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ई-रिसाव की रोकथाम और ई-वेस्ट के उचित रिसाइकलिंग को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय सुझाव आमंत्रित करता हैं

आरंभ करने की तिथि :
Feb 01, 2018
अंतिम तिथि :
Apr 05, 2018
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

इलेक्ट्रॉनिक्स कचरा (ई-कचरा) में आमतौर पर विसर्जित विद्युत और ...

इलेक्ट्रॉनिक्स कचरा (ई-कचरा) में आमतौर पर विसर्जित विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का समावेश होता है। अनौपचारिक क्षेत्र में विशेष रूप से ई कचरा को निपटाने की प्रथा आज विश्व स्तर पर गंभीर चुनौतियां बनती जा रही हैं।

माननीय प्रधान मंत्री ने 01.03.2015 को NASSCOM के एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान "स्वच्छ डिजिटल भारत" के अंतर्गत पर्यावरणीय मुद्दों के लिए जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता पर बल दिया था।

माननीय प्रधान मंत्री के निर्देशों के तहत ही MEITY, अगले पांच साल की अवधि के लिए "डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट के पर्यावरण खतरों पर जागरूकता कार्यक्रम" शुरू किया ताकि अनौपचारिक क्षेत्रों द्वारा ई-अपशिष्ट रिसाइकिलिंग के खतरों के बारे में जनता में जागरूकता पैदा की जा सके। साथ ही ई-कचरे के निपटान करने के वैकल्पिक तरीकों के बारे में उन्हें शिक्षित भी किया जा सके।

ई-कचरे का 95 प्रतिशत से अधिक का उत्पादन अनौपचारिक क्षेत्र द्वारा किया जाता है। अनौपचारिक क्षेत्र का एकीकरण और सुरक्षित रूप से रीसाइक्लिंग प्रौद्योगिकियों तक पहुंच ही स्वास्थ्य और पर्यावरणीय खतरों को कम कर सकती है।साथ ही ई-कचरे के सुरक्षित रीसाइक्लिंग के लिए प्रौद्योगिकी के अलावा, क्षमता निर्माण, कौशल प्रबंधन, वैज्ञानिक रीसाइक्लिंग तंत्र, व्यवसाय प्रबंधन के लिए भी प्रशिक्षण आवश्यक है।

लिहाजा इस संदर्भ में, MEITY अनौपचारिक क्षेत्र में ई-वेस्ट के रिसाव के लिए समाधान प्रदान करने के लिए नागरिकों के सुझावों को आमंत्रित कर रहा है साथ ही ई-वेस्ट के लिए उचित रीसाइक्लिंग प्रौद्योगिकी का सुझाव भी दें जो आर्थिक रूप से सुलभ हो।

सुझाव प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 4 अप्रैल, 2018 है

ई-वेस्ट के बारे में और जानकारी के लिए कृपया GREENE website पर जाएं।

फिर से कायम कर देना
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Digvijay Singh
Digvijay Singh 8 साल 4 महीने पहले
अक्सर बात उन बड़ी चीजों की ही होती है जैसे टीवी रेडियो जो खराब हो जाने पर अक्सर जब ठीक ना हों तो फैंक दिए जाते हैं। मगर कुछ छोटी चीज़ें जैसे सीएफएल बल्ब्स आदि जब बेकार हो जाने पर फेंक दिए जाते हैं तो अक्सर वे टूट जाते हैं इससे उनमें पाया जाने वाला पारा मिट्टी या पानी में चला जाता है। मोबाइल्स की बैटरी के खराब हो जाने पर भी कमोवेश ऐसा ही हाल होता है। यह स्थिति अक्सर सभी गांवों में एक समान है। इन चीज़ों की रीसाइक्लिंग कब, कहाँ ओर कैसे की जाती है, शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे इस विषय के बारे में पता हो।
VELKUMAR
VELKUMAR 8 साल 4 महीने पहले
Hi,The concept e-waste is not waste, its way for new invention. If the radio is not work we throw it away, but in the radio circuit there is lots of useful component are there, we can use it. Even we can make one common place in every town, city, etc., under gov. to help the researcher or student to grab the component from e-waste that we collect from every one. It helps the student to get component for invention. Using the Other non useful component we can make recycle. kind Regards, Velkumar
mukta manish naik
mukta manish naik 8 साल 4 महीने पहले
આપણે ઇ-વેસ્ટ બાબતમાં નાગરિકોમાં જાગરૂકતા અને ઇ-વેસ્ટ ની ગંભીરતા વિષે નાગરિકોને ભવિષ્યમાં ઉભી થનાર ગંભીર પર્યાવરણ ની સમસ્યાઓથી એક મિશન ની જેમ પ્રયત્નો કરવા પડશે. મારુ એવું સૂચન છે કે નગરો, મહાનગરોમાં જેમ ઘર ઘર કચરો લઈએ છીએ તેમ કોઈ ચોક્કસ દિવસે (દા. ત. રવિવાર) ઇ-વેસ્ટ ભેગો કરવામાં આવે અને આ ઇ-વેસ્ટ ની કિંમત નક્કી કરી આ રકમ ને વેરામાંથી બાદ આપવામાં આવે. જેના બે ફાયદા છે એક વેરા પેટે ની રકમ મળશે અને પાલિકાઓ એનું ચોક્કસ વર્ગીકરણ agency ઘ્વારા નિકાલ કરી આવક ઉભી કરી શકશે. અને ઘણી રોજગારી પણ મળી શકે.
Bala Krishnan
Bala Krishnan 8 साल 4 महीने पहले
E waste can be reused efficiently if we manage to create a logistic chain to take them back to the companies which manufactured it. If this is achieved, then the companies can find a way to deal with it. My suggestion would be to facilitate all shops, super markets or even malls (where ever such electronic goods are sold) for receiving e waste which can then be given back to the companies which are manufacturing them. Awareness programs can be conducted for people's participation..
JAGDISH PATHAK
JAGDISH PATHAK 8 साल 4 महीने पहले
Hon. PM and Govt. has very honest and nation interest concept in respect to banking policy, the NPA account was kept hidden or by renewing the loan or refreshing the loan without paying the earlier loan,the NPA was fictitiously concealed, but, the Hon.PM has honestly expose and take action again the defaulter in the national interest is great action,such fact should be properly persue to the people,so the people can know the reality of NPA and defualter,instead of misleaded by other,best wishes