वानुभव ध्यान में लेते हुए उनको अलगसे रखा जाना चाहिए क्योंकी गुस्सेमें आकर या गलतीसे किये गुन्हे के आरोपी अगर अट्टल गुनेहगारोंके संपर्क में आते है तो उनकीभी मानसिकता बिगडनी लगती है। *उन्हे मेडिटेशन/काऊंसिलींग के साथ बाबा आमटे जैसे महान व्यक्तीयोंके चरित्र भाषण/डॉक्यूमेंटरी दिखाकर उनमे सकारात्मक भाव पैदा करनेकी जरुरत्त है। * हर कैदी के अनुरूप उसे काम दिया जाना चाहिए। ***भाग-2 आगे की पोस्ट में.....
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Simran prajapati
11 साल 4 महीने पहले
According to me prisoners should be treated hardly so that they get ,how they done with others. Their time table to do work should be decided . We also can use their power to do work like they can do farming at jail areas only .
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HARSHIT JAIN
11 साल 4 महीने पहले
Convicts should not be ill treated in jails. Even, Prisons should be renamed as GoodnessCentres. People inside jails should be taught the value of hardwork, active communication. All those things which makes all mates equal to each other should be carried out. For e.g. no one is superior, absence of materialism, equal treatment. Whenever there is equality, greed, wants, there is crime. No one should be at any cost be allowed to contact with d outside world through mobile, tv,.make jail lyf happy
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AMORESH PAUL
11 साल 4 महीने पहले
PRISONERS SHOULD BE ENGAGED IN YOGA AND ALSO THEY SHOULD BE MADE TO DO REGULAR MUNICIPAL WORKS LIKE CLEANING ROADS AND ALSO THEY SHOULD BE INVOLVED IN SOCIAL ACTIVITIES UNDER SUPERVISION WHICH WILL BRING A CHANGE IN THEM AND MAKE THEM FEEL PART OF SOCIETY.
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KAUSHIK MEHTA
11 साल 4 महीने पहले
INSTEAD OF FOODING TO ALL PRISONERS GOVT. SHOULD TAKE HARD WORK FROM THEM AS PER THEIR KNOWLEDGE UNDER STRICT SUPERVISION.. SPECIALLY FROM TERRORIST TAKE HARD WORK LIKE DIGGING WORK
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Sagar Patel
11 साल 4 महीने पहले
Dear Sir,
There should be spiritual transform programs which includes meditation for all the prisoners. This will make difference in true sense. This practice is already in place in many jails via Art Of Living foundation but it is not regular. There should be directive from Center Govt on this to make it mandatory for all prisoners.
Regards,
Sagar
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SUBRAMANIAN C RAMANARAYANAN
11 साल 4 महीने पहले
Prisoners should be trained in DTP work, agriculture, etc.
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SUBRAMANIAN C RAMANARAYANAN
11 साल 4 महीने पहले
Prisons should be provided with law libraries for the use of inmates. All procedural laws should be made available in local languages in all prisons and the under trials should be given free access to such books including law journals. Thus they can get to know their rights and their limitations. It will work as a deterrent in future if they understand things. A mygov like site should be there for the inmates to lodge anonymous complaints.
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HP JALAN
11 साल 4 महीने पहले
Before prison, reform Police. Basis of recruitment should not be physical body. Police should be recruited based on intellect, aptitude, background, cultural behavior, computer knowledge, training to new techniques.
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