Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

जीईएम पर विभिन्न सेवाएं देने के लिए सेवा अनुबंधों और वित्तीय / बोली लगाए जाने योग्य तकनीकी पैरामीटरों पर लोक परामर्श

Public Consultation on Service Contracts and Financial/Technical Biddable Parameters for offering various Services on GeM
आरंभ करने की तिथि :
Mar 23, 2017
अंतिम तिथि :
Apr 24, 2017
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

Gem.gov.in के बारे में ...

Gem.gov.in के बारे में

केन्द्र सरकार के निर्देशों के तहत निदेशालय जनरल आपूर्ति और निपटान (डीजीएस एंड डी) ने विभिन्न सरकारी विभागों / संगठनों / पीएसयू द्वारा आवश्यक सामान्य उपयोग के सामान और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद की सुविधा के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म गर्वमेंट ई-मार्केट प्लेस (जीईएम) विकसित किया गया है। जीईएम प्रत्यक्ष बिक्री और ई-नीलामी के लिए खरीदारों और विक्रेताओं / सेवा प्रदाताओं को एक आम प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।

हालांकि सामानों की खरीद तो बहुत आम बात है, लेकिन अब सरकार जीईएम प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी इस्तेमाल हेतु खरीदारों के लिए नई सेवा उपलब्ध (जैसे उत्पादों) कराना चाहती है।

उदाहरण के तौर पर जीईएम पर पहले से ही टैक्सी सेवा मौजूद है। सरकारी खरीदार विकल्पों की सूची से चयन कर सकते हैं (जैसे कि निविदा के पैरामीटर) उदाहरण: भर्ती के प्रकार (स्पॉट भर्ती, नियमित भर्ती, लीज पर देना), भर्ती की अवधि (आधा दिन, पूर्ण दिन, मासिक वार्षिक आदि), बनावट (सेडान, हैचबैक), इंजन क्षमता (800 सीसी से 2500 सीसी) आदि। सेवा प्रदाता इन सभी संयोजनों के लिए दर प्रदान करेगा और खरीदार फैसला लेने से पहले विभिन्न सेवा प्रदाताओं के दरों की तुलना कर सकता है। ये सभी सुविधाएं gem.gov.in पर उपलब्ध है।

इस तर्ज पर डीजीएस एंड डी कुछ अन्य सेवाओं के लिए मसौदा तैयार कर रहा है, एसएलए और निविदा योग्य मापदंडों के मसौदा को अब सार्वजनिक परामर्श के लिए रखा गया है। प्रत्येक सेवा के लिए तैयार किए गए विशिष्ट नियमों और शर्तों के साथ-साथ जेम (GeM)पर विभिन्न सेवाएं प्रदान करने के लिए निर्धारित वित्तीय / तकनीकी पैरामीटरों पर राय लेना चाहते हैं।

नीचे दिए गए लिंक्स पर ड्राफ्ट सामान्य सेवा एसएलए और बोली लगाए जाने योग्य पैरामीटर उपलब्ध हैं ।

इनपुट जमा करने की आखिरी तारीख 23 अप्रैल, 2017 है।

नीचे दिए गए हैशटैग का उपयोग करके आप विशिष्ट सेवाओं के लिए सुझाव दे सकते हैं:

(#GeMEnergyConservation)
(#GeMEventManagement)
(#GeMHumanResourceManagement)
(#GeMWasteManagement)
(#GeMWaterConservation)

ऊर्जा संरक्षण सेवाओं का ड्राफ्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें (#GeMEnergyConservation)

इवेंट मैनेजमेंट सर्विसेज का ड्राफ्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें (#GeMEventManagement)

मानव संसाधन प्रबंधन सेवाओं का ड्राफ्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें (#GeMHumanResourceManagement)

कचरा प्रबंधन सेवाओं का ड्राफ़्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें (#GeMWasteManagement)

जल संरक्षण सेवाओं का ड्राफ्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें (#GeMWaterConservation)

फिर से कायम कर देना
129 सबमिशन दिखा रहा है
santosh Kumar gupta
santosh Kumar gupta 9 साल 3 महीने पहले
Unnecessary flea markets come up in areas with heavy traffic , Delhi ( azadpur) do these shopkeepers greasing palms of MCD/ Police road is not to make market it ls for commuting. Jams create pollution , wastage of fuel, create unrest for drivers on road. please take care of this . I am sure this could be seen in every city of the nation . may people come forward to give reports of their areas.
Dharmendra Jakher
Dharmendra Jakher 9 साल 3 महीने पहले
एक पैरामिलिट्री का जवान अपना घर बार सब कुछ छोड़कर देश की सेवा करता ह उसको भी पेंशन नही मिलती लेकिन एक सांसद को एक बार जितने पर भी उसको उसकी बीवी को जिंदगी भर पेंशन मिलती ह जो फिर कभी जीते ही न तो भी ? क्यों भाई? मोदी जी इसके बारे में कुछ जवाब देंगे ? या नही जेटली जी आपको तो पेंशन मिलती ह लकिन जवानो का क्या जिनको आप पेंशन देना भी आपको भारी लग रहा ह : क्यों?
Shubham bharat desale
Shubham bharat desale 9 साल 3 महीने पहले
Due to fees structure the students who belong to poverty are not able to swarrow the proper benefit of education. In India 90 % of educational colleges are private and only 10 % of colleges are government . So why government is lacking behind than private sector ?. And all this 90 % of colleges are like a business for brokers. The fees of private college is much higher than government colleges
Aneesh Melan
Aneesh Melan 9 साल 3 महीने पहले
Projects which are allotted to MP'S(member of parliament).They hand over papers to the concerned department and vanish.The whole project must be controlled and checked up by concerned MP/responsible representative.He should make sure that the project is started and finished at the time frame and that is commissioned for poor peoples usage.
Chitra Johri
Chitra Johri 9 साल 3 महीने पहले
Main Hole Problem is everywhere Night Driving also causes various problems which leads to various deaths in country My request to Government that Respective Area Political leader give instructions to improve conditions of that Roads. Prizes should be given to area wise/city wise good maintained Roads....
Kishore Kumar_19
Kishore Kumar_19 9 साल 3 महीने पहले
नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक रोज पांच व्यक्तियों की मौत गड्ढों या मैनहोल में गिरने से हो जाती है। फिर भी भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी खुला मैनहोल आम बात है। एक हेल्पलाइन नंबर होना चाहिए, जिस पर जनता ऐसी समस्याओं से सरकार को अवगत करा सके।
  •