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छात्र सहयोग प्रणाली को कायम रखना

Sustaining student support systems
आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

छात्र वित्तीय सहायता की कई योजनाएं केन्द्र और राज्य स्तरों पर ...

छात्र वित्तीय सहायता की कई योजनाएं केन्द्र और राज्य स्तरों पर कार्यान्वित की जा रही हैं। क्या वे वास्तव में अभिप्रेत उद्देश्य को पूरा कर सकती हैं? कुछ गंभीर विचार, विद्यमान योजनाओं पर आमंत्रित किए जाते हैं और हमारे छात्रों के लिए वित्तीय सहयोग प्रणाली की गुणवत्ता में कैसे परिवर्तन आएगा ताकि प्रत्येक इच्छुक छात्र उच्चतर शिक्षा में प्रवेश ले सके।

फिर से कायम कर देना
594 सबमिशन दिखा रहा है
Atul Kush
Atul Kush 11 साल 4 महीने पहले
Part7: ..अपनी कलम को यही विराम दूँगा और ईश्वर से कामना करूँगा राष्ट्रहित के लिये दिल से लिखा यह पत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को मिल सके, इसे मै अपना सौभाग्य समझूँगा। सादर धन्यवाद! प्रेषक, अतुल कुश देवरिया(उ.प्र.)
Atul Kush
Atul Kush 11 साल 4 महीने पहले
Part6:..जबतक अंग्रेज थे तबतक अंग्रे़जी हमारी मज़बूरी थी लेकिन अब क्यूँ? संविधान निर्माताओं ने भी हिंदी के विकास और प्रसार के लिये अपनी अभिलासा संविधान मे लिख दी और आगे इसके लिये बहुत समीतिया भी बनी परंतु जमीनी स्तर पर काम नहीं बन सका। कम्प्यूटर इंजीनीयर के तौर पर मै अंग्रे़जी के खिलाफ तो नहीं परंतु मेरा यह खुद का अनुभव है और एक कड़वा सच भी –“ अंग्रे़जी आज हिंदुस्तान मे सिर्फ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिये मजदूर तैयार करने की भाषा है- इससे जॉब मिल सकता है जिंदगी नहीं।...Cont.
Atul Kush
Atul Kush 11 साल 4 महीने पहले
Part5: अब समय आ गया है की SSC इसे लागू करे क्यूँकि तभी जाकर मंत्रालयों मे हिंदी की व्यापकता बढ़ेगी। आप इसे मेरी निजी स्वार्थ की लड़ायी मत समझियेगा। आज इंटरनेट और संचार माध्यम ने सुदूर गाँव मे बैठे एक साधारण नौजवान को सोचेने पर बाध्य कर दिया कि आखिरकार जापान, जो कि 1950 तक पुरा चरमरा गया था,1945 मे परमाणु बम गिरने के बावजूद भी हमसे आगे कैसे निकल गया। चीन के जैसा राष्ट्रप्रेमी शायद ही कोई देश हो जो खाना-पीना,भाषा और शिक्षा तो दूर सर्च इंजन भी अपने देश का ही इस्तेमाल करता हैं। ..Cont,,
Atul Kush
Atul Kush 11 साल 4 महीने पहले
Part4..देश के विभिन्न मंत्रालयों मे कर्मचारियों की भर्ती के लिये SSC प्रतिवर्ष लगभग 20-25 हजार की रिक्तिया निकालती हैं। परीक्षा Pre और Mains दो चरणों मे होती है। Pre मे अंग्रे़जी के 50 और Mains मे 200 अंक है। Pre के पैटर्न मे कोई बदलाव भले ना हो परंतु Mains मे अंग्रे़जी की जगह हिंदी को वैकल्पिक विषय के तौर पे रखा जाएँ। अब यह परीक्षार्थी की स्वेछा पर निर्भर करता है कि वह अंग्रे़जी लेता है या हिंदी(IBPS already follows this pattern for RRBs)।इससे हिंदी विरोधी राज्यों मे कोई आपत्ति नहीं होगी।..Cont
Atul Kush
Atul Kush 11 साल 4 महीने पहले
Part3..होनहार है इस भारत धरा पर जो सुदूर गाँव मे बसते है, इसमें उनकी कोई गलती नहीं कि उनके गाँव मे मेट्रो सिटि जैसे माहौल और अंग्रे़जी माध्यम के विद्यालय नहीं हैं। यह भारत सरकारों की नाकामी रही है जो आजादी के इतने सालो बाद भी गाँव और शहर की शिक्षा प्रणाली और विकास मे सामंजस्य नहीं बैठा पाये और नतीजन आज आधे से अधिक युवा हिंदी और अंग्रे़जी कि मझधार मे फंसे हुए है। मै उसी सुदूर गाँव का एक हुनर हूँ जो इस संछिप्त पत्र के माध्यम से अपनी वेदना प्रकट कर रहा हूँ और एक छोटे से बदलाव की प्रार्थना करता हूँ।
Atul Kush
Atul Kush 11 साल 4 महीने पहले
Part2..कोई समझौता नहीं करते। आपकी सरकार प्राय: हिंदी भाषा के विकास और मंत्रालयों मे साधारण हिंदी बोलने और उपयोग करने की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है और यह देश का दुर्भाग्य ही है आजादी के 67 साल बाद भी हम हिंदी को व्यापक नहीं बना पाये है और ना ही अंग्रे़जी मे कोई बड़ी उपलब्धि हासिल की (क्योकि मात्र कुछ % भारतीय ही अंग्रे़जी बोल/समझ पाते है और वह भी सिर्फ दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता और चेन्नई जैसे मेट्रो शहर मे)। सिर्फ इन शहरों मे विकास कर लेने से देश का विकास नहीं होगा। ऐसे बहुत ..Cont
RAJAN GARG
RAJAN GARG 11 साल 4 महीने पहले
if solar panel is placed on the roof of e-rickshaws lakhs of units of electricity required to charge them can be saved . its environmental friendly too. 2 lakh e-rickshaws are there in only delhi. they use 5-10 units of electricity per day to charge their batteries. we can save 5 lakh units/day almost 25 lakh rupees/ day and 7.5 crore /month. solar panel will continously charge their batteries during working hour.
Atul Kush
Atul Kush 11 साल 4 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी, कल विद्यार्थियों पर आधारित मन कि बात सुनकर बहुत अच्छा लगा। मन आनन्दित होता है जब आप सदैव कुछ करने और देशभक्ति की बात करते है। ग़र्व महसूस होता है जब आप अमेरिका और अन्य देशो मे जाकर हिंदी मे भाषण देते है। शायद यह देश और मातृभाषा की बढ़ती लोकप्रियता ही है जो अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा को भारत दौरे पर हिंदी के दो शब्द बोलेने के लिये मजबूर किया। यह जगजाहिर है कि चीन,जापान और रुस अपनी आजादी के बाद कैसे आगे बढ़े और आज हमसे आगे है।आज भी ये देश अपनी मातृभाषा और सभ्यता के साथ..Cont...
manmohan singh
manmohan singh 11 साल 4 महीने पहले
Sir, as per current AICTE norms, a candidate with M.Sc/MCA with Mtech/ME in CS is not eligible to teach in the engineering college as they have not done B.Tech before M.Tech. (This rule was introduced in year 2010) Many reputated and well known institutions like ISI(Indian statistical institute) offers Mtech in CS to both Btech and MSc/MCA(non Btech) candidates till now. But after passing Mtech from this well known institutions like ISI(Indian statistical institute), the candidate with the bac