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छात्र सहयोग प्रणाली को कायम रखना

Sustaining student support systems
आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

छात्र वित्तीय सहायता की कई योजनाएं केन्द्र और राज्य स्तरों पर ...

छात्र वित्तीय सहायता की कई योजनाएं केन्द्र और राज्य स्तरों पर कार्यान्वित की जा रही हैं। क्या वे वास्तव में अभिप्रेत उद्देश्य को पूरा कर सकती हैं? कुछ गंभीर विचार, विद्यमान योजनाओं पर आमंत्रित किए जाते हैं और हमारे छात्रों के लिए वित्तीय सहयोग प्रणाली की गुणवत्ता में कैसे परिवर्तन आएगा ताकि प्रत्येक इच्छुक छात्र उच्चतर शिक्षा में प्रवेश ले सके।

फिर से कायम कर देना
594 सबमिशन दिखा रहा है
BEEO JASWANTPURA
BEEO JASWANTPURA 10 साल 11 महीने पहले
छात्राें काे वितीय सहायता देने से छात्राें के उदेश्य पुरे किये जा सकते है इससे छात्राें में पढने की भ्ाावना जागती हैं इससे ठहराव भी बढता है
GOTHRA NOONIYA JHUNJHUNU
GOTHRA NOONIYA JHUNJHUNU 10 साल 11 महीने पहले
छात्राें काे एक दुसरे के सहयाेग की भ्ाावना से िवकिसत करना व िश्ाक्षक काे िश्ाक्षाण्ा के दाैरान छात्राें का सहयाेग लेना। कमजाेर छात्र पर वश्ाेष ध्यान देना। िश्ाक्षक द्रारा इस तरह गितिविध्ा का अायाेजना कराये जाये जाे सहयाेग की भ्ाावना सवयं िवकिसत हाे
GOTHRA NOONIYA JHUNJHUNU
GOTHRA NOONIYA JHUNJHUNU 10 साल 11 महीने पहले
बच्चों को मध्याह्न भोजन पर्याप्त मात्रा व सही गुणवत्ता का नहीं मिलता है । * पाठ्यपुस्तके समय पर नहीं मिल रही है । * गणवेश सही गुणवत्ता व समय पर नहीं मिल रही है । इन योजनाओं के संचालन में शिक्षकों का पर्याप्त समय व ऊर्जा व्यय हो रही है, जिससे वे अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन सही ढंग से नहीं कर पा रहे हैं ।
Krishna Murary upadhyay
Krishna Murary upadhyay 10 साल 11 महीने पहले
नमस्ते, मेरा सुझाव है कि इन योजनाओं में प्रति छात्र जो बजट हो उस वर्ष के विद्यालय खुलने के दिन में उस छात्र की उपस्थिति से हिसाब करके उतनी धनराशि प्रोत्साहन के रूप में बच्चे के बैंक खाते में जमा कर दी जाए । परिणाम स्वरूप छात्रों की उपस्थिति बढेगी साथ ही इन योजनाओं में हो रहे घालमेल को रोका जा सकेगा ।
Krishna Murary upadhyay
Krishna Murary upadhyay 10 साल 11 महीने पहले
नमस्ते, मैं वर्तमान योजनाओं में एक बडे परिवर्तन का समर्थन करता हूं * बच्चों को मध्याह्न भोजन पर्याप्त मात्रा व सही गुणवत्ता का नहीं मिलता है । * पाठ्यपुस्तके समय पर नहीं मिल रही है । * गणवेश सही गुणवत्ता व समय पर नहीं मिल रही है । इन योजनाओं के संचालन में शिक्षकों का पर्याप्त समय व ऊर्जा व्यय हो रही है, जिससे वे अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन सही ढंग से नहीं कर पा रहे हैं ।
Krishna Murary upadhyay
Krishna Murary upadhyay 10 साल 11 महीने पहले
नमस्ते, मेरा अनुभव यह है कि यह योजनाएं अभीष्ट लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पा रही है, निस्संदेह इनका उद्देश्य बेहतरी के लिए था तथापि यह क्रियान्वयन की कमियों के चलते सफल नहीं हो रही हैं ।योजनाओं के असफल होने का एक बडा कारण नैतिक मूल्यों का ह्रास है ।और इस दिशा में तुरंत यह किया जाए कि योजनाओं में एक बडा परिवर्तन किया जाए । 1 - मध्याह्न भोजन योजना बन्द कर दी जाए । 2 - निशुल्क पाठ्यपुस्तको का वितरण बन्द कर दिया जाए । 3 - निशुल्क गणवेश वितरण बन्द कर दिया जाए । बच्चों को मध्याह्न भोजन पर्याप्त मात्रा
shailesh bihani
shailesh bihani 10 साल 11 महीने पहले
I want to ask something, I secured 76% im my HSC but when I asked for the seats, they told me seats are full but the student of same category securing 62% have secured his seat in the same college. You and me both know that this is not possible without donation. I have a suggestion that please do a routine check up of college regularly so that this corrupt system can be eliminated from the education system. This is the major obstacle for the youth in developing. Please think about it.
shailesh bihani
shailesh bihani 10 साल 11 महीने पहले
I am concern about various quota, sir I dont know why your education system is making quota in field of intelligence. It is very simple the one who secure good marks should secure good college. Why are you bringing obc, sc, st etc into it. No one here knows the background of any student, whether they are fully facilitated. A poor student from open category secured 80% still he didnt get good college and a rich student from obc category getting 70% gets a good college. please evolve your thinking